Friday, April 10, 2020
होम देश-समाज केरल में छात्र को चाकू मारने का मुख्य आरोपित SFI नेता नसीम गिरफ्तार

केरल में छात्र को चाकू मारने का मुख्य आरोपित SFI नेता नसीम गिरफ्तार

मुख्य आरोपित नसीम के साथ ही इस घटना के एक और आरोपित आर शिवरंजीत को भी गिरफ्तार किया गया।

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

केरल के तिरुवनंतपुरम में प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी कॉलेज के परिसर के अंदर एक छात्र के ऊपर चाकू से हमला करने वाले मुख्य आरोपित नसीम को सोमवार (जुलाई 15, 2019) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। नसीम वामपंथी छात्र संगठन स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) का नेता है। नसीम के साथ ही इस घटना के एक और आरोपित आर शिवरंजीत को भी गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने कहा कि दोनों आरोपित को मध्य रात्रि में केशवदासपुरम से हिरासत में ले लिया गया, जब ये दोनों छिपने के लिए नए ठिकाने की तलाश में थे। एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि उनकी गिरफ्तारी दर्ज की गई है और उनसे पूछताछ जारी है। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार एसएफआई नेताओं की कुल संख्या 6 हो गई है।

गौरतलब है कि शुक्रवार (जुलाई 12, 2019) को एसएफआई नेता ने अखिल नाम के छात्र के ऊपर चाकू से हमला किया। जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पीड़ित अखिल तृतीय वर्ष का बीए (राजनीति) का छात्र है । अखिल के ऊपर हमला करने के बाद से ही दोनों आरोपित फरार थे।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

जानकारी के मुताबिक, अखिल और उसके मित्र कॉलेज कैंटीन में गाते-बजाते थे, जो कैंटीन के बगल में ही स्थित SFI की स्थानीय इकाई के कमरे में रहने वाली एक महिला SFI सदस्या को पसंद नहीं आया। उसने SFI की स्थानीय इकाई में गाना बंद कराने की शिकायत कर दी और इसके चलते अखिल की SFI के बाकी सदस्यों से जुबानी जंग कई दिन तक चली। इसके बाद 10 जुलाई को एक छोटी-मोटी हाथापाई हुई लेकिन शुक्रवार (जुलाई 12, 2019) को समझौते के लिए बैठक बुलाई गई थी। लेकिन सुलह के लिए बुलाई गई इस बैठक में मामला हाथ से निकलता गया और देखते-ही-देखते अखिल के एक दोस्त पर हमला हो गया। इसके बाद बाहर से भी एक बड़ा गुट अंदर आया और अखिल के ग्रुप धावा बोल दिया। इस हाथापाई में अखिल के सीने पर चाकू से वार किया गया।

इस घटना की जानकारी फैलते ही छात्रों का एक बड़ा समूह SFI के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने लगा। प्रदर्शन करने वालों में SFI के भी सदस्य थे। उनका कहना था कि कॉलेज में SFI के 13 यूनिट सदस्यों का व्यवहार फासिस्टों जैसा ही है, हालाँकि वे SFI समर्थक हैं। छात्रों को कॉलेज में अपनी मर्ज़ी से कहीं भी आने-जाने की अनुमति नहीं है और कहीं भी वे पेड़ों के आस-पास बैठें या गाना गाएँ तो उन्हें मार-पीटकर भगा दिया जाता है।

- ऑपइंडिया की मदद करें -
Support OpIndia by making a monetary contribution

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

ताज़ा ख़बरें

मधुबनी: दलित महिला के हत्यारों को बचाने के लिए सरपंच फकरे आलम ने की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बदलवाने कोशिश

“गाँव में लोगों ने अफवाह उड़ा दी है कि हमने मुस्लिम परिवार से 2 लाख रुपए लेकर मामले को रफा-दफा कर दिया है। ये बिल्कुल गलत बात है। हमने ऐसा कुछ भी नहीं किया है और न ही करेंगे। हम तो कहते हैं कि 1 लाख रुपया मेरे से और ले लो और दोषियों को सजा दो। हमें पैसे नहीं, इंसाफ चाहिए। हमारी माँ चली गई, उनकी मौत नहीं हुई, उनकी हत्या की गई। हमारा एक जान चला गया। हम पैसा लेकर क्या करेंगे? हमें तो बस इंसाफ चाहिए।”

‘चायनीज’ कोरोना देने के बाद चीन ने चली कश्मीर पर चाल: भारत ने दिया करारा जवाब, कहा- हमारे घर में न दें दखल, हमारा...

चीनी प्रवक्ता ने कहा था कि पेइचिंग कश्मीर के हालात पर नजर रखे हुए हैं और हमारा रुख इस पर नहीं बदला है। कश्मीर मुद्दे का इतिहास शुरू से ही विवादित रहा है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र के चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और द्विपक्षीय तरीके से होना चाहिए।"

1 लाख से ज्यादा हिंदुस्तानियों को मारना चाहते थे तबलीगी जमाती, जाकिर नाइक की B टीम की तरह कर रहे काम: वसीम रिजवी

देश में लगातार डॉक्टरों के साथ मारपीट करने की जमातियों की खबर पर वसीम रिजवी ने कहा कि डॉक्टरों को परेशान करके उनका मनोबल कम करने की कोशिश की जा रही है। यह भी इन सभी तबलीगी जमातियों की साजिश का एक हिस्सा है।

I-CAN से अंत्योदय के नाम एक अलख: 2000 से ज्यादा वॉरियर्स, 25000+ जरूरतमंद लोगों की मदद

पहले स्तर के प्रयास में 1700-2000 गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को प्रतिदिन मुफ्त भोजन वितरित किया जा रहा है। दूसरे स्तर का प्रयास इससे वृहत है। इसे "सीकर्स एंड गिवर्स" प्लेटफॉर्म के नाम से समझा जा सकता है। यहाँ एक वो हैं, जो सहायता पाना चाहते हैं और दूसरे वो जो सहायता करना चाहते हैं। दोनों को आपस में कनेक्ट कर...

हाँ, नंदिता दो तरह का भारत है: एक जहाँ मजदूर रहते हैं, दूसरा जहाँ से तुम्हारे पिता निकाले गए थे

नंदिता दास का यह बयान अपने आप में गलत नहीं है, क्योंकि सच में भारत में एक महान विभाजन मौजूद है। लेकिन यह स्टेटमेंट किसकी तरफ से आया है जब आप यह सोचते हैं तो मुँह दबा कर हँसते हुए यह सोचने को मजबूर हो जाते हैं कि आखिर कोई खुलेआम इतना दोमुँहा बर्ताव कैसे कर लेता है।

सुबराती Vs जमाती: विघटनकारी दीन की PhD वालों से बेहतर है गाँव का वो अनपढ़-बेरोजगार

एक ओर विधिपूर्वक किए गए सभी धार्मिक अनुष्ठान यानी मजहबी इमाल और दूसरी तरफ रोग पीड़ित प्राणियों के प्राणों की रक्षा का कार्य, ये दोनों कर्म समान रूप से पुण्य देने वाले हैं। यानी इस समय डॉक्टर, सुरक्षाकर्मी, सफाईकर्मी जो कार्य कर रहे हैं वो किसी धार्मिक अनुष्ठान से कम नहीं है। इसलिए धर्म के नाम पर धर्म के कार्य में बाधा डालने का अधार्मिक काम करना बंद करें।

प्रचलित ख़बरें

एक ही थाली में 6-7 लोग खाते थे, सेक्स करना भी सिखाते थे: मरकज में 21 दिन रहे शख्स का खुलासा

तेलंगाना के रहने वाले इस व्यक्ति के अनुसार तबलीगी जमात पूरी दिनचर्या तय करता है। खाने-पीने से लेकर मल-मूत्र त्याग करने तक सब कुछ। यहाँ तक कि सेक्स कैसे करना है, ये भी जमात ही सिखाता था। यह भी कहा जाता था कि बीमार पड़ने पर डॉक्टरों के पास नहीं जाना चाहिए और अल्लाह में यकीन करना चाहिए।

हस्तमैथुन, समलैंगिकता, सबके सामने शौच-पेशाब: ‘इस्लाम ऑन द मूव’ किताब में तबलीगियों की पूरी ट्रेनिंग की कहानी

“आज हर कोई आइसोलेशन में रखे गए तबलीगियों को देखकर हैरान है कि वे इतना क्यों थूक रहे हैं। तो बता दें कि उनका धर्मशास्त्र उन्हें ऐसा करने की शिक्षा देता है कि नमाज पढ़ते समय या मजहबी कार्य करते समय शैतान की दखलअंदाजी खत्म करने के लिए वो ये करें।"

जैश आतंकी सज्जाद अहमद डार के जनाजे में शामिल हुई भारी भीड़: सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियाँ, बढ़ा कोरोना संक्रमण का खतरा

सुरक्षाबलों द्वारा जैश आतंकी सज्जाद अहमद डार को बुधवार को मार गिराने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया इस हिदायत के साथ कि जनाजे में ज्यादा लोग एकत्र न हों, लेकिन इसके बाद भी जैसे ही आतंकी के शव को परिजनों को सौंप दिया गया। नियमों और कोरोना से खतरे को ताक पर रखकर एक के बाद एक भारी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ उसके जनाजे में जुटने लगी।

घर में BJP कैंडिडेट की लाश, बाहर पेड़ से लटके थे पति: दीया जलाने पर TMC ने कही थी निशान बनाने की बात

शकुंतला हलदर अपने ही घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिलीं। उनके पति चंद्र हलदर घर के पिछले हिस्से में आम के पेड़ से लटके हुए थे। हत्या का आरोप सत्ताधारी दल टीएमसी के गुंडों पर लग रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि मृतक दंपती के बेटों को घर में घुसकर धमकी दी गई है।

तबलीगी जमात के ख़िलाफ़ मत बोलो, टीवी पर आ रही सब न्यूज फेक है: रेडियो मिर्ची RJ सायमा ने किया मरकज के ‘मानव बम’...

“स्वास्थ्य अधिकारियों पर थूकना, सड़कों पर बस से बाहर थूकना, महिला कर्मचारियों के सामने अर्ध नग्न हो, भद्दी टिप्पणी करना, अस्पतालों में अनुचित माँग करना, केवल पुरुष कर्मचारियों को उनके लिए उपस्थित होने के लिए हंगामा करना और आप कितनी आसानी से कह रही हो कि इनके इरादे खराब नहीं हैं। हद है।”

ऑपइंडिया के सारे लेख, आपके ई-मेल पे पाएं

दिन भर के सारे आर्टिकल्स की लिस्ट अब ई-मेल पे! सब्सक्राइब करने के बाद रोज़ सुबह आपको एक ई-मेल भेजा जाएगा

हमसे जुड़ें

175,545FansLike
53,875FollowersFollow
215,000SubscribersSubscribe
Advertisements