Homeदेश-समाजLOC पर शहीद हुए मेजर शशिधरन की प्रेम कहानी एक मिसाल है

LOC पर शहीद हुए मेजर शशिधरन की प्रेम कहानी एक मिसाल है

मेजर शशिधरन की तृप्ति के साथ सगाई हुई। जीवन में प्रेम आया ही था कि एक त्रासदी हुई और तृप्ति को लकवा मार गया। बावजूद इसके वादे के पक्के मेजर शादी से पीछे नहीं हटे और उन्होंने तृप्ति से शादी की।

जम्मू-कश्मीर के राजोरी जिले में लाम बटालियन 2/1 जीआर में तैनात जवान मेजर शशिधरन को आज देश उनकी वीरता के लिए याद कर रहा है। शशिधरन बीते दिनों एलओसी पर गश्त के दौरान आतंकियों के IED ब्लास्ट में शहीद हो गए थे। शशिधरन न सिर्फ़ एक सच्चे देशभक्त थे बल्कि, इनसानियत के धनी और वादे के पक्के भी। एक तरफ देश जहाँ उनकी देशभक्ति को याद कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उनकी प्रेम कहानी को लेकर भी खूब चर्चा हो रही है।

30 जुलाई 1985 को पुणे के पास खड़गवासला गाँव में जन्मे मेजर शशिधरन का बचपन से सपना था, सेना की वर्दी में देश की रक्षा करना। वो एनसीसी में जाने के लिए रोजाना दोस्त की साइकिल से 15 किलोमीटर का सफ़र तय करते थे। केंद्रीय विद्यालय से पढ़ाई करने के बाद वो एनडीए में गए और फिर सेना में शामिल हुए।

प्रेमिका को नौकरी मिलने के बाद किया था शादी का वादा

मेजर नायर तृप्ति नाम की लड़की से प्रेम करते थे। सेना में नौकरी मिलने के बाद उन्होंने तृप्ति से शादी करने का फ़ैसला लिया था। और वादे के मुताबिक दोनों ने सगाई भी कर ली थी। लेकिन शादी से ठीक पहले तृप्ति बीमार हो गईं, बीमारी बढ़ती गई और एक दिन तृप्ति को लकवा मार गया। दोस्त-रिश्तेदार सब शादी न करने की सलाह दी। तृप्ति ने खुद भी यही समझाया मेजर नायर को। लेकिन मेजर नायर मेजर थे, उन्होंने शादी करने का फ़ैसला किया। शादी के बाद दोनों बहुत खुश थे। मेजर नायर हर पार्टी और फ़ंक्शन में तृप्ति को अपने साथ ले जाते थे।

मेजर शशिधरन के एक करीबी मित्र रोहित कहते है, ”मुझे उम्रभर इस बात का अफ़सोस रहेगा कि मैं उनके आखिरी व्हाट्सएप संदेश का जवाब नहीं दे पाया। मुझे बहुत बुरा लग रहा है। वो पूरी तरह से एक सज्जन और विनम्र व्यक्ति थे।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दुनिया पर छाया भोजन का संकट, 140+ करोड़ भारतीयों का पेट भरने के लिए क्या कदम उठा रही मोदी सरकार: जानिए सब कुछ

वैश्विक खाद्य संकट के काले बादलों के बावजूद भारत की स्थिति दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत और सुरक्षित है।

फर्टिलाइजर डिप्लोमेसी के बाद भारत के सामने रबी सीजन की परीक्षा: जानिए खेती की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार ने की है...

इस रबी सीजन में भारत का मुख्य फोकस कृषि उत्पादन के रिकॉर्ड लक्ष्य के साथ जलवायु परिवर्तन और मानसून से होने वाले जोखिमों को कम करने पर है।
- विज्ञापन -