Tuesday, November 29, 2022
Homeदेश-समाजनई मस्जिद का नाम डॉ कलाम, परमवीर अब्दुल हमीद या अशफाकउल्ला खान के नाम...

नई मस्जिद का नाम डॉ कलाम, परमवीर अब्दुल हमीद या अशफाकउल्ला खान के नाम पर हो: VHP की माँग

मुख्य याचिकाकर्ता इकबाल अंसारी ने कहा कि वो देश को आश्वस्त कर सकते हैं कि वो हिन्दुओं के साथ बिना किसी उपद्रव के, गरिमा के साथ रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वो शांति व्यवस्था को बिगड़ने नहीं देंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने दशकों से लंबित अयोध्या विवाद पर 9 नवंबर को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए विराम लगा दिया। अपने ऐतिहासिक फैसले में सर्वोच्च न्यायालय ने रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने में ट्रस्ट के गठन का आदेश दिया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकताओं ने सोमवार (नवंबर 11, 2019) को अपनी इच्छा जताते हुए कहा कि वो चाहते हैं कि भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उस ट्रस्ट के सदस्य हों।

साथ ही विहिप ने यह भी कहा कि वह केंद्र से अनुरोध करेगा कि 5 एकड़ जमीन पर बनने वाली मस्जिद का नाम बाबर के नाम पर रखने की अनुमति न दे। विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा, “बाबर एक विदेशी आक्रांता (हमलावर) था। हम सरकार को इसकी अनुमति नहीं देने के लिए संपर्क करेंगे। भारत में बहुत सारे अच्छे मुस्लिम हैं। देश की शांति और विकास में उनका काफी योगदान रहा है। इनमें वीर अब्दुल हमीद, अशफाकउल्ला खान और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का नाम आता है।। नई मस्जिद का नाम उनमें से किसी के नाम पर रखा जाना चाहिए।”

बता दें कि शरद शर्मा राम जन्मभूमि न्यास कार्यशला की देखभाल करते हैं, जहाँ राम मंदिर के लिए तराशे गए पत्थर रखे गए हैं। वहीं मुस्लिम याचिकाकर्ताओं में से एक का कहना है कि मस्जिद का नामकरण महत्वपूर्ण नहीं है। प्राथमिक मुद्दा मस्जिद के लिए भूमि को स्वीकार करने या न करने पर आम सहमति का था।

मुस्लिम पक्ष की ओर से मुख्य याचिकाकर्ता इकबाल अंसारी ने कहा, “मस्जिद कोई बाबर की मोहताज नहीं, बाबर एक बादशाह था।” उन्होंने आगे कहा कि अभी जमीन का अधिग्रहण किया जाना बाकी है और इस पर सुन्नी वक्फ बोर्ड की एक बैठक होगी। उन्होंने कहा कि वो देश को आश्वस्त कर सकते हैं कि वो हिन्दुओं के साथ बिना किसी उपद्रव के, गरिमा के साथ रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वो शांति व्यवस्था को बिगड़ने नहीं देंगे।

मस्जिद को मिलने वाली जमीन को लेकर अंसारी का एक और बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है, “अगर सरकार हमें जमीन देना चाहती है तो हमें हमारी सुविधा के हिसाब से देना चाहिए। आवंटित जमीन 67 एकड़ जमीन में से ही होनी चाहिए। तभी हम यह जमीन लेंगे। नहीं तो हम जमीन लेने की पेशकश को ठुकरा देंगे। लोग कह रहे हैं कि 14 कोस से बाहर जाकर मस्जिद बनाओ, यह उचित नहीं है।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

8 दिसंबर तक चुप रहो, वरना जेल में ही होगी हत्या… ‘सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया परिवार को दे रहे धमकियाँ’: महाठग के नए...

सुकेश ने दावा किया है कि मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के मोबाइल नंबरों से परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है। इसके अलावा धमकी दी जा रही है।

एक सप्ताह से हैक पड़ा है AIIMS का सर्वर, क्रिप्टोकरेंसी में ₹200 करोड़ माँग रहे हैकर्स: मैन्युअली हो रहा सारा काम, 4 करोड़ मरीजों...

एम्स के सर्वर में कई वीआईपी मरीजों के डेटा भी मौजूद हैं। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री, मंत्री, समेत कई बड़े अधिकारी भी शामिल हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
235,957FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe