Homeदेश-समाजबच्ची का यौन उत्पीड़न कर फरार हो गया था मदरसे का मौलवी मोहम्मद सरताज...

बच्ची का यौन उत्पीड़न कर फरार हो गया था मदरसे का मौलवी मोहम्मद सरताज शेख, अब कोर्ट ने सुनाई 5 साल की सजा

मोहम्मद सरताज शेख को कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (F) (2) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत दोषी ठहराया।

महाराष्ट्र के ठाणे में नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न करने के आरोप में एक मदरसा टीचर को 5 साल की सज़ा सुनाई गई। दोषी मौलवी की पहचान मोहम्मद सरताज शेख के रूप में हुई है। कोर्ट ने जेल की सजा के साथ ही 5000 रुपए का जुर्माना लगाया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ठाणे की विशेष पॉक्सो कोर्ट के जज वीवी विरकर ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने मोहम्मद सरताज शेख को दोषी ठहराते हुए 5 साल की सजा सुनाई। इसके अलावा दोषी ठहराए गए मौलवी को 5 हजार रुपए का जुर्माना भी भरना होगा।

मोहम्मद सरताज शेख को कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (F) (2) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत दोषी ठहराया।

इस मामले में एक अधिकारी ने कहा है कि मोहम्मद सरताज शेख मदरसे में अरबी पढ़ाता था। 16 नवंबर, 2017 की सुबह पीड़िता का यौन उत्पीड़न कर वह मौके से भाग गया था। इसके बाद लड़की ने परिजनों को आपबीती सुनाते हुए पेट में दर्द की शिकायत की थी। इसके बाद आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले

बता दें कि इससे पहले जुलाई 2023 में पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में मदरसा शिक्षक की हैवानियत का मामला सामने आया था। आरोप है कि मदरसा शिक्षक फैजुद्दीन मुल्ला ने 8वीं क्लास की छात्रा का रेप किया। इसके बाद मारपीट कर उसे बाथरूम में बंद कर दिया। इस मामले में पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपित मुल्ला को गिरफ्तार किया था।

वहीं, जून 2023 में उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक मदरसे के मौलवी को रेप के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पीड़िता नाबालिग छात्रा है। कारी मोहम्मद अहमद पर नशीला पदार्थ खिलाकर छात्रा से रेप और अश्लील वीडियो बनाने का आरोप लगा था। रेप के बाद वह पीड़िता को ब्लैकमेल करने लगा था। मुँह खोलने पर जादू-टोने से उसके परिवार को खत्म करने की धमकी दी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपित मदरसा टीचर को गिरफ्तार किया था। उक्त दोनों ही मामले कोर्ट में लंबित हैं। जल्द ही सजा होने की उम्मीद है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -