Wednesday, September 22, 2021
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रडार पर मौलाना साद का वह बैंक अकाउंट, जिससे 48 घंटे में करोड़ों होते थे ट्रांसफर, UP में 9 विदेशी जमाती गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच तबलीगी मकरज जमात के बैंक ऑफ इंडिया के उस खाते के बारे में जानकारी हासिल करना चाह रही है, जिसमें पैसे आने के 24-28 घंटे के भीतर करोड़ों रुपए गायब कर दिए जाते थे। ये पैसे ज्यादा से ज्यादा 48 घंटे के भीतर अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए जाते थे।

देश में बड़े स्तर पर कोरोना वायरस को फैलाने के जिम्मेदार माने जा रहे तबलीगी जमातियों पर अब लगभग हर राज्य में एक्शन लिया जा रहा है। इस क्रम में आज यूपी पुलिस ने शाहजहाँपुर में थाईलैंड से आए 9 विदेशियों समेत 11 जमातियों को गिरफ्तार किया गया। विदेशी जमातियों पर विदेशी अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने भी तबलीगी जमात पर अपना शिकंजा कस लिया है। खबर है कि इस समय मौलाना साद से जुड़े एक ऐसे बैंक अकाउंट के बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है, जिसमें करोड़ों रुपए की ट्रांसैक्शन होती थी। लेकिन ये करोड़ों रुपए मात्र 48 घंटे में गायब हो जाते थे।

लोकमत की खबर के अनुसार, पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि 2 अप्रैल को शहर के ही मोहल्ला खलील सरकी में जमात से लौटे थाईलैंड के 9 लोगों और तमिलनाडु के 2 लोगों को तथा इन्हें मस्जिद में ठहराने वाले एक व्यक्ति को पकड़ा गया था।

इसके बाद इन सभी का कोरोना टेस्ट कराया गया था। टेस्ट के परिणामों में थाईलैंड से आए एक जमाती को कोरोना से संक्रमित पाया गया था। जिसे पुलिस ने इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया था और बाकियों को क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया था।

क्वारंटाइन की अवधि पूरी हो जाने और पॉजिटिव पाए गए मरीज के पूरी तरह ठीक हो जाने के बाद सभी का मेडिकल कराया गया और रिपोर्ट आते ही सभी को जेल भेज दिया गया। बता दें जिस अस्थाई जेल में जमातियों को रखा गया है, उसके बाहर पुलिस का कड़ा पहरा लगाया गया है।

एक ओर राज्य सरकारों के आदेश के बाद से तबलीगी जमातियों की धर पकड़ जारी है। वहीं, दूसरी ओर दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच तबलीगी मकरज जमात के बैंक ऑफ इंडिया के उस खाते के बारे में जानकारी हासिल करना चाह रही है, जिसमें पैसे आने के 24-28 घंटे के भीतर करोड़ों रुपए गायब कर दिए जाते थे। ये पैसे ज्यादा से ज्यादा 48 घंटे के भीतर अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए जाते थे। 

दिलचस्प बात ये है कि मरकज के लिए होने वाली फंडिंग की कमान मौलाना साद, उसके दो बेटे व भांजे के हाथ में थी। ये चारों ही सारे लेनदेन की देख-रेख करते थे।

यहाँ बता दें तबलीग़ी मरकज के मुखिया मौलाना मुहम्मद साद को क्राइम ब्रांच लगातार नोटिस भेज रही है। लेकिन, वह न तो पुलिस को इन नोटिसों का ठीक से जवाब दे रहा है और न ही जाँच में सहयोग करने के लिए तैयार है। हालत यह है कि क्राइम ब्रांच ने चौथा नोटिस तीन दिन पहले भेजा है। जिसका ठीक से जवाब नहीं मिलने पर अब 5वाँ नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है। दूसरी ओर जगह-जगह से तबलीगी जमातियों के पकड़े जाने का उनपर उपयुक्त कार्रवाई का सिलसिला जारी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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