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6 साल की मासूम के साथ बलात्कार कर हत्या करने वाले मोहम्मद मुश्ताक को मृत्युदंड

21 अप्रैल, 2018 की शाम 6 वर्षीया बच्ची गाँव के स्कूल में बेहोश मिली थी। उसके सर, गर्दन, सीने, और गुप्तांग से भारी रक्तस्राव हो रहा था। 8 दिन कोमा में रहने और वेंटिलेटर पर ज़िंदगी के लिए जूझने के बाद उसने दम तोड़ दिया था।

ओडिशा के कटक की विशेष POCSO अदालत ने मोहम्मद मुश्ताक को एक 6 साल की बच्ची के साथ बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या करने के मामले में मृत्युदंड सुनाया है। 26-वर्षीय मुश्ताक ने सालेपुर के जगन्नाथपुर गाँव में पिछले साल इस नृशंस वारदात को अंजाम दिया था। मुश्ताक को जिन प्रावधानों के अंतर्गत मृत्युदंड की सज़ा हुई है, वे पिछले साल POCSO अधिनियम में संशोधन कर जोड़े गए थे। इनके अंतर्गत 12 साल के कम आयु के अवयस्कों के साथ बलात्कार के मामले में मृत्युदंड को जोड़ा गया था।

चौथा मृत्युदंड

मीडिया खबरों के अनुसार ओडिशा में केंद्र द्वारा संशोधित पॉस्को अधिनियम के अंतर्गत मृत्युदंड दिए जाने का यह चौथा मामला है। मोहम्मद मुश्ताक को अतिरिक्त जिला और विशेष पॉक्सो जज वंदना कर ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं 302 (हत्या), 363 (अपहरण), 376 A-B (12 वर्ष से कम की महिला के साथ बलात्कार) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी पाया था।

स्कूल में मृतप्राय मिली थी

21 अप्रैल, 2018 की शाम को 6-वर्षीया बच्ची सालेपुर के जगन्नाथपुर गाँव के स्कूल में पड़ी मिली थी। वह बेहोश थी और सर, गर्दन, सीने, और गुप्तांग से भारी रक्तस्राव हो रहा था। 8 दिन कोमा में रहने और वेंटिलेटर पर ज़िंदगी के लिए जूझने के बाद उस बच्ची ने दम तोड़ दिया। 29 अप्रैल, 2018 को हृदयघात के बाद SCB मेडिकल कॉलेज में उसकी मृत्यु हो गई।

परिवार को जानता था मुश्ताक

मुश्ताक बच्ची को चॉकलेट दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था। निर्ममतापूर्वक बलात्कार करने के बाद उसने उसके सिर पर वार किया और गला भी घोंट दिया। वह पीड़िता के ही गाँव का रहने वाला और उसके परिवार की जान-पहचान का ही बताया जा रहा है। अपनी करनी छिपाने के लिए वह लड़की के गायब होने की खबर फैलने के बाद उसे ढूँढ़ने वालों में शामिल हो गया। पुलिस ने मामले में रिकॉर्ड 19 दिन में तहकीकात पूरी कर के चार्जशीट दायर कर दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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