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पादरी को 18 साल की जेल, 4 लड़कों का किया था रेप: विदेश नहीं, केरल के ईसाई संस्थान की घटना

आरोपित पादरी थॉमस पर धारा 377 के साथ पॉक्सो एक्ट में भी केस कोल्लम के पुथूर थाने में दर्ज हुआ था। पादरी के खिलाफ तिरुवनन्तपुरम की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने केस दर्ज करवाया था।

केरल की एक अदालत ने एक पादरी थॉमस को 4 नाबालिग बच्चों के साथ अप्राकृतिक कुकर्म के आरोप में 18 साल की सजा सुनाई है। यह घटना 5 साल पुरानी है। पादरी का नाम थॉमस परीक्कुलम (Fr Thomas Parekkulam) है। पादरी पर कुल 4 केस दर्ज हैं। चारो मामलों में 1 लाख रुपए जुर्माना भी भरने का आदेश हुआ है। सजा शुक्रवार (29 अप्रैल, 2022) को सुनाई गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना केरल के कोल्लम की है। पादरी के यौन शोषण से पीड़ित लड़के 16 वर्ष की आयु के थे। आरोपित पादरी की उम्र 35 साल बताई जा रही है। वह चेन्नई के SDM माइनर सेमिनरी संस्थान से जुड़ा हुआ था। इसी संस्थान के पुल्लामाला क्षेत्र में पादरी के तौर पर कार्यरत था। पीड़ित लड़के इसी संस्थान के छात्र थे।

आरोपित पादरी पर धारा 377 के साथ पॉक्सो एक्ट में भी केस कोल्लम के पुथूर थाने में दर्ज हुआ था। पादरी के खिलाफ तिरुवनन्तपुरम की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने केस दर्ज करवाया था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद पादरी पुलिस की कस्टडी से भी भाग निकला था। हालाँकि, बाद में उसे चेन्नई से पकड़ लिया गया था।

पादरी को सजा कोल्लम के एडिशनल जिला और सत्र न्यायाधीश के एन सुजीत ने सुनाया है। अदालत ने पीड़ित छात्रों के शारीरिक और मानसिक प्रताड़ित को देखते हुए DLSA (जिला कानूनी सेवा अथॉरिटी) से पीड़ित छात्रों को मुआवजा भी देने के लिए कहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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