Homeदेश-समाजमहाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक के दामाद समीर खान को कोर्ट से राहत नहीं,...

महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक के दामाद समीर खान को कोर्ट से राहत नहीं, ड्रग्स मामले में एनसीबी ने किया था गिरफ्तार

ड्रग्स और बॉलीवुड से जुड़े मामलों की जाँच के दौरान एनसीबी को यह पता चला था कि इस मामले के एक आरोपित और समीर खान के बीच 20,000 रुपयों का ऑनलाइन लेन-देन हुआ है। इस मामले में ब्रिटिश नागरिक करण सजनानी और दो अन्य आरोपितों को 200 किलो प्रतिबंधित ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया था।

एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक के दामाद समीर खान को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उसे ड्रग केस में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सोमवार (जनवरी 18, 2021) को उसे मेडिकल के लिए ले जाया गया। इसके बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ उसे कोई राहत नहीं मिली।

नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 13 अक्टूबर को समीर खान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने एनसीबी को समीर खान की 18 जनवरी तक कस्टडी दी थी। अब उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

दामाद की गिरफ्तारी के बाद नवाब मलिक ने कहा था, ”कोई भी आदमी कानून से ऊपर नहीं है। इसे बिना किसी भेदभाव के लागू किया जाना चाहिए। मैं अपनी न्यायपालिका में बहुत विश्वास और इसका सम्मान करता हूँ।”

दरअसल, ड्रग्स और बॉलीवुड से जुड़े मामलों की जाँच के दौरान एनसीबी को यह पता चला था कि इस मामले के एक आरोपित और समीर खान के बीच 20,000 रुपयों का ऑनलाइन लेन-देन हुआ है। इस मामले में ब्रिटिश नागरिक करण सजनानी और दो अन्य आरोपितों को 200 किलो प्रतिबंधित ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया था। दो अन्य आरोपितों में रहिला फर्नीचरवाला और उनकी बहन शाइस्ता फर्नीचरवाला थे। रहीला फर्नीचरवाला फिल्म अभिनेत्री दीया मिर्जा के पूर्व प्रबंधक हैं।

बता दें कि इसी ड्रग केस को रिपब्लिक मीडिया समूह ने प्रमुखता से अपने टीवी चैनल पर चलाया था। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार पर भी कई तरह के सवाल उठे और एडिटर अर्नब गोस्वामी पर उद्धव सरकार शिकंजा कसती गई। पिछले साल अक्टूबर में महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने दावा किया था कि रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी खुद पर लगे आरोपों और महाराष्ट्र सरकार द्वारा दर्ज कराए गए मामलों से निराश होकर आत्महत्या कर लेंगे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -