Homeदेश-समाजमहाराष्ट्र: पुलिस ने कब्रिस्तान में नमाज के लिए इकट्ठे 60 लोगों पर किया FIR,...

महाराष्ट्र: पुलिस ने कब्रिस्तान में नमाज के लिए इकट्ठे 60 लोगों पर किया FIR, Covid दिशा-निर्देशों की उड़ी थी धज्जियाँ

“लगभग 60 लोग माहिम में सुन्नी मुस्लिम कब्रिस्तान में नमाज अदा कर रहे थे। जैसे ही पुलिस को इसकी जानकारी हुई वह तुरंत मौके पर पहुँची और सभी को रंगेहाथ पकड़ लिया। पुलिस ने अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है।”

महाराष्ट्र में सख्त लॉकडाउन लागू होने के बावजूद, नमाज अदा करने के लिए मुंबई पुलिस ने 50-60 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। न्यूज ट्रैक ने इसकी जानकारी दी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस को शुक्रवार (मई 14, 2021) को मुंबई के माहिम कब्रिस्तान में मुस्लिमों के एक बड़े जमावड़े की सूचना मिली थी। वे गुपचुप तरीके से नमाज पढ़ रहे थे, जबकि कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के बाद धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों को बंद कर दिया गया है। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर सभी को पकड़ लिया। माहिम थाने में 50-60 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। ताजा जानकारी के मुताबिक पिछले शुक्रवार को मुंबई के माहिम कब्रिस्तान में नमाज अदा की गई थी।

पुलिस ने लॉकडाउन दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के लिए कब्रिस्तान प्रबंधन के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। कब्रिस्तान प्रबंधन ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है। मामले के बारे में बात करते हुए, विकास शिंदे नाम के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “लगभग 60 लोग माहिम में सुन्नी मुस्लिम कब्रिस्तान में नमाज अदा कर रहे थे। जैसे ही पुलिस को इसकी जानकारी हुई वह तुरंत मौके पर पहुँची और सभी को रंगेहाथ पकड़ लिया। पुलिस ने अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है।”

राजस्थान पुलिस ने डूंगरपुर मस्जिद में ईद की बड़ी सभा का किया भंडाफोड़

इससे पहले 14 मई को, राजस्थान पुलिस ने मुसलमानों के एक समूह पर लाठीचार्ज किया था, जो राजस्थान के डूंगरपुर में एक स्थानीय मस्जिद में ईद के अवसर पर कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच जारी लॉकडाउन के नियमों की पूरी तरह से अवहेलना करने के लिए एकत्र हुए थे।

इंडिया टीवी के पत्रकार मनीष भट्टाचार्य के अनुसार, राजस्थान पुलिस ने सूचना मिलने के बाद डूंगरपुर शहर की एक स्थानीय मस्जिद में छापेमारी की, जिसमें कई मुसलमानों ने लॉकडाउन के आदेशों के बावजूद ईद मनाने के लिए लोगों को इलाके में जमा किया था। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुँची, उन्होंने एक बड़ी सभा देखी, जो एक स्थानीय मस्जिद में सोशल डिस्टेंसिंग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए एकत्र हुई थी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुए वीडियो में दर्जनों लोगों को पुलिस के डर से मस्जिद से बाहर निकलते और भागते देखा जा सकता है। सार्वजनिक सभा के खिलाफ सख्त आदेशों के बावजूद, कई दर्जन स्थानीय लोग बंद परिसर के अंदर जमा हो गए थे, जिससे कोविड फैलने का खतरा था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अगर विधायिका भी माँगने लगे जस्टिस जामदार जैसी छूट तो… बॉम्बे हाईकोर्ट की ‘वॉशिंग मशीन’ और ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ जैसी टिप्पणी कितनी सही?

जस्टिस जामदार ने हॉर्स ट्रेडिंग, पाला बदलने और ‘वॉशिंग मशीन’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। लेकिन क्या न्यायपालिका अपने ऊपर कटाक्ष स्वीकार करेगी?

Uber, ओला, Rapido… एक ही जगह का किराया बार-बार क्यों बदलता रहता है?, कैसे बचाएँ अपनी जेब के पैसे

ओला, Uber या Rapido जैसी ऐप्स का सिस्टम एक ऐसे एल्गोरिदम से चलता है जिसे सिर्फ मुनाफा और संतुलन समझ आता है। जानें कैसे स्मार्ट यूजर बनें।
- विज्ञापन -