Monday, July 26, 2021
Homeदेश-समाज'शिवसेना से जान का खतरा': कंगना रनौत ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- मुंबई से...

‘शिवसेना से जान का खतरा’: कंगना रनौत ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- मुंबई से सारे केस शिमला कर दें ट्रांसफर

याचिका में दोनों ने कहा, "इस पर ध्यान देना ज़रूरी है कि महाराष्ट्र में शिवसेना की सरकार हमें प्रताड़ित कर रही है।" साथ ही संजय राउत द्वारा कंगना रनौत को 'हरामखोर लड़की' कहें जाने वाले बयान का भी जिक्र किया गया है।

कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल ने सुप्रीम कोर्ट से जान की सुरक्षा की गुहार लगाई है। कंगना ने अपने खिलाफ चल रहे मामले को हिमाचल प्रदेश ट्रांसफर करने का अनुरोध करते हुए कहा है कि महाराष्ट्र में उन्हें शिवसेना से जान का खतरा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से निवेदन किया है कि मुंबई की अदालतों में उनके खिलाफ चल रहे सभी मामलों को शिमला में ट्रांसफर किया जाए।

इनमें गीतकार जावेद अख्तर द्वारा कंगना रनौत के खिलाफ दायर किया गया आपराधिक मानहानि का मामला भी शामिल है। कंगना रनौत और उनकी बहन ने कहा कि ये सारे मामले बनावटी हैं और दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से दायर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुँचाने और उन्हें प्रताड़ित करने के लिए ये सब किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें देश की न्याय-व्यवस्था पर भरोसा है, लेकिन मुंबई में जान-माल का खतरा है।

अपनी याचिका में दोनों ने कहा, “इस पर ध्यान देना ज़रूरी है कि महाराष्ट्र में शिवसेना की सरकार हमें प्रताड़ित कर रही है।” साथ ही संजय राउत द्वारा कंगना रनौत को ‘हरामखोर लड़की’ कहें जाने वाले बयान का भी जिक्र किया गया है। कंगना रनौत के पाली हिल बँगले को लेकर भी BMC ने केस दायर किया है। कुल 4 ऐसे मामले हैं, जिन्हें शिमला ट्रांसफर करने का अनुरोध किया गया है। इनमें आपराधिक मामले भी हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

यूपी के बेस्ट सीएम उम्मीदवार हैं योगी आदित्यनाथ, प्रियंका गाँधी सबसे फिसड्डी, 62% ने कहा ब्राह्मण भाजपा के साथ: सर्वे

इस सर्वे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री बताया गया है, जबकि कॉन्ग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गाँधी सबसे निचले पायदान पर रहीं।

असम को पसंद आया विकास का रास्ता, आंदोलन, आतंकवाद और हथियार को छोड़ आगे बढ़ा राज्य: गृहमंत्री अमित शाह

असम में दूसरी बार भाजपा की सरकार बनने का मतलब है कि असम ने आंदोलन, आतंकवाद और हथियार तीनों को हमेशा के लिए छोड़कर विकास के रास्ते पर जाना तय किया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,226FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe