Monday, May 29, 2023
Homeदेश-समाजमुगल आक्रान्ता औरंगजेब पर फेसबुक पोस्ट से भड़के कट्टरपंथी: उस्मानाबाद में हिंसा-पथराव, कई पुलिसकर्मी...

मुगल आक्रान्ता औरंगजेब पर फेसबुक पोस्ट से भड़के कट्टरपंथी: उस्मानाबाद में हिंसा-पथराव, कई पुलिसकर्मी घायल

पुलिस के अनुसार भीड़ ने एक फेसबुक पोस्ट पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए वाहनों पर पथराव किया और बैनर और होर्डिंग तोड़ डाले।

कट्टरपंथी मुगल आक्रान्ता औरंगजेब को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की गई थी, जिसमें उसकी आलोचना की गई है। इसके बाद महाराष्ट्र के उस्मानाबाद में लगभग 150 कट्टरपंथियों की अनियंत्रित भीड़ विरोध-प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर गई। इस हंगामे में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए।

घटना मंगलवार रात साढ़े 10 बजे विजय चौक इलाके की है। पुलिस के अनुसार, भीड़ ने एक फेसबुक पोस्ट पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए वाहनों पर पथराव किया और बैनर और होर्डिंग तोड़ डाले।

इस बीच हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में इंस्पेक्टर सुर्वे सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। उस्मानाबाद सिटी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर सुरेश बुधवंत ने पीटीआई को बताया, “भीड़ ने विजय चौक इलाके में एक होर्डिंग, एक पुलिस वाहन और एक ऑटो-रिक्शा में तोड़फोड़ की। भीड़ को रोकने की कोशिश में एक अधिकारी समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए।”

हिंसक भीड़ ने ऑटो में तोड़फोड़ की। साभार: उस्मानाबाद लाइव

भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 333 (लोक सेवक को गंभीर चोट पहुँचाना), 353 (हमला या लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए आपराधिक बल) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम के तहत 44 लोगों के खिलाफ नामजद और 150 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

उस्मानाबाद के एक स्थानीय न्यूज पोर्टल ‘उस्मानाबाद लाइव‘ के अनुसार, यह सब मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा शुरू किया गया, जब उन लोगों ने नवरात्रि के दौरान चौक पर फहराए गए एक हिंदू धार्मिक ध्वज को हटाकर वहाँ अपने धार्मिक त्योहार के दिन अपना झंडा लगा दिया। इससे दोनों समूहों के बीच तनाव पैदा हो गया, जिसके बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट के बहाने कट्टरपंथियों की भीड़ ने पथराव और तोड़फोड़ किया।

हमने पहले भी बताया था कि कट्टरपंथी इस्लामिस्ट किस तरह से हमले, हत्या, आगजनी और बर्बरता को सही साबित करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। फिर चाहे फेसबुक पोस्ट को लेकर बेंगलुरू में हुआ दंगा हो या फिर बांग्लादेश में हिंदुओं पर टारगेटेड अटैक। हर बार कट्टरपंथी फेसबुक पोस्ट के बहाने अपनी हिंसा को सही ठहराने की कोशिश करते हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पत्थर से फट गई खोपड़ी, गर्दन से पेट तक 16 बड़े घाव: साक्षी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई, साहिल के इंस्टाग्राम हैंडल पर हुक्का पार्टी...

साक्षी के शरीर पर 16 बड़े घाव मिले हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि भारी चीज से हमला होने के कारण मृतका की खोपड़ी फट गई थी।

‘साहिल को हिन्दू समझती थी’: हत्यारे को लेकर साक्षी की दोस्त का बड़ा खुलासा, ‘लव जिहाद’ के एंगल से भी जाँच करेगी पुलिस

साहिल और साक्षी एक दूसरे को 3-4 सालों से जानते हैं। दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा चल रहा था। साक्षी साहिल से बात नहीं करना चाहती थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
258,848FollowersFollow
415,000SubscribersSubscribe