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WFI के अधिकारियों पर लगा तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध, ए़़डहॉक कमिटी लेगी सारे निर्णय: ओलंपिक संघ का फैसला, 45 दिन के भीतर होंगे चुनाव

ओलंपिक संघ के संयुक्त सचिव और कार्यवाहक सीईओ कल्याण चौबे ने आदेश जारी कर कहा है कि अब एडहॉक कमिटी कुश्ती महासंघ के सभी कामों को सँभालेगी। इसी के तहत कुश्ती महासंघ से जुड़े निवर्तमान अध‍िकारियों को किसी भी तरह के कामकाज करने से रोक लगाने का आदेश दिया है।

पहलवानों के प्रदर्शन के बीच भारतीय ओलंपिक संघ ने कुश्ती महासंघ के सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। कुश्ती महासंघ के अधिकारी अब कोई भी प्रशासनिक कार्य नहीं कर सकेंगे। ओलिंपिक संघ ने इसको लेकर शुक्रवार (12 मई 2023) को एक आदेश जारी किया।

ओलंपिक संघ के संयुक्त सचिव और कार्यवाहक सीईओ कल्याण चौबे ने आदेश जारी कर कहा है कि अब एडहॉक कमिटी कुश्ती महासंघ के सभी कामों को सँभालेगी। इसी के तहत कुश्ती महासंघ से जुड़े निवर्तमान अध‍िकारियों को किसी भी तरह के कामकाज करने से रोक लगाने का आदेश दिया है। यही नहीं, कुश्ती महासंघ के अधिकारियों को ऑफिस के दस्तावेज, वेबसाइट मैनेजमेंट, वित्तीय कामों से जुड़ी चीजें चीजें और लॉगिन डिटेल्स एडहॉक कमिटी को सौंपने के लिए कहा गया है।

गौरतलब है कि ओलंपिक संघ के इस फैसले से पहले एक एडहॉक कमिटी बनाई गई थी। यह कमिटी कुश्ती महासंघ की हर गतिविधि पर नजर रख रही है। यह कमिटी आने वाले दिनों में कुश्ती महासंघ के चुनाव भी कराएगी। कुश्ती महासंघ के अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने को लेकर ओलंपिक संघ द्वारा जारी किए गए आदेश में खेल मंत्रालय के एक पत्र का हवाला दिया गया है। दरअसल, खेल मंत्रालय ने 24 अप्रैल को जारी एक आदेश में ओलंपिक संघ ने कुश्ती महासंघ की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए एडहॉक कमिटी बनाने का आदेश दिया था।

खेल मंत्रालय के आदेश के बाद ओलंपिक संघ ने 27 अप्रैल को एग्जीक्यूटिव काउंस‍िल की आपातकालीन बैठक हुई। इस बैठक में एडहॉक कमिटी बनाने का फैसला हुआ। इसके बाद इस एडहॉक कमिटी में ओलंपिक संघ के कार्यकारी परिषद के सदस्य भूपेंदर सिंह बाजवा और ओलिंपिक संघ की उत्कृष्ट योग्यता की प्लेयर सुमा श‍िरूर को शामिल किया गया। यही नहीं, कुश्ती महासंघ के चुनाव में पारदर्शिता बरतने के लिए इस कमिटी में सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज को भी शामिल करने के लिए कहा गया है। ज्ञात हो कि एडहॉक कमिटी को 45 दिनों के भीतर चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

बता दें कि पहलवान भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की माँग करते हुए धरना दे रहे हैं। बृजभूषण सिंह पर पहलवानों ने यौन उत्पीड़न समेत कई तरह के आरोप लगाए हैं। पहलवानों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत 2 FIR दर्ज हुई है। हालाँकि अब पहलवान WFI अध्यक्ष की गिरफ्तारी की माँग पर अड़े हुए हैं। वहीं, बृज भूषण शरण सिंह अपने कई बयानों में खुद को बेगुनाह बता चुके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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