Thursday, June 30, 2022
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नुपूर शर्मा को समर्थन करना इंजीनियरिंग छात्र अशरफ साद को पड़ा महंगा: पहले भीड़ ने मारा, फिर भिवंडी पुलिस ने गिरफ्तार किया

अश्फाक ने लिखा था, "मैं किसी मजहब को समर्थन नहीं देता। मुझे सबसे नफरत है। मैं सिर्फ एक ऐसी दुनिया में रहने से डरता हूँ जहाँ आपको और आपके परिवार को मार दिया जाए क्योंकि आपने एक ऐसे व्यक्ति के लिए कुछ बोल दिया जिनका इंतकाल सालों पहले हो चुका है।"

पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी मामले में कट्टरपंथी अब उन लोगों को भी अपना निशाना बना रहे हैं जो नुपूर शर्मा के साथ खड़े हैं। हाल में ये सब इंजीनियरिंग छात्र साद अश्फाक अंसारी के साथ हुआ। साद ने इंस्टाग्राम पर नुपूर शर्मा को समर्थन देते हुए पैगंबर मोहम्मद से जुड़े कुछ सवाल खड़े किए थे और नुपूर शर्मा को बहादुर महिला कहा था। इसके बाद कट्टरपंथियों की भीड़ उस लड़के के घर जा पहुँची और अंत में महाराष्ट्र की भिवंडी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

अश्फाक ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा था, “50 साल का आदमी 6-9 साल की बच्ची से शादी करे, ये साफ तौर पर बाल शोषण है। मुझे नहीं पता कि लोग इसे कैसे समर्थन कर रहे हैं। क्या आप अपनी 6 साल की बेटी 50 साल के आदमी को देंगे (इस बारे में सोचिएगा।)”

एक और इंस्टा स्टोरी में अश्फाक ने लिखा था, “मैं किसी मजहब को समर्थन नहीं देता। मुझे सबसे नफरत है। मैं सिर्फ एक ऐसी दुनिया में रहने से डरता हूँ जहाँ आपको और आपके परिवार को मार दिया जाए क्योंकि आपने एक ऐसे व्यक्ति के लिए कुछ बोल दिया जिनका इंतकाल सालों पहले हो चुका है।”

इंजीनियरिंग छात्र ने अपील की थी, “बड़े हो जाओ यार। ऐसे मजहब को छोड़ो जो दुनिया में आतंक फैलाए और इंसान बनो। ये बहुत आसान है। मैं जानता हूँ ये सब पोस्ट करने के बाद मुझे कितनी नफरत झेलनी पड़ेगी। मैं गलत समझे जाने के लिए तैयार हूँ क्योंकि तुम लोग अब भी बच्चे ही हो।”

अश्फाक के इन सोशल मीडिया पोस्ट के बाद कट्टरपंथी भीड़ 11 जून की रात उसके घर पहुँची और उससे बाहर निकलने को कहा गया। लड़के ने किसी तरह भीड़ को समझाने का प्रयास किया। उसने घबराते हुए कहा, “मैं चाहता तो अंदर रह सकता था। लेकिन मैं तुम लोगों से बाहर बात करने आया हूँ।” इसके बाद भीड़ से एक व्यक्ति ने कहा, “अगर तू अंदर रहता तो हम तुझे खींचकर बाहर लाते और मारते।” लड़के ने हाथ जोड़कर भीड़ को समझाने की बहुत कोशिशें की। लेकिन भीड़ नहीं मानी। अंत में उससे जबरन कलमा पढ़वाया गया। जब लड़के ने इसे पढ़ना शुरू किया तो व्यक्ति ने उसके मुँह पर झापड़ मारा और दूसरे ने लगातार धमकी दी।

इसके बाद 12 जून को दोबारा मुस्लिम भीड़ अश्फाक के घर पहुँची और अपना प्रदर्शन किया। बाद में भिवंडी के निजामपुर पुलिस थाने में साद के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई। कट्टरपंथी भीड़ ने आरोप लगाया कि साद ने पैगंबर पर आपत्तिजनक की। भीड़ ने कहा कि उन्हें माफी नहीं, गिरफ्तारी चाहिए। एक प्रदर्शनकारी ने तो ये तक कहा कि अगर ऐसी घटना दोबार घटित हुई तो कानून अपना काम करेगा और वे लोग अपना।

नुपूर शर्मा को महाराष्ट्र पुलिस ने जारी किया है समन

उल्लेखनीय है कि ईशनिंदा का मामला भिवंडी में जोर पकड़ रहा है। नुपूर शर्मा के विरुद्ध भी वहाँ एफआईआर दर्ज हुई हैं और पुलिस ने नुपूर को पूछताछ के लिए समन किया है। वहीं मुंबई पुलिस ने भी नुपूर को पूछताछ के लिए समन भेजा है और उन्हें 25 जून को पेश होने को कहा है। इसके अलावा मुंब्रा थाने से भी नुपूर को 22 जून को पेश होने को कहा गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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