Homeदेश-समाजबेंगलुरू समेत कर्नाटक के कई जिलों में सुनाई दी रहस्यमयी आवाज, घर की खिड़कियाँ...

बेंगलुरू समेत कर्नाटक के कई जिलों में सुनाई दी रहस्यमयी आवाज, घर की खिड़कियाँ हिलीं: सुपर सोनिक बूम की आशंका

बेंगलुरू में यह घटना सुबह 11.50 से 12.15 बजे के बीच हेमीगेपुरा, केंगेरी, ज्ञानभारती, राजराजेश्वरी नगर और कग्गलीपुरा में हुई। वहाँ के लोगों ने तेज आवाज के झटके को महसूस किया।

कर्नाटक के बेंगलुरू समेत कई जिलों में शुक्रवार (26 नवंबर 2021) की दोपहर रहस्मयी तरीके से बहुत ही तेज आवाज सुनाई दी। इसके बाद चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। इस घटना को लेकर राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र (केएसएनडीएमसी) ने बताया कि फिलहाल कहीं पर भूकंप के कोई संकेत नहीं नजर आ रहे हैं। वहीं पुलिस ने इसे सुपरसोनिक बूम करार दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरू में यह घटना सुबह 11.50 से 12.15 बजे के बीच हेमीगेपुरा, केंगेरी, ज्ञानभारती, राजराजेश्वरी नगर और कग्गलीपुरा में हुई। वहाँ के लोगों ने तेज आवाज के झटके को महसूस किया।

इस घटना को लेकर KSNDMC के निदेशक ने एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया था, “हेमीगेपुरा, केंगेरी, ज्ञानभारती, राजराजेश्वरी नगर और कागलीपुरा व बेंगलुरु के स्थानीय निवासियों को आज 26 नवंबर 2021 को सुबह 11.50 बजे से दोपहर 12.15 बजे के बीच हल्के कंपन और तेज साउंड सुनाई दिया। उस अवधि के दौरान किसी भी तरह के भूकंपीय संकेतों को जानने के लिए हमारी भूकंपीय वेधशालाओं से डेटा का विश्लेषण किया गया था। सीस्मोग्राफ स्थानीय झटके / भूकंप के कोई संकेत नहीं दिखाते हैं।”

घटना के बाद कुछ लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए हालात के बारे में बात की। कुछ उपयोगकर्ताओं ने कहा कि दरवाजे और खिड़कियाँ काँपने लगे थे। लोगों ने यह भी सवाल किया कि क्या यह एक और सोनिक बूम था।

गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है जब बेंगलुरू में इस तरह की रहस्यमयी आवाज सुनने को मिली है। इससे पहले इसी साल जुलाई में भी दक्षिण बेंगलुरू में रहस्यमयी तरीके से तेज आवाज को सुना गया था। वह आवाज इतनी तेज थी के लोगों के घरों के खिड़की के शीशे तक टूट गए थे। उससे पहले पिछले साल मई 2020 में भी बेंगलुरू में इसी तरह की आवाज सुनाई दी थी। काफी समय के बाद पता चला कि यह रहस्यमयी आवाज भारतीय वायुसेना के परीक्षण की उड़ान थी। इस दौरान फाइटर प्लेन ने आवाज की गति से भी तेज रफ्तार से उड़ान भरी थी, जिससे ऐसी आवाज उत्पन्न हुई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

INDI गठबंधन की बैठक में आई पार्टियाँ बजा रही थी अपनी ढपली अपना राग, उधर एक झटके में 21 सांसद हो गए कम: जानें...

एक तरफ दीदी दिल्ली में विपक्षी एकता की नई स्क्रिप्ट लिख रही थीं, तो दूसरी तरफ एक ही झटके में उनके 21 सांसद कम हो चुके थे।

बंगाल में CAA-विरोधी दंगों की जाँच के आदेश, UP स्टाइल में होगी वसूली: पढ़ें ममता सरकार ने इस्लामी कट्टरपंथियों को कैसे दी थी रेलवे...

बंगाल में 2019 के CAA विरोधी दंगों की जाँच फिर से होगी। सीएम शुभेंदु ने रेलवे को हुए 93 करोड़ के नुकसान और हिंसा की समीक्षा के आदेश दिए हैं।
- विज्ञापन -