Sunday, July 14, 2024
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‘केस वापस ले लो’ – घर आकर 200 मुस्लिमों की धमकी: मृतक महादलित के बेटे का आरोप, बजरंग दल ने की न्याय की माँग

सर्वलाल हरिजन की सिर्फ़ इसीलिए हत्या कर दी गई थी, क्योंकि उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से पूछा था कि उन लोगों ने उनके सूअर को क्यों मार डाला? अब जब केस किया गया है तो मुसलमानों की भीड़ मृतक के घर जाकर केस वापस लेने की धमकी दे रही।

बिहार के पूर्णिया में मुस्लिम भीड़ द्वारा सर्वलाल हरिजन (माँझी) की हत्या का मामला अब पूरे राज्य में एक बड़ा मुद्दा बन कर उभर रहा है। विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने इस मामले में पुलिस से कार्रवाई की माँग की है। सर्वलाल हरिजन की सिर्फ़ इसीलिए हत्या कर दी गई थी, क्योंकि उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से पूछा था कि उन लोगों ने उनके सूअर को क्यों मार डाला? इस संबंध में अब हिन्दूवादी संगठन आक्रोश में हैं।

ऑपइंडिया ने इस संबंध में बजरंग दल के सह प्रांत संयोजक शुभम भारद्वाज से बात की, जिन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अगर 3 दिनों के भीतर आरोपितों पर कार्रवाई नहीं की तो उनका संगठन पूरे राज्य में सड़क पर उतरने पर विचार करेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के बीच विरोध प्रदर्शन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का ध्यान रखा जाएगा लेकिन हिंदुओं पर अत्याचार पर वो चुप नहीं बैठेंगे।

भारद्वाज ने कहा कि पुलिस इस मामले में आरोपितों को गिरफ्तार करने में विफल रही है, जिस कारण लोग आक्रोशित हैं। इसीलिए, 31 जिलों के विभिन्न लोगों ने प्लाकार्ड के जारी सर्वलाल हरिजन की हत्या के मामले में न्याय की माँग की है। इन बैनरों पर लिखा है- “हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो”, सर्वलाल हरिजन को न्याय दो’ और ‘मुस्लिम तुष्टीकरण बंद करो’। इन बैनरों से लोगों ने अपना आक्रोश जताया है।

भारद्वाज ने बताया कि इस मामले में बजरंग दल बिहार के महामहिम राज्यपाल को पत्र लिख कर घटना से अवगत कराने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यपाल को पत्र लिख कर न्याय की माँग की जाएगी। इससे पहले भी विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के न्याय की माँग की थी। पुलिस ने जाँच का आश्वासन दिया था।

प्लाकार्ड के माध्यम से आक्रोश प्रदर्शन कर के न्याय की माँग करते लोग

हालाँकि, ऑपइंडिया ने जब पुलिस से संपर्क किया तो उन्होंने जाँच जारी होने की बात कही। हमने मृतक सर्वलाल हरिजन के बेटे संतोष कुमार से बात की, जिन्होंने कहा कि उनके दरवाजे पर करीब 200 मुस्लिम आए थे, जिन्होंने केस वापस लेने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मुस्लिम भीड़ आकार उन पर दबाव बना रही थी कि वो इस मामले में अपनी शिकायत वापस ले लें।

संतोष कुमार ने कहा कि उनके पास एक तो केस लड़ने के लिए पैसे नहीं हैं, ऊपर से दबाव भी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक पुलिस की तरफ से उनकी मदद के लिए या घटना के निरीक्षण के लिए कोई नहीं आया है। संतोष ने बताया कि परिवार अब भी डर के साए में जी रहा है। उन्हें न्याय की उम्मीद तो है लेकिन गरीबी के कारण रुपए भी नहीं हैं। उन्होंने आरोपितों की गिरफ़्तारी की माँग की।

बता दें कि बिहार के पूर्णिया में एक महादलित व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया था। ये घटना डगरुआ थाना क्षेत्र स्थित दुबैली गाँव की है। विश्व हिन्दू परिषद ने इस मामले में न्याय की माँग की है। विहिप का कहना है कि सर्वलाल हरिजन (सर्वलाल माँझी) की न सिर्फ हत्या की गई बल्कि उनके घर पर भी हमला किया गया और उनके परिवार पर अत्याचार किया गया। विहिप के जिलाध्यक्ष पवन कुमार पोद्दार एवं जिला मंत्री रवि भूषण झा ने इस घटना से मीडिया को अवगत कराया था।

न्याय की माँग करते लोग

संतोष कुमार ने इस दौरान सबसे बड़ा आरोप ये लगाया था कि आरोपितों और उनके सहयोगियों ने उनके पिता का हिन्दू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार नहीं होने दिया, जिसके बाद उन्हें अपने दरवाजे के पास ही लाश को दफनाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि चूँकि श्मशान तक जाने का रास्ता उनकी बस्तियों से होकर ही जाता है, इसीलिए उन्हें जलाने के लिए नहीं ले जाने दिया गया। इसलिए दफनाना पड़ा

एफआईआर के अनुसार, संतोष की बहन को पकड़ कर अर्धनग्न भी कर दिया गया। इसमें तहसीन, अशफाक, राशिद और सोहिब सहित कुल 14 को आरोपित बनाया गया है। इन सब पर लाठी-डंडे और बाँस से वार करने का आरोप लगाया गया है। सोहिब पर आरोप लगाया गया है कि उसने संतोष के पिता सर्वलाल को अंदरूनी चोट पहुँचा कर जख्मी कर दिया। साथ ही पत्थर चलाने का भी आरोप है।

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अनुपम कुमार सिंह
अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

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