Monday, July 26, 2021
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लाल किले पर निशान साहिब का झंडा फहराने वाले जुगराज के परिवार को मिला सम्मान, पुलिस ने रखा है ₹1 लाख का इनाम

जुगराज सिंह, पंजाब के वान तारा सिंह गाँव का निवासी है। उसके विरुद्ध दंगे करने और देशद्रोह जैसी धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने 3 फरवरी को पूरे मामले में दीप सिद्धू, जुगराज सिंह और अन्य आरोपितों के ऊपर ईनाम की घोषणा की थी।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस के अवसर पर हुई हिंसा के दौरान लाल किला पर जाकर निशान साहिब का झंडा फहराहने वाले जुगराज सिंह की तलाश दिल्ली पुलिस काफी समय से कर रही है। इस बीच खबर आई है कि उसके परिवार को अमृतसर के हरमिंदर साहिब में बुधवार को एक आयोजन के दौरान सम्मानित किया गया।  

जुगराज सिंह, पंजाब के वान तारा सिंह गाँव का निवासी है। उसके विरुद्ध दंगे करने और देशद्रोह जैसी धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने 3 फरवरी को पूरे मामले में दीप सिद्धू, जुगराज सिंह और अन्य आरोपितों के ऊपर ईनाम की घोषणा की थी

जानकारी के मुताबिक, बुधवार को हरमिन्दर साहिब में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्य आयोजकों में संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधि जैसे बीकेयू (क्रांति) के अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल, दल खालसा के अध्यक्ष हरपाल सिंह चीमा, आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता सुखपाल सिंह खैरा, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के महासचिव प्रो सिंह जैसे तमाम लोग थे। जिन्होंने कार्यक्रम के दौरान 26 जनवरी को हुई हिंसा के आरोपित लक्का सिधाना को अपना समर्थन दिया। सिधाना पर पुलिस ने 1 लाख रुपए का ईनाम घोषित किया हुआ है। इसके अलावा भारत बंद को सबने सपोर्ट किया।

बता दें कि हरमिंदर साहिब में इस कार्यक्रम को नवरीत सिंह की याद में आयोजित किया गया था। नवरीत की मृत्यु गणतंत्र दिवस पर बैरिकेडिंग तोड़ने के कारण हुई थी। गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में अराजकता पैदा करने वाले उन दंगाइयों के परिवारों को सम्मानित करते हुए बुधवार को स्वर्ण मंदिर में पंजाब के सिख युवाओं के परमजीत सिंह मंडा ने बताया,

“26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च के दौरान पुलिस की गोलियों से मारे गए नवरीत सिंह की याद में समारोह आयोजित किया गया। पंजाब के सिख युवाओं द्वारा अरदास और श्रद्धांजलि समागम का आयोजन उन सभी किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए किया गया जिन्होंने आंदोलन में भाग लेते हुए अपनी जान गँवाई।”

उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी को हिंसा के बाद दिल्ली ने तमाम दंगाइयों के विरुद्ध पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए थे। नवरीत की मृत्यु पर झूठ फैलाने वाले पत्रकार राजदीप सरदेसाई, शशि थरूर, जैसी नामी हस्तियों के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई हुई थी। इसके बाद 19 फरवरी को दिल्ली पुलिस नेलाल किला हिंसा मामले में 200 लोगों की तस्वीर जारी की थी। इन सभी पर हिंसा में शामिल होने का आरोप है। दिल्ली पुलिस ने बताया था कि उन्होंने विभिन्न स्रोतों से मिले वीडियो को स्कैन करने के बाद आरोपितों की तस्वीर जारी की।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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