Wednesday, August 10, 2022
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‘अस्पताल में इलाज नहीं तो आधी रात भी घर से निकलना’ – मदद की आदत के कारण मधुबनी के RTI कार्यकर्ता अविनाश झा की हत्या?

"हत्या पूरी तरह से सोची-समझी तैयारी के बाद की गई। जानबूझकर ऐसी जगह बुलाया गया, जहाँ CCTV नहीं। इससे पहले भी अविनाश आधी रात में किसी अस्पताल में ठीक से इलाज न होने की सूचना पर घर से निकल जाया करते थे। इसी आदत का फायदा उठाया गया।"

बिहार में एक स्वतंत्र पत्रकार (RTI कार्यकर्ता) बुद्धिनाथ झा का शव मधुबनी जिले से बरामद किया गया है। बुद्धिनाथ झा पिछले 4 दिनों से लापता थे। इनको अविनाश झा नाम से भी जाना जाता था। पिछले कुछ समय से ये प्राइवेट अस्पताल माफियाओं के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।

स्थानीय समाचार फ्रंटलाइन 24 के अनुसार बुद्धिनाथ झा का शव अधजले हालत में बरामद हुआ। उनकी लाश एक थैले में बाँध कर पीपल के पेड़ के नीचे डाली गई थी। यह स्थान बेनीपट्टी – बसैठ राजमार्ग 52 पर पड़ने वाले उरैन गाँव के पास है। यह घटना 12 नवम्बर 2021 (शुक्रवार) की है।

बिहार पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। यह केस बेनीपट्टी थाने में दर्ज हुआ है। केस में नामजद किसी को भी नहीं बनाया गया है। थानाध्यक्ष बेनीपट्टी अरविन्द कुमार के अनुसार हर पहलू पर जाँच की जा रही है। उनके अनुसार जल्द ही हत्या के कारणों का पर्दाफाश कर के आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा। अनुमान के मुताबिक हत्या लगभग 4 दिन पहले ही की जा चुकी थी।

मृत पत्रकार व RTI कार्यकर्ता लोहिया चौक, बेनीपट्टी मधुबनी बिहार के निवासी थे। पिछले कुछ समय से वो निजी अस्पतालों को संचालित कर रहे माफियाओं के खिलाफ आवाज उठा रहे रहे थे। अविनाश झा 9 नवम्बर 2021 (मंगलवार) को रात लगभग 9.58 पर अपने आवास से निकले थे और वापस नहीं लौटे। एक रिपोर्ट के अनुसार शव की पहचान अंगुली में अंगूठी, पैर में तिल, और लाल शर्ट के जले अवशेष से हो पाई।

अविनाश झा की अंतिम तस्वीर घर से निकलते हुए एक CCTV में कैद होने का दावा किया गया है। दैनिक भास्कर के पत्रकार आदित्य तिवारी ने एक ट्वीट में तस्वीर शेयर की है, जिसमें अविनाश झा घर से बाहर लाल शर्ट में कहीं जाते दिखाई दे रहे हैं।

अविनाश झा के भाई चंद्रशेखर झा के अनुसार उन्होंने अविनाश को खोजने की बहुत कोशिश की। उन्होंने हर संभावित स्थान पर जानकारी ली। लेकिन अविनाश का कुछ भी पता नहीं चल पाया। अविनाश का फोन भी स्विच ऑफ आ रहा था। आख़िरकार अविनाश के परिजनों ने थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवाई।

मृत अविनाश के भाई चंद्रशेखर के भी अनुसार पिछले कुछ समय से वो निजी अस्पतालों को चला रहे माफिया तंत्र को बेनकाब कर रहे थे। चंद्रशेखर द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में अपहरण की वजह यही बताई गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार अविनाश ने कई निजी नर्सिंग अस्पतालों के खिलाफ RTI भी लगाई थी। अविनाश लगभग 4 वर्षों से निजी अस्पतालों की आड़ में हो रहे घोटालों को बेनकाब कर रहे थे। इसी वजह से वो कई लोगों के रडार पर थे।

अपनी शिकायत में चंद्रशेखर ने कई अस्पतालों का नाम भी लिया है। इसमें अम्बेडकर चौक बेनीपट्टी स्थित माँ जानकी सेवा सदन, शिवा पाली क्लिनिक, सुदामा हेल्थ केयर, अंशु कष्ट एन्ड सेंटर, सोनाली अस्पताल, आराधना हेल्थ एन्ड डेंटल केयर, जय माँ काली सेवा सदन, आरएस मेमोरियल अस्पताल, अलीना हेल्थ केयर, सान्वी अस्पताल, अनन्या नर्सिंग होम और अनुराग हेल्थ केयर सेंटर शामिल हैं। ये सभी अस्पताल मधुबनी जिले के अलग-अलग स्थानों पर चल रहे हैं। चंद्रशेखर झा के मुताबिक जब से उनके भाई अविनाश ने इन अस्पतालों के खिलाफ सबूत जुटाए, तब से उन्हें मारने की साजिशें रची जा रहीं थीं।

भारतीय जनता पार्टी के विधायक विनोद नारायण झा ने भी इस घटना पर दुःख प्रकट करते हुए प्रशासन से आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। अपने ट्विटर हैंडल पर उन्होंने लिखा, “बेनीपट्टी के पत्रकार श्री अविनाश झा (बुद्धिनाथ) जी का शव संदिग्ध हालत में मिलना अत्यंत ही मर्माहत करने वाला है। मैं इस अत्यन्त दुख की घड़ी में उनके परिजनों के साथ हूँ। प्रशासन इस घटना में संलिप्त दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर कानूनी कार्रवाई करें…!!”

ऑपइंडिया के पास मृतक अविनाश के भाई चंद्रशेखर द्वारा थाने में दी गई तहरीर है। पुलिस ने इस तहरीर पर धारा 363, 365, 120 बी, IPC के तहत 11 नवम्बर 2021 (गुरुवार) को केस दर्ज कर लिया था। इस केस की विवेचना सब इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार को सौंपी गई है। इस घटना पर ऑपइंडिया ने शिकायतकर्ता व मृतक अविनाश झा के भाई चंद्रशेखर झा से बात की। चंद्रशेखर के अनुसार उनके भाई को निजी अस्पतालों को संचालित कर रहे माफियाओं से खतरा था, ये बात स्थानीय पुलिस प्रशासन भी जानता था।

इसी के साथ अविनाश को कई बार मुँह बंद करने का लालच भी दिया गया था। चंद्रशेखर ने बताया कि उनके भाई की हत्या पूरी तरह से सोची-समझी तैयारी के बाद की गई है। जानबूझकर ऐसी जगह बुलाया गया, जहाँ CCTV की नजर में हत्यारे न आ पाएँ। इससे पहले भी अविनाश आधी रात में किसी अस्पताल में ठीक से इलाज न होने की सूचना पर घर से निकल जाया करते थे। इस बार भी उनकी इसी आदत का फायदा उठाया गया।

ABP न्यूज़ द्वारा इस घटना में प्रेम प्रसंग के दावे पर सवाल करने पर शिकायतकर्ता चंद्रशेखर और उनके परिजनों ने बताया कि इस बात को साबित कर के दिखाया जाए। यदि पुलिस अधीक्षक ने ऐसा बयान दिया है तो वो मामले को गलत दिशा देना चाहते हैं और वो सब इसका विरोध करेंगे। गौरतलब है कि SP मधुबनी के बयान के हवाले से ABP न्यूज़ ने दावा किया है कि अविनाश झा की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते हुई है। पुलिस ने हत्या में शामिल एक महिला को भी गिरफ्तार करने का दावा किया है। इसी के साथ रिपोर्ट के अनुसार अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है।

ऑपइंडिया ने इस दावे (प्रेम प्रसंग वाली) की सत्यता जानने के लिए SP मधुबनी को उनके आधिकारिक नंबर पर फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। स्थानीय थाना बेनीपट्टी को भी मामले की जानकारी के लिए सम्पर्क किया गया तो उनका भी फोन नहीं उठा। हालाँकि स्थानीय DSP ने फोन उठाया। उन्होंने बताया कि मृतक अविनाश झा के पत्रकार होने का कोई भी प्रमाण नहीं मिला है। इसी के साथ उनका कहना है कि मामले में एक गिरफ्तारी की गई है। घटना में प्रेम प्रसंग के एंगल पर उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उनके अनुसार मामले को ट्रेस कर लिया गया है। जल्द ही विस्तृत प्रेस नोट पुलिस द्वारा प्रमाणों के साथ जारी की जाएगी।

ऑपइंडिया ने प्रेम प्रसंग के दावे पर स्थानीय विधायक विनोद कुमार झा से बात की। उन्होंने बताया कि हत्या के कारणों की जाँच का काम पुलिस का है। हत्या किसी भी कारण की गई, वो गलत है। जो भी दोषी हो उसको अधिकतम सज़ा मिले, ऐसी माँग है।

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राहुल पाण्डेय
राहुल पाण्डेयhttp://www.opindia.com
धर्म और राष्ट्र को जीवन की प्राथमिकता मानते हुए पत्रकारिता के पथ पर अग्रसर एक प्रशिक्षु। सैनिक व किसान परिवार से संबंधित।

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