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जिस कुत्ते को रोज देती थी खाना, उसी ने मार डाला: 80 साल की मालकिन को नोंचता रहा पालतू Pitbull, शरीर पर मिले 13 बड़े घाव

पिटबुल नस्ल के कुत्ते की आक्रामकता को देखते हुए अमेरिकी, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, रोमानिया समेत दुनियाभर के 41 देशों में इस पर प्रतिबंध है। हालाँकि, लखनऊ में ये बहुत ही आसानी से उपलब्ध है।

लखनऊ में 80 साल की रिटायर्ड शिक्षिका सुशीला त्रिपाठी को उनके ही पालतू कुत्ते ने मार डाला। पिटबुल (Pitbull) डॉग ने उन पर हमला तब किया, जब वे उसे खाना देने गईं थी। उन्हें गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहॉं डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उल्लेखनीय है कि अपनी आक्रामकता के कारण पिटबुल दुनियाभर के 40 से अधिक देशों में बैन है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये घटना लखनऊ के कैसरबाग इलाके के अंतर्गत आने वाले बंगाली टोला की है। सुशील त्रिपाठी का परिवार यहीं पर रहता है। उनके बेटे अमित ने दो कुत्ते पाल रखे हैं। इनमें से एक लेब्राडोर है तो दूसरा पिटबुल। मंगलवार (12 जुलाई 2022) को शाम के 5 बज रहे थे। अमित एक जिम ट्रेनर है और हमले के समय वह जिम गया हुआ था। सुशीला कुत्ते को खाना देने के लिए उसके कमरे में गईं। इसी दौरान पिटबुल अचानक से हिंसक हो गया।

उसने हमला कर दिया। चीख-चिल्लाहट सुनकर घर की नौकरानी ने जाकर देखा तो पिटबुल उन्हें नोच रहा था। इसके बाद उसने तुरंत अमित को फोन किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि सुशीला के सर, चेहरे, हाथों और जाँघो पर नोचने के 13 बड़े घाव थे। यह कुत्ता 3 साल से उनके साथ रह रहा था। उसे खाना देना उनका रोज का काम था।

41 देशों में पिटबुल कुत्ता है बैन

पिटबुल नस्ल के कुत्ते की आक्रामकता को देखते हुए अमेरिकी, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, रोमानिया समेत दुनियाभर के 41 देशों में इस पर प्रतिबंध है। हालाँकि, लखनऊ में ये बहुत ही आसानी से उपलब्ध है। ये अपने शिकार को पकड़कर जबड़े को लॉक कर लेता है, इस कारण से उसे छुड़ा पाना काफी मुश्किल हो जाता है। इस घटना को लेकर मेडिकल कॉलेज चौकी के प्रभारी सत्यपाल सिंह ने बताया कि महिला को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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