Saturday, July 27, 2024
Homeदेश-समाजमुंबई के आजाद मैदान में लगे 'आजादी' के नारे, 'किसानों' के समर्थन के नाम...

मुंबई के आजाद मैदान में लगे ‘आजादी’ के नारे, ‘किसानों’ के समर्थन के नाम पर जुटे हजारों मुस्लिम प्रदर्शनकारी

“आज, हम परेशान हैं। गली-गली जाकर माँ-बहनों को उनके घरों से बाहर निकालना हमारी जिम्मेदारी है। कल हम सबको मिलकर आजाद मैदान पहुँचना होगा और मस्जिद के पास इकट्ठा होना होगा।"

NRC और CAA विरोधी प्रदर्शनों की तरह ही अब कथित किसान आंदोलन को हवा देने की तैयारी की जा रही है। मुंबई के आजाद मैदान में शनिवार (16 जनवरी, 2021) को हजारों मुस्लिम प्रदर्शनकारी जुटे। ये कथित तौर पर केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध का समर्थन करने को इकट्ठा हुए थे।

एबीपी न्यूज के अनुसार, मुंबई के आजाद मैदान में में किसानों के समर्थन में ‘किसान अलायंस मोर्चा’ का आयोजन किया गया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘आजादी’ के नारे लगाए। मंच पर लगे बैनर पर आप साफतौर लिखा देख सकते हैं, ” मुंबईकर किसानों के विरोध का समर्थन करते हैं।” कथित तौर पर, कई सामाजिक संगठनों के प्रदर्शनकारियों ने कृषि कानूनों के खिलाफ यह आंदोलन किया।

वीडियो साभार: Youtube/ABP News

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस विरोध-प्रदर्शन को एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप देने की तैयारी की जा रही है, जैसा दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 के बीच सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान देखा गया था। नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़न्स (NRC) के बहाने मुसलमानों की नागरिकता छीन ली जाएगी, यह कह कर दिल्ली में हिंदू विरोधी दंगों को अंजाम दिया गया था। दंगों में 52 लोगों की हत्या कर दी गई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे।

अब सवाल यह उठता है कि क्या किसान विरोध प्रदर्शन भी एंटी-सीएए विरोध की तरह किसी साजिश के तौर पर रचा तो नहीं जा रहा?

गौरतलब है कि इस वक्त सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कृषि कानून का विरोध कर रहे एक प्रदर्शनकारी को ट्रिपल तालक, आसिफा बलात्कार और NRC के मुद्दे को उठाते हुए तथाकथित किसानों के लिए समर्थन जुटाते हुए देखा जा सकता है। मुस्लिम प्रदर्शनकारी कहता है, “आज, हम परेशान हैं। गली-गली जाकर माँ-बहनों को उनके घरों से बाहर निकालना हमारी जिम्मेदारी है। कल हम सबको मिलकर आजाद मैदान पहुँचना होगा और मस्जिद के पास इकट्ठा होना होगा। हमने बस यात्रा, भोजन और पानी की व्यवस्था कर रखी है। हम सभी माँ-बहनों की सुरक्षा को सुनिश्चित करेंगे।” हालाँकि यह वीडियो कब की है, अभी यह पता नहीं लग पाया है।

कई सोशल मीडिया यूज़र्स के अनुसार, किसान समर्थन में उक्त आदमी ने एक बार भी कृषि कानूनों का उल्लेख नहीं किया, लेकिन उसकी जगह शनिवार को विरोध-प्रदर्शनों के लिए समर्थन जुटाने के लिए आजाद मैदान में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जरूर बताया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पुलिस ने की सिर्फ पूछताछ, गिरफ्तार नहीं: हज पर मुस्लिम महिलाओं के यौन शोषण की आवाज उठाने वाले दीपक शर्मा पर कट्टर इस्लामी फैला...

दीपक शर्मा कहते हैं कि उन्होंने हज पर महिलाओं के साथ होते व्यवहार पर जो ट्वीट किया, वो तथ्यों पर आधारित है। उन्होंने पुलिस को भी यही बताया है।

बांग्लादेशियों के खिलाफ प्रदर्शन करने पर झारखंड पुलिस ने हॉस्टल में घुसकर छात्रों को पीटा: BJP नेता बाबू लाल मरांडी का आरोप, साझा की...

भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ प्रदर्शन करने पर हेमंत सरकार की पुलिस ने उन्हें बुरी तरह पीटा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -