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कर्नाटक में MLA की माँ सहित चार परिवारों ने ईसाई धर्म छोड़ की हिन्दू धर्म में घरवापसी, मंदिर में पूजा-अर्चना कर सुधारी गलती

गुलीहट्टी शेखर ने बताया था कि उनकी माँ का धर्मांतरण करा उन्हें माथे पर कुमकुम का तिलक नहीं लगाने को कहा गया था। हालात ये हो गए थे उनकी माँ घर के पूजा स्थल में स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमा तक को नहीं देखना चाहती थी। यहाँ तक कि उनकी फोन की रिंगटोन भी ईसाई प्रार्थनाओं में बदल गई थी।

कर्नाटक विधानसभा में हिंदुओं के ईसाई में धर्मांतरण का मुद्दा उठाने वाले चित्रदुर्ग जिले से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री गुलीहट्टी शेखर की मेहनत आखिरकार रंग लाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार (11 अक्टूबर 2021) को भाजपा विधायक की माँ सहित चार परिवारों ने ईसाई धर्म से हिंदू धर्म में वापसी की है।

शेखर ने मीडिया से बातचीत में बताया, ”मेरी माँ सहित चार परिवार के सदस्यों ने ईसाई धर्म का पालन करने के बाद घर वापसी की है। इन्होंने आखिरकार अपनी गलती सुधार ली है।” उन्होंने बताया हिंदू धर्म में वापसी करने वालों ने आज मंदिर में पहले पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने अपने फैसले पर खुशी व्यक्त की। पूर्व मंत्री का कहना है कि इन लोगों को बहला-फुसलाकर इनकी आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया, लेकिन अब इन्होंने फिर से हिंदू धर्म अपना लिया है।

राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में यह मुद्दा उठाते हुए शेखर ने दावा किया था कि उनकी माँ सहित 20,000 से अधिक लोगों का ईसाई धर्म में धर्मांतरण कराया गया था। उन्होंने ईसाई मिशनरियों पर कार्रवाई की माँग की थी। साथ ही कहा था कि जो लोग इनका विरोध करते हैं उन्हें मिशनरी दुष्कर्म और प्रताड़ना के झूठे मामलों में फँसा देती है। राज्य के गृह मंत्री ए ज्ञानेंद्र ने उन्हें इस दिशा में कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन अपराध है।

गौरतलब है कि गुलीहट्टी शेखर ने बताया था कि उनकी माँ का धर्मांतरण करा उन्हें माथे पर कुमकुम का तिलक नहीं लगाने को कहा गया था। हालात ये हो गए थे उनकी माँ घर के पूजा स्थल में स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमा तक को नहीं देखना चाहती थी। यहाँ तक कि उनकी फोन की रिंगटोन भी ईसाई प्रार्थनाओं में बदल गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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