Thursday, May 23, 2024
Homeदेश-समाजकेरल में लड़के-लड़कियों के लिए एक जैसे ड्रेस पर बवाल: मुस्लिम संगठनों ने गर्ल्स...

केरल में लड़के-लड़कियों के लिए एक जैसे ड्रेस पर बवाल: मुस्लिम संगठनों ने गर्ल्स स्कूल के बाहर किया विरोध प्रदर्शन

इससे पहले, एर्नाकुलम में वलयनचिरंगारा एलपी स्कूल ने सभी छात्रों के लिए शॉर्ट पैंट और शर्ट, ड्रेस कोड का नियम लागू करने के बाद सुर्खियाँ बटोरी थीं। इस स्कूल के यूनिसेक्स वर्दी शुरू करने के बाद बालूसेरी स्कूल ने यह कदम उठाया है।

केरल के कोझीकोड (Kozhikode) में बुधवार (15 दिसंबर 2021) को मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (MSF) और अन्य संगठनों सहित कई मुस्लिम संगठनों ने यूनिसेक्स ड्रेस शुरू करने के विरोध में सरकारी बालूसेरी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल (Balussery Girls Higher secondary school) के बाहर प्रदर्शन किया है।

इससे पहले, एर्नाकुलम में वलयनचिरंगारा एलपी स्कूल ने सभी छात्रों के लिए शॉर्ट पैंट और शर्ट, ड्रेस कोड का नियम लागू करने के बाद सुर्खियाँ बटोरी थीं। इस स्कूल के यूनिसेक्स वर्दी शुरू करने के बाद बालूसेरी स्कूल ने यह कदम उठाया है। स्कूल के आदेश के बाद आज से बालूसेरी हायर सेकेंडरी स्कूल की 200 से अधिक छात्राएँ शर्ट और ट्राउजर पहने नजर आईं।

बताया जा रहा है कि छात्र और सरकार यूनिसेक्स वर्दी के पक्ष में हैं। उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू ने स्कूल के फैसले का पुरजोर समर्थन किया है। वहीं, मुस्लिम संगठनों ने आरोप लगाया है कि यह कदम महिलाओं के अपनी पसंद की पोशाक पहनने के अधिकारों का हनन कर रहा है। मनोरमा की रिपोर्ट की मुताबिक, कई और स्कूलों में भी लड़कियों और लड़कों की एक समान पोशाक को लेकर विचार किया जा रहा है।

बता दें कि मंगलवार (14 दिसंबर 2021) को भी स्कूल के नए ड्रेस कोड के खिलाफ कुछ जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए थे। एमएसएफ (MSF) राजनीतिक दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) से जुड़ा हुआ है। वह भी विरोध प्रदर्शन में शामिल था। अन्य रिपोर्टों से पता चलता है कि स्कूल के प्रिंसिपल ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया है कि किसी को भी नई वर्दी पहनने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मी लॉर्ड! भीड़ का चेहरा भी होता है, मजहब भी होता है… यदि यह सच नहीं तो ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारों के साथ ‘काफिरों’ पर...

राजस्थान हाईकोर्ट के जज फरजंद अली 18 मुस्लिमों को जमानत दे देते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि चारभुजा नाथ की यात्रा पर इस्लामी मजहबी स्थल के सामने हमला करने वालों का कोई मजहब नहीं था।

‘प्यार से माँगते तो जान दे देती, अब किसी कीमत पर नहीं दूँगी इस्तीफा’: स्वाति मालीवाल ने राज्यसभा सीट छोड़ने से किया इनकार

आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने अब किसी भी हाल में राज्यसभा से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -