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कर्नाटक में बनेगी 112 फीट ऊँची शिव की प्रतिमा, नवग्रह मंदिर के लिए भी ईशा फाउंडेशन का काम जारी: सद्गुरु के साथ कर्नाटक CM ने ‘नाग मंडप’ का उद्घाटन किया

यह सेंटर पूर्ण आध्यात्मिक केंद्र होगा और यहाँ योग और कलारीपयट्टू (केरल से मार्शल आर्ट का एक पारंपरिक रूप) को ‘ईशा संस्कृति’ के नाम से पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा ध्यान, व्यक्तित्व एवं नेतृत्व विकास को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

ईशा फाउंडेशन (Isha Foundation) के प्रमुख सद्गुरु जग्गी वासुदेव (Sadguru Jaggi Vasudev) ने कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर (Chikkaballapur, Karnataka) में नाग मंडप का अनावरण किया। यहाँ ‘आदियोगी शिव’ की 112 फीट ऊँची प्रतिमा और नवग्रह मंदिर के निर्माण का काम जारी है। इसका निर्माण कार्य अगले साल पूरा तक हो सकता है और इसे लोगों के लिए मकर संक्रांति तक खोला जा सकता है।

राजधानी बेंगलुरु से 70 किलोमीटर दूर अगलागुरकी गाँव में यह ईशा फाउंडेशन का दूसरा सेंटर है। इसका उद्घाटन कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने चिक्कबल्लापुर के विधायक डॉ के सुधाकर की उपस्थिति में ‘श्लोकों’ के जाप और स्थापना अनुष्ठान से किया।

100 एकड़ में फैले और चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरे इस जगह पर ईशा फाउंडेशन की आधुनिक सुविधा 2-3 वर्षों में पूरी तरह शुरू हो जाएँगी। ईशा फाउंडेशन के अधिकारियों का कहना है कि चिक्कबल्लापुर केंद्र कोयंबटूर परिसर की प्रतिकृति होगा, जिसमें 112 फीट की आदियोगी शिव प्रतिमा, 8 नवग्रह मंदिर और एक अद्वितीय भैरवी मंदिर शामिल हैं।

यह सेंटर पूर्ण आध्यात्मिक केंद्र होगा और यहाँ योग और कलारीपयट्टू (केरल से मार्शल आर्ट का एक पारंपरिक रूप) को ‘ईशा संस्कृति’ के नाम से पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा ध्यान, व्यक्तित्व एवं नेतृत्व विकास को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

इस अवसर पर सीएम बोम्मई ने कहा, “सद्गुरु कर्नाटक के एक वैश्विक गुरु हैं। वह महान रचनात्मकता वाले व्यक्ति हैं जो एक पत्थर को सुंदर बना सकते हैं और इस पैमाने का एक केंद्र स्थापित कर सकते हैं जो राज्य और किसानों के लिए भी नए रास्ते खोलेगा। वह वह है जो समय के खिलाफ दौड़ता है और जीतता भी है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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