Homeदेश-समाजवायनाड: शौहर गया था नमाज़ पढ़ने, प्रेमी-प्रेमिका ने बम बाँधकर खुद को उड़ाया

वायनाड: शौहर गया था नमाज़ पढ़ने, प्रेमी-प्रेमिका ने बम बाँधकर खुद को उड़ाया

पुलिस का कहना है कि अमला और उसका पति नयकट्टी में सेंटर चलाते थे। जबकि बेन्नी की फर्नीचर की दुकान है। दोनों परिवार एक दूसरे को पिछले 8 साल से जानते थे।

केरल के वायनाड में शुक्रवार (अप्रैल 29, 2019) को एक शख्स ने अपनी कमर पर बम बाँधकर खुद को और अपनी प्रेमिका को बम से उड़ा दिया। इस धमाके में दोनों की मौत हो गई। पूरी घटना को अंजाम देने के लिए देसी बम ‘थोट्टा’ का इस्तेमाल किया गया था।

मृतकों के पहचान 45 साल के बेन्नी और 38 साल की अमला के रूप में हुई है। खबरों के अनुसार दोनों की शादी अलग-अलग जगह हो चुकी है, लेकिन उनके बीच अवैध संबंध था।

शुक्रवार की दोपहर एलवाना नाज़र (अमला का शौहर) जब नमाज पढ़ने गया तो 1:30 बजे बेन्नी अपनी प्रेमिका अमला के घर आया। इस दौरान उसने अपनी शरीर पर बम बाँधा हुआ था। अमला के नजदीक पहुँचते ही बेन्नी ने उसे गले लगाया और ब्लास्ट कर दिया। घटना के दौरान अमला की 5 साल की बेटी भी वहाँ मौजूद थी लेकिन दूर होने के कारण वो सुरक्षित बच गई।

पुलिस का कहना है कि अमला और उसका पति नयकट्टी में सेंटर चलाते थे। जबकि बेन्नी की फर्नीचर की दुकान है। दोनों परिवार एक दूसरे को पिछले 8 साल से जानते थे। घटना की बाद से पुलिस जाँच में जुटी हुई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

उमर खालिद की ‘कुर्बानी’ का जश्न मनातीं आरफा खानम, ताहिर हुसैन के लिए भी बहाए थे आँसू: अपने ‘पोस्टर बॉय’ के लिए अदालत पर...

उमर खालिद से ताहिर हुसैन तक, ‘पोस्टर बॉय’ पॉलिटिक्स कैसे काम करती है? आरफा खानम के बयान, अदालतों पर सवाल और सुनवाई में देरी के दावों की पड़ताल।

फर्जी Video, झूठे आरोप, हमले और नफरती बयान… काँवड़ यात्रा को बदनाम करने के लिए वामपंथी-कट्टरपंथी और मीडिया कैसे फैलाते हैं भ्रम, पढ़ें- पूरा...

कैसे काँवड़ यात्रा को लेकर कट्टरपंथी, वामपंथी, बिकाऊ मीडिया सुनियोजित तरीके से निशाना बनाती और त्योहारों को बदनाम करने के लिए भ्रम फैलाती।
- विज्ञापन -