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गणतंत्र दिवस पर अशफाक के घर लहराया इस्लामी झंडा, बिहार पुलिस ने उतरवाया तो बीवी बोली – हमें नहीं पता कहाँ का है

रेहाना परवीन ने बताया कि उनके शौहर के भाई शिक्षक हैं, जिनके बेटे ने ये झंडा लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि ये झंडा क्या है।

गणतंत्र दिवस के मौके पर जहाँ देश भर में राष्ट्रध्वज तिरंगे की धूम रहती है, वहीं बिहार के पूर्णिया में गुरुवार (26 जनवरी, 2023) को एक मकान पर इस्लामी झंडा लगा दिया गया। जैसे ही लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, पुलिस ने मौके पर पहुँच कर झंडे को उतरवाया। ये घटना मधुबनी थाना क्षेत्र में स्थित सिपाही टोला की है। पुलिस ने कहा है कि झंडे को उतार कर मामले की जाँच की जा रही है। हालाँकि, अब तक किसी की भी गिरफ़्तारी नहीं हुई है।

कुछ मीडिया संस्थानों ने इस झंडे को पाकिस्तान से मिलता-जुलता झंडा बता कर रिपोर्ट लिखी। जिस घर पर ये झंडा लगाया गया, वो मोहम्मद अशफाक और उसकी पत्नी रेहाना परवीन का है। महिला का कहना है कि उनके भतीजे मुबारक हुसैन ने ये झंडा लगाया था और उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि ये किसका झंडा है। लोगों की शिकायत पर थानाध्यक्ष पवन कुमार चौधरी खुद मौके पर पहुँचे और पुलिस को झंडा उतारते हुए भी वीडियो में देखा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि SDO (अनुमंडल विकास पदाधिकारी) और अन्य वरीय पदाधिकारियों से राय-विमर्श करके आगे की कार्रवाई की जाएगी। रेहाना परवीन ने बताया कि उनके शौहर के भाई शिक्षक हैं, जिनके बेटे ने ये झंडा लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि ये किसका झंडा है। हालाँकि महिला ने इसकी पुष्टि की है कि इस झंडे को गणतंत्र दिवस के दिन ही लगाया गया है। बता दें कि पूर्णिया बिहार राज्य के सीमांचल का हिस्सा है, जहाँ मुस्लिमों की जनसंख्या अच्छी-खासी है।

रेहाना का भैंसुर (पति का बड़ा भाई) मुबारुकदीन एक निजी विद्यालय चलाता है। दोनों भाई एक ही घर में रहते हैं। मुस्लिमों की आबादी पूर्णिया में 38.46 प्रतिशत हो चुकी है।  दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक मदरसे से इस्लामी झंडा फहराने की रिपोर्ट सामने आई है। मामला सुबेहा थाना के रामपुर मजरे जमीन हुसैनाबाद का है। इस्लामी झंडा फहराया देख गाँव वालों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने आनन-फानन में आकर मदरसे से झंडा उतरवाया। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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