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एक कश्मीरी पंडित महिला पत्रकार अपने बुजुर्ग माँ-बाप को 33 साल बाद लेकर गईं कश्मीर, फिर वही हुआ जिसका उन्हें था ‘डर’

आरती टिकू ने बताया कि कश्मीर में वह अपने पालतू जानवर को घुमाने के लिए बाहर निकलीं थी कि तभी एक खूँखार कुत्ते ने आकर उसे पकड़ लिया और उसे खींचकर ले गया। बहुत कोशिश के बाद टिकू ने अपने पालतू को उससे बचाया। उन्होंने कहा कि वो अब भी कश्मीर में सुरक्षित नहीं महसूस करती हैं।

कश्मीर की घाटी में हिंदुओं पर हुए अत्याचारों की कहानी अक्सर दुनिया के सामने लेकर आने वाली कश्मीरी पत्रकार आरती टिकू सिंह के साथ कश्मीर में हैरान करने वाले घटना घटी है। उन्होंने अपने ट्विटर पर साझा करते हुए बताया कि वो 33 साल बाद अपने माता-पिता को लेकर कश्मीर गईं, ये सोचकर कि शायद पुराने जख्म के दर्द कम होंगे। लेकिन यहाँ उनके साथ ऐसा कुछ हुआ जिसके बाद वो और असुरक्षित महसूस करने लगीं।

आरती टिकू ने बताया कि कश्मीर में जाने के बाद वह जब अपने पेट को घुमाने बाहर निकलीं तो वहाँ एक ट्रेन्ड खूँखार पालतू कुत्ता आया और उसने उनके पेट पर हमला कर दिया। आरती बताती हैं कि उनके सामने उनके पेट को जबड़ों में दबाकर वो कुत्ता भागा और उसे बुरी तरह मारने का प्रयास किया। हालाँकि पत्रकार और उनके माता-पिता ने भागकर किसी तरह अपने Pet को उस कुत्ते से छुड़ाया।

पत्रकार कहती हैं कि इस घटना के बाद उन्हें कश्मीर में कोई सुरक्षा महसूस नहीं हो रही। जब उनके Pet पर हमला किया गया तब कोई उसे बचाने नहीं आया। वो खुद उसको लहूलुहान हालत में डॉक्टर के पास लेकर गईं। सिर्फ उनकी बहन उनके साथ थी। सरकारी वेटनेरी डॉक्टर ने 7 घंटे उसको ऑब्जर्वेशन में रखा । यहाँ उसकी 2 सर्जरी हुई और शरीर पर 30 टाँके आए।

आरती कहती हैं कि इस घटना के बाद वो असुरक्षित महसूस कर रही है क्योंकि कुछ ही दिन पहली की बात है जब एक संदिग्ध ने दिल्ली में अचानक आकर उनके उनके Pet की तस्वीर लेने की गुजारिश की थी। उन्हें ये बहुत अजीब लगा था। वो सोच ही रही थीं कि वो आदमी कुछ तो गलत था और अब यह घटना हो गई।

श्रीनगर में हुई घटना ने आरती टिकू को झकझोर दिया है। उनका कहना है कि ऐसा तब हुआ जब वो 33 साल में पहली बार अपने माता-पिता को लेकर गृहराज्य गईं। उन्होंने पीएम मोदी और अमित शाह को टैग करते हुए बताया कि वो काफी असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

उन्होंने ये भी जानकारी दी कि ये कोई पहली घटना नहीं है। उनके भाई और उनके साथ पहले भी ऐसा हुआ है। बता दें कि साल 2021 में आरती टिकू सिंह और उनके भाई साहिल टिकू सिंह को ट्विटर पर खुलेआम धमकियाँ आई थीं। उन्होंने इस संबंध में गृह मंत्रालय से सुरक्षा की माँग भी की थी। टिकू के भाई के ‘एजेंट’ और न जाने क्या-क्या कहा गया था। इसके बाद जब आरती ने इन कट्टरपंथियों के विरुद्ध आवाज उठाई तो ट्विटर ने उन पर कार्रवाई की। उनके उन ट्विट्स को हटा दिया गया जिसमें उन्होंने इस संबंध में बात की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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