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मुस्लिम शादी में हिन्दू कार्ड, वैदिक मंत्र और हिन्दू प्रतीक चिन्ह, जानें क्या है सच्चाई

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा शादी का यह कार्ड बहराइच के कैसरगंज के सफीपुर के रहने वाले समीर अहमद का है। उनके अब्बा उजहुल कमर ने बताया है कि उन्होंने दो कार्ड छपवाए हैं। एक कार्ड हिंदी में जबकि दूसरा उर्दू में है।

सोशल मीडिया पर मुस्लिम शादी का एक कार्ड वायरल हो रहा है। इसमें दूल्हा-दूल्हन के नाम मुस्लिम जबकि कार्ड की शैली हिन्दू है। इसमें वैदिक मंत्र भी लिखे हुए हैं और हिन्दू प्रतीक चिन्ह बने हुए हैं। कार्ड में सभी रिश्तेदारों के नाम भी मुस्लिम हैं। इस कार्ड के विषय में अब पूरी जानकारी सामने आई है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा शादी का यह कार्ड बहराइच के कैसरगंज के सफीपुर के रहने वाले समीर अहमद का है। समीर अहमद कैसरगंज के सफीपुर के रहने वाले हैं जबकि उनका विवाह जरवल रोड की रहने वाली सानिया खातून से होना है। यह शादी 29 फरवरी, 2024 को होनी है। इस कार्ड में इसे निकाह नहीं बल्कि परिणय बंधन बताया गया है।

हिन्दुतान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, उजहुल कमर ने अपने बेटे के निकाह के लिए दो कार्ड छपवाए हैं। इनमें से जो हिन्दू कार्ड वायरल हो रहा है, वह उजहुल ने अपने हिन्दू परिचितों को भेजने के लिए छपवाया है। उन्होंने हिन्दुस्तान से बात करते हुए बताया है कि यह कार्ड केवल उनके हिन्दू परिचितों और पड़ोसियों को बाँटा जाएगा।

उन्होंने अपने मुस्लिम रिश्तेदारों और पहचान वालों के लिए एक और कार्ड छपवाया है जो कि उर्दू में है। यह कार्ड हिन्दू नहीं पढ़ सकेंगे। हिन्दुओं को दिए गए निमंत्रण में प्रीतिभोज की तारीख 28 फरवरी, 2024 को रखा गया है। उजहुल ने बताया है कि हिन्दुओं के लिए प्रीतिभोज भी उन्होंने अलग रखा है।

उजहुल कमर ने बताया है कि उनके यह अलग कार्ड छपवाने के कारण अब तक उन्हें कई फ़ोन आ चुके हैं। सभी उनसे इस विषय में पूछ रहे हैं। गौरतलब है कि हिन्दुओं के विवाह निमंत्रणों में वैदिक मंत्र, गणेश भगवान तथा हिन्दू प्रतीक चिन्ह शामिल होते हैं। मुस्लिमों के निकाह में कार्ड अधिकतर उर्दू में छापे जाते हैं। इनमें ऐसे कोई प्रतीक या छवियाँ नहीं होती।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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