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ड्रग्स मामले में जेल में ही रहेंगी रिया चकवर्ती, भाई सहित 6 की जमानत याचिका खारिज

एनसीबी ने गुरुवार को जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध करते हुए कहा था कि भले ही इस मामले में जब्त की गई प्रतिबंधित मादक पदार्थों की मात्रा कम थी, लेकिन यह वाणिज्यिक मात्रा थी और 1,85,200 रुपए की थी।

सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में ड्रग एंगल आने के बाद गिरफ्तार हुई अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती की जमानत याचिका आज (सितंबर 11, 2020) खारिज कर दी गई। विशेष अदालत ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान अपना फैसला सुनाया। इससे पहले मुंबई की सत्र अदालत ने रिया और अन्य के मामले में गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रखा था।

अदालत ने रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती के अलावा अब्दुल बासित, ज़ैद विलात्रा, दिपेश सावंत और सैमुअल मिरांडा की जमानत याचिका खारिज की है। खबर है कि अब ये आरोपित सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएँगे। NCB ने इन सबको ड्रग एंगल सामने आने के बाद पर्याप्त सबूतों के आधार पर गिरफ्तार किया था और गुरुवार को इनकी जमानत याचिका का विरोध भी किया था।

एनसीबी ने गुरुवार को जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध करते हुए कहा था कि भले ही इस मामले में जब्त की गई प्रतिबंधित मादक पदार्थों की मात्रा कम थी, लेकिन यह वाणिज्यिक मात्रा थी और 1,85,200 रुपए की थी। इसके अलावा अपने हलफनामे में उन्होंने लिखा था कि रिया चक्रवर्ती और शौविक चक्रवर्ती सुशांत सिंह राजपूत के लिए मादक पदार्थों की व्यवस्था करते थे और उसके पैसे देते थे। वहीं आरोपित दीपेश सावंत द्वारा दिए गए बयान के अनुसार वह राजपूत और रिया चक्रवर्ती के निर्देश पर मादक पदार्थ खरीदा करता था।

इस याचिका के खारिज होने के बाद सुशांत के लिए लगातार इंसाफ माँगने वाले भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि उन्हें इस फैसले की उम्मीद थी। क्योंकि पहला तो ड्रग ट्रैफिकिंग बहुत गंभीर अपराध है और दूसरा एनसीबी ने इस मामले में जाँच के समय कोई हड़बड़ी नहीं की। उन्होंने बड़ी तसल्ली से इस मामले की जाँच की है। रिया से सवाल पूछे हैं। इसलिए कोर्ट भी इस बात से सहमत हुआ कि भले ही रिया चक्रवर्ती एक्ट्रेस हैं, अच्छे परिवार से ताल्लुक रखती है, लेकिन उनका अपराध राष्ट्र हित में नहीं है। जिसके कारण कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा। इस हिरासत में उनसे अधिकारी सवाल करेंगे और ऐसे समय में उन्हें जवाब देना ही होगा। हर लोकतांत्रिक देश में यही प्रावधान होते हैं।

भाजपा नेता का कहना है कि अब हम इस मामले से जुड़े हर तार के बारे में जानेंगे क्योंकि रिया उसी चेन का हिस्सा थीं। अब हम जानना चाहते हैं कि इन केसों में पैट्रन (संरक्षक) कौन था? क्योंकि बिना किसी संरक्षक के वो ये सब अकेले नहीं कर सकती थी। उन्होंने रिया के बयान से पलटने वाले मामले पर यह भी कहा कि हर अपराधी ऐसा ही करता है। पहले अपराध स्वीकार करता है फिर बाद में कहता है कि उसने ऐसा नहीं किया।

गौरतलब है कि रिया चक्रवर्ती ने मुंबई की विशेष अदालत में जमानत के लिए याचिका दायर की थी जिस पर आज कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। इस मामले में ड्रग्स के पहलू पर जाँच करते हुए नार्कोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शोविक चक्रवर्ती सहित अन्य को हिरासत में लिया था। जहाँ उन्होंने ड्रग लेने और भाई शौविक से ड्रग मँगवाने की बात स्वीकारी थी। मगर, गिरफ्तारी के बाद में अपनी याचिका में रिया अपने पूर्व के बयानों से पलट गईं और विशेष अदालत में दायर की गई याचिका में कहा कि उसने एनसीबी के दबाव में आकर ड्रग्स रैकेट में शामिल होने की बात स्वीकारी थी। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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