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मस्जिद के पास हो हिंदू का मकान तो क्या होता है, मनीष शुक्ला से पूछिएः दावा- मुस्लिम बहुल इलाके से पलायन की दी चेतावनी, फिर जागी पुलिस

"मैं खुद पीड़ित परिवार के सम्पर्क में हूँ और क्षेत्र में पुलिस मुस्तैदी से गश्त भी कर रही है। पीड़ित परिवार को खतरे जैसी कोई बात नहीं है।"

उत्तर प्रदेश के कानपुर में है, रावतपुर। इसी इलाके के रहमत नगर की मस्जिद के सामने मनीष शुक्ला अपने परिवार के साथ रहते हैं। शुक्ला की माने तो इस मुस्लिम बहुल इलाके में उन्हें परेशान किया जा रहा। शुरुआत में पुलिस ने भी कथित तौर पर उनकी फरियाद अनसुनी कर दी। लेकिन जब उन्होंने पलायन की धमकी दी तो पुलिस हरकत में आई।

शुक्ला का आरोप है कि घर के बाहर खड़ी उनकी कार का शीशा 1 अगस्त 2022 को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने तोड़ दिया। उसके पहले भी उनके घर पर पथराव किया गया था। उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर पुलिस जाँच कर रही है। लेकिन मनीष का आरोप है कि घटना के बाद जब वे अपनी शिकायत लेकर पहुँचे तो पुलिस ने उसे गंभीरता से नहीं लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस के रवैए को देख मनीष ने शुक्रवार को न्याय नहीं मिलने पर परिवार सहित इलाके से पलायन की चेतावनी दी। बताया जाता है कि इस इलाके में अब वे इकलौते हिंदू परिवार बचे हैं। मनीष के परिवार में भाई, माँ, पिता, पत्नी और 2 बच्चे हैं। उनका घर रहमत नगर की मस्जिद के सामने बना हुआ है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक कल्याणपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी दिनेश शुक्ला ने कहा, “मनीष के घर के आसपास कोई CCTV कैमरा न होने के चलते आरोपितों की पहचान में दिक्कत आ रही है। उनकी शिकायत पर FIR दर्ज कर लोगों से पूछताछ की जा रही है। जाँच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

बताया जाता है कि इस मामले में मनीष ने 1 अगस्त को ही पुलिस से शिकायत की थी। लेकिन FIR दर्ज नहीं की गई। न ही किसी आरोपित पर कार्रवाई हुई। ऐसे में मनीष को मजबूर होकर पलायन की चेतावनी देनी पड़ी।

ऑपइंडिया ने इस घटना पर SHO रावतपुर से बात की। उन्होंने बताया, “पलायन जैसी कोई बात नहीं है। पीड़ित ने घर के बाहर कार खड़ी की थी जिसका शीशा चटक गया था। FIR दर्ज कर हम आरोपित की तलाश कर रहे हैं। मैं खुद पीड़ित परिवार के सम्पर्क में हूँ और क्षेत्र में पुलिस मुस्तैदी से गश्त भी कर रही है। पीड़ित परिवार को खतरे जैसी कोई बात नहीं है। इलाके में उनका तमाम लोगों के घर आना-जाना भी लगा रहता है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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