Friday, January 21, 2022
Homeदेश-समाजमस्जिद के लिए सहनवा में जमीन दे सकती है सरकार: यहीं दफन है बाबरी...

मस्जिद के लिए सहनवा में जमीन दे सकती है सरकार: यहीं दफन है बाबरी बनाने वाला मीर बाकी

मस्जिद के लिए अयोध्या के चांदपुर हरवंश और डाभासंभर में भी जमीन दिए जाने की चर्चा है। लेकिन सहनवा में जमीन दिए जाने की उम्मीद ज्यादा दिख रही है। बताया जा रहा है कि मीर बाकी के वंशज चाहते हैं कि मस्जिद यहीं बने।

सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसले में अयोध्या की पूरी जमीन रामलला को सुपुर्द कर दी थी। यहॉं मंदिर निर्माण के लिए सरकार से तीन महीने में ट्रस्ट बनाकर योजना तैयार करने का आदेश दिया था। साथ ही मुस्लिम पक्ष को भी अलग से मस्जिद के लिए पॉंच एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। तब से ही यह सवाल उठ रहा है कि मस्जिद के लिए जमीन कहॉं दी जाएगी। कई नामों पर अटकलें लग रही है। इनमें से एक नाम अयोध्या से सटे सहनवा का भी उभर कर आया है।

सहनवा वही जगह है, जहाँ बाबर का सेनापति मीर बाकी दफ़न है। उसने ही 1528 में रामजन्मभूमि स्थान पर बाबरी मस्जिद बनवाई थी। न्यूज 18 की खबर के अनुसार मीर बाकी के वंशज चाहते हैं कि सहनवा में मस्जिद बनें। यही कारण है कि यहाँ पर मस्जिद बनाने हेतु जमीन देने का विचार किया जा रहा है। इसके अलावा मस्जिद के लिए अयोध्या के चांदपुर हरवंश और डाभासंभर पर भी चर्चा हो रही है। लेकिन सहनवा में जमीन दिए जाने की उम्मीद ज्यादा है।

उल्लेखनीय है कि रामजन्मभूमि से करीब 4 किलोमीटर दूरी पर स्थित सहनवा को अयोध्या नगर निगम में शामिल करने के लिए 2017 में ही प्रस्ताव भेजा जा चुका है। अब कहा जा रहा है कि सहनवा समेत 40 गाँवों को अयोध्या नगर निगम में शामिल होने की मंजूरी मिल सकती है।

सहनवा में मीर बाकी की मजार काफी जर्जर स्थिति में है। अयोध्या विवाद से पहले इस जगह को कोई जानता नहीं था। लेकिन, मीर बाकी के यहीं दफन होने की बात सामने आने के बाद यह जगह चर्चा में आई थी। अब यहीं मस्जिद के लिए जमीन देने की बात भी हो रही है।

वैसे, मस्जिद निर्माण के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड जमीन लेगा या नहीं यह अभी स्पष्ट नहीं है। बताया जा रहा है कि बोर्ड 17 नवंबर की बैठक में इस पर फैसला करेगा। इस बीच, बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे इकबाल अंसारी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अगर मनमाफिक 5 एकड़ जमीन चिन्हित होकर मिलेगी तो हम जरूर लेंगे।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘हिजाब के लिए लड़कियों का प्रदर्शन राजनीति, शिक्षा का केंद्र मजहबी जगह नहीं’: बुर्के को मौलिक अधिकार बताने पर भड़के कर्नाटक के शिक्षा मंत्री

कर्नाटक के उडुपी के कॉलेज में हिजाब पहनने पर अड़ी छात्राओं को इस्लामिक संगठन कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया अपना समर्थन दे रहा है।

‘मेरी पत्नी को मौलानाओं ने मारपीट कर घर से निकाल दिया, जिहादी उसकी हत्या भी कर सकते हैं’: जितेंद्र त्यागी (वसीम रिजवी) ने जेल...

जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी ने आरोप लगाया है कि उनके परिवार को तंग किया जा रहा है और कुछ जिहादी उनकी पत्नी की हत्या करना चाहते हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
152,584FollowersFollow
413,000SubscribersSubscribe