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बेंगलुरु में भयानक गर्जना से लोगों में दहशत, लोगों ने बताया सोनिक बूम या एलियंस के आने की आहट

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने यह भी अनुमान लगाया कि यह भारतीय वायु सेना के एक सुपरसोनिक फाइटर जेट द्वारा बनाया गया एक सोनिक बूम था। कई लोगों ने यह भी कहा कि यह एक मिराज 2000 से पैदा हुई आवाज थी, और बताया कि आज सुबह से ही इस क्षेत्र पर जेट विमान उड़ रहे हैं।

बेंगलुरु में बुधवार (मई 20, 2020) दोपहर करीब 1.30 मिनट पर एक रहस्यमयी और अजीबोगरीब आवाज सुनने को मिली, जिससे लोगों में दहशत फैल गई है। शहर के पूर्वी इलाकों में अजीबोगरीब आवाज ने वहाँ रह रहे लोगों को हैरत में डाल दिया है। इसके बाद से ही सोशल मिडिया पर इसे लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

कुछ बेंगलुरु निवासियों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस क्षेत्र में एक तेज आवाज के साथ ही झटके भी महसूस किए गए। साथ ही घरों की खिड़कियाँ भी कुछ पलों तक हिलती रहीं।

कुछ एजेंसियाँ इस आवाज के बारे में पता करने में जुटी हैं। आशंका जताई जा रही हैं कि यह भूकंप की आवाज थी, या फिर किसी प्रकार के विमान की आवज। यहाँ तक कि लोगों ने इसे एलियंस के आने की सूचना तक बता दिया। इसके बाद ट्विटर पर #SonicBoom और #Aliens ट्रेंड करने लगा।

इस बारे में अभी कुछ स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता है लेकिन कहा जा रहा है कि यह अजीबोगरीब आवाज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, कल्याण नगर, एमजी रोड, मराठाहल्ली, व्हाईटफील्ड, सरजापुर, इलेक्ट्रानिक सिटी से लेकर हेब्बागोडी तक सुनी गई। सुरक्षा एजेंसियाँ इस आवाज के स्रोत के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।

ह्वाइटफील्ड डिवीजन के DCP एमएन अनुचेत ने कहा कि पूर्वी बेंगलुरु में आज जो अजीब सी आवाज सुनी गई उस के स्रोत के बारे में पता किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ह्वाइटफील्ड एरिया की तलाशी ली गई, लेकिन वहाँ पर किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है।

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने यह भी अनुमान लगाया कि यह भारतीय वायु सेना के एक सुपरसोनिक फाइटर जेट द्वारा बनाया गया एक सोनिक बूम था। कई लोगों ने यह भी कहा कि यह एक मिराज 2000 से पैदा हुई आवाज थी, और बताया कि आज सुबह से ही इस क्षेत्र पर जेट विमान उड़ रहे हैं।

सोनिक बूम

सोनिक बूम वह ध्वनि है जो तब उत्पन्न होती है, जब कोई वस्तु ध्वनि की गति से तेज चलती है। जब कोई सुपरसोनिक जेट ध्वनि की गति को तेज करता है और गुजरता है, तो यह एक प्रकार की ‘शॉक वेव्स’ यानी कम्पन तैयार करता है, जिस कारण बहुत तेज शोर पैदा होता है।

इस से उत्सर्जित लहरें घरों के आसपास की खिड़कियों और अन्य वस्तुओं को भी हिलाने में सक्षम होती हैं। यह बेशक एक डराने वाला अनुभव भी हो सकता है। यही वजह है कि कुछ लोगों ने इसकी भूकम्प जैसी घटना से तुलना की है।

वहीं, रिपोर्ट्स के अनुसार, HAL ने अभी-अभी इस बात की पुष्टि की है कि इस गर्जना का उनसे कोई सम्बन्ध नहीं था। बेंगलुरु पुलिस फिलहाल वायु सेना के जवाब की प्रतीक्षा कर रही है कि क्या यह किसी उड़ान का नतीजा था। इस बारे में अभी तक जाँच जारी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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