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₹100 करोड़ की वसूली का मामला: सचिन वाजे से पूछताछ के लिए ED को मिली कोर्ट से इजाजत

वाजे को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने मार्च में दक्षिण मुंबई में एंटीलिया के पास विस्फोटक से लदी एसयूवी रखने और उसके बाद व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था। वाजे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

मुंबई की एक विशेष अदालत ने गुरुवार (जुलाई 8, 2021) को महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ दर्ज कथित धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में बर्खास्त मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाजे से पूछताछ करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अनुमति दे दी है।

वाजे को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने मार्च में दक्षिण मुंबई में एंटीलिया के पास विस्फोटक से लदी एसयूवी रखने और उसके बाद व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था। वाजे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

कोर्ट ने ईडी को नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद वाजे से 3 दिन तक पूछताछ करने की इजाजत दी है। मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे मामले में ईडी ने अब तक पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के दो सहयोगियों (उनके निजी सचिव संजीव पलांडे और निजी सहायक कुंदन शिंदे) को गिरफ्तार किया है।

केंद्रीय एजेंसी का दावा है कि गिरफ्तार होने के बाद दोनों ने कबूल किया कि वाजे ने मुंबई में ऑर्केस्ट्रा बार मालिकों से 4.70 करोड़ रुपए एकत्र किए थे और इसे दो किश्तों में शिंदे को सौंप दिया था।

ईडी ने वाजे से पूछताछ के लिए विशेष एनआईए अदालत से अनुमति की माँग करते हुए कहा था कि वह अपराध शाखा के पूर्व सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे के साथ पलांडे और शिंदे को सामने बैठाकर पूछताछ करना चाहते हैं।

उल्लेखनीय है कि मामले में आईपीएस ऑफिसर परमबीर सिंह ने मुंबई पुलिस कमीश्नर के पद से हटाए जाने के बाद खुलासा किया था कि गृहमंत्री ने वाजे को मुंबई के बार, रेस्तरां आदि से 100 करोड़ रुपए की वसूली करने को कहा था। हालाँकि, देशमुख ने इन आरोपों को खारिज किया था, लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग के कारण केस में ईडी की एंट्री हुई और अब इसमें जाँच चल रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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