Tuesday, May 21, 2024
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केरल सोना तस्करी का आतंकी कनेक्शन? रमीज़ से पूछताछ में हो सकते हैं कई खुलासे, बार-बार जाता था विदेश

रमीज़ 2 महीने के लिए दुबई जाया करता था और फिर कुछ दिनों के लिए केरल वापस लौटता था। उसका मानना था कि लॉकडाउन के समय ज्यादा से ज्यादा सोना तस्करी की जाए क्योंकि इस अवधि में सुरक्षा-व्यवस्था उतनी चुस्त नहीं होगी और देश की वित्तीय स्थिति भी कमजोर हो रही होगी।

केरल में खाड़ी देशों से सोना की तस्करी किए जाने के मामले में यूँ तो सबकी नज़र आरोपित स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर पर है लेकिन NIA इस मामले में पाँचवे आरोपित रमीज़ को पूरे प्रकरण की अहम कड़ी मान रहा है और उससे पूछताछ में कई राज़ खुलने की सम्भावना है। ये मामला डिप्लोमेटिक बैगेज में सोना तस्करी का है। मल्ल्पुरम के रमीज़ केटी से पूछताछ में पता चलेगा कि इसका आतंकियों और आतंकी संगठनों से क्या सम्बन्ध है।

पिछले सप्ताह NIA कोर्ट में इस सम्बन्ध में रिपोर्ट पेश की गई है और उसमें भी इस ओर इशारा किया गया है। संदीप नायर ने भी रमीज़ की गैर-क़ानूनी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। ये ऐसी गतिविधियाँ हैं, जिसका सीधा सम्बन्ध देश की सुरक्षा व्यवस्था से हो सकता है, इसीलिए ये मामला अब संवेदनशील हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस एंगल से जाँच की जा रही है। जून 21 को फाइल की गई रिपोर्ट में NIA ने रमीज़ को इस मामले का किंगपिन बताया है।

रमीज़ ने संदीप से कहा था कि लॉकडाउन के समय ज्यादा से ज्यादा सोना तस्करी की जाए क्योंकि उसका मानना था कि इस अवधि में सुरक्षा-व्यवस्था भी उतनी चुस्त नहीं होगी और देश की वित्तीय स्थिति भी कमजोर हो रही होगी। रमीज़ हमेशा अपने साथियों के साथ चलता है और देश-विदेश में कई लोगों से उसका सम्बन्ध हैं। एक वरिष्ठ ख़ुफ़िया अधिकारी का कहना है कि बार-बार विदेश यात्रा के कारण रमीज़ पहले से ही राडार पर था।

कस्टम एजेंसियों के अलावा कई विभाग ऐसे होते हैं, जो बार-बार विदेश यात्रा करने वालों के डिटेल्स मेंटेन करते हैं। सामान्यतः रमीज़ 2 महीने के लिए दुबई जाया करता था और फिर कुछ दिनों के लिए केरल वापस लौटता था। वो विजिटिंग वीजा लेकर दुबई में रुकता था। वो बिजनेस का बहाना बना कर वहाँ जाता था लेकिन जाँच में पता चला है कि वहाँ न तो उसका कोई बिजनेस है और न ही वो वहाँ कोई नौकरी करता है।

रमीज़ काफी पहले से ही सोना तस्करी में लिप्त रहा है। जब वो 20 साल का था, तभी उस पर कार्गो के जरिए सोना तस्करी के आरोप लगे थे। यूएई में भी उसकी गतिविधियों की जाँच हो रही है। वो अकेला ऐसा व्यक्ति था, जिसे सोना तस्करी के इस प्रकरण में अरब देशों से लेकर केरल तक इसमें लिप्त हर एक व्यक्ति के बारे में जानकारी थी। अगर सोना-तस्करी का फण्ड राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में जा रहा था तो रमीज़ इसकी अहम कड़ी था।

NIA जल्द ही ट्रायल कोर्ट में अर्जी देकर रमीज़ को कस्टडी में लेने की माँग करेगा। वो फ़िलहाल कस्टम कस्टडी में है, जो मंगलवार (जुलाई 28, 2020) को खत्म हो जाएगा। वालायार में हिरण का शिकार करने के मामले में फॉरेस्ट विभाग भी उसे कस्टडी में लेने का प्रयास कर रहा है। साथ ही प्रवर्तन निदेशालय भी उसे कस्टडी में लेना चाहता है। अब देखना है कि इस मामले के तार कहाँ-कहाँ जुड़ते हैं।

इधर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने सनसनीखेज सोने की तस्करी मामले की मुख्य आरोपित स्वप्ना सुरेश के पास से 1 करोड़ रुपए नकद और लगभग 1 किलो सोना बरामद किया है। NIA ने कहा कि तिरुवनंतपुरम में फेडरल बैंक में स्वप्ना सुरेश के बैंक लॉकर में लगभग 36.5 लाख रुपए पाए गए। एजेंसी ने यह भी कहा कि स्वप्ना से संबंधित एसबीआई लॉकर में लगभग 64 लाख रुपए नकद और 982.5 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग से सोना और पैसा जब्त करने के लिए कहा गया है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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