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लोन न चुकाने पर नीलाम कर दी किसान की जमीन, रोते-बिलखते परिवार ने दी आत्महत्या की धमकी: राजस्थान में कॉन्ग्रेस का ‘कर्जमाफी मॉडल’

किसान के बेटे पप्पू लाल ने बताया, "हमारे पिता ने कर्ज लिया था और वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। हम कर्ज चुकाने में असमर्थ हैं। हमने बैंक से भी अनुरोध किया कि वह हमें ​कर्ज चुकाने के लिए कुछ वक्त और दें, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया।"

राजस्थान (Rajasthan) की अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार के किसानों की कर्ज माफी (Farmer loan waiver) से लेकर उनके विकास के लिए किए गए बड़े-बड़े दावे खोखले साबित हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्थान के दौसा जिले के रामगढ़ पचवारा में कर्ज नहीं चुका पाने के कारण एक किसान की जमीन को नीलाम (Land Auctioned) कर दिया गया। बताया जा रहा है कि कर्ज में डूबे किसान की जमीन को पहले कुर्क किया गया और फिर मंगलवार (18 जनवरी 2022) को उसे नीलाम कर दिया गया।

किसान अपनी जमीन के नीलाम होने पर रोता-बिलखता रहा, लेकिन किसी को भी उस पर दया नहीं आई। किसान का कहना है कि उसका परिवार इसी जमीन पर निर्भर था। अब वे कहाँ जाएँ अपने परिवार को कैसे पालें? ऐसे में किसान के परिवार के सदस्य आत्महत्या करने तक की बात कह रहे हैं। जमीन नीलाम होने के बाद से किसान और उसका परिवार सदमे में है।

जानकारी के अनुसार, दौसा जिले की जामुन की ढाणी निवासी कजोड़ मीणा ने रामगढ़ पचवारा के राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक से केसीसी का लोन लिया था। वर्ष 2017 के बाद किसान ने 7 लाख रुपए से अधिक का कर्ज नहीं चुका पाया। कुछ समय बाद कजोड़ मीणा की मौत हो गई। इसके बाद बैंक ने मृतक किसान के पुत्र राजू लाल और पप्पू लाल को कर्ज चुकाने के लिए कई बार नोटिस दिया, लेकिन किसान का परिवार आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण केसीसी लोन जमा नहीं करा पाया। उन्हें सरकार द्वारा किए गए ऋण माफी के वादे से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वो टूट गईं।

समाचार एजेंसी एएनआई से किसान के बेटे पप्पू लाल ने बताया, “हमारे पिता ने कर्ज लिया था और वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। हम कर्ज चुकाने में असमर्थ हैं। हमने बैंक से भी अनुरोध किया कि वह हमें ​कर्ज चुकाने के लिए कुछ वक्त और दें, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया।”

वहीं, इस मामले को लेकर एसडीएम मिथलेश मीणा का कहना है कि किसान ने राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक से कर्ज लिया था, लेकिन वह उसे चुकाने में असफल रहा। बैंक ने उन्हें सेटलमेंट के लिए भी बुलाया, लेकिन वह पेश नहीं हुए इसलिए कानून के तहत उनकी जमीन नीलाम कर दी गई है।

बता दें कि किसान कजोड़ मीणा की करीब 15 बीघा 2 बिस्वा जमीन को 46 लाख 51 हजार रुपए में नीलाम किया गया है। नीलामी की प्रक्रिया तहसील कार्यालय में पूरी की गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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