बालाकोट एयर स्ट्राइक से चिढ़ा पाकिस्तान इस तरह ले रहा भारत से बदला

पाकिस्तान द्वारा भारतीय राजनयिकों के साथ दुर्व्यवहार की खबरें पहले भी कई बार आती रही है। इससे पहले पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया और महावाणिज्य दूतावास के अधिकारियों को गुरुद्वारा पंजा साहिब में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की अनुमति होने के बाद भी जाने से रोका गया था।

पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी अड्डे को तबाह करने की भारतीय वायु सेना की कार्रवाई से चिढ़ा पाकिस्तान अब भारतीय राजनयिकों के उत्पीड़न पर उतर आया है। भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को एक नोट जारी करते हुए कहा है कि पाकिस्तानी एजेंसियाँ इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों को फिर से परेशान कर रही हैं। भारत ने मार्च के महीने से उदाहरणों को सूचीबद्ध करते हुए पाकिस्तान से इस मामले की जाँच करने को कहा है, साथ ही अधिकारियों के सुरक्षा का भरोसा देने के लिए भी कहा गया है।

भारतीय राजनयिकों की खुफियागिरी करने और उन्हें तरह-तरह से परेशान करने की घटनाओं का सिलसिलेवार उल्लेख करते हुए भारत ने अपनी कड़ी आपत्ति जताई है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में पिछले चार दिनों के अंदर भारतीय उच्चायुक्त और उप उच्चायुक्त सहित कई बड़े अधिकारियों का पीछा करने, अनुचित तरीके से सर्विलांस, झूठी फोन कॉल आदि दर्जन भर से ज्यादा घटनाएँ हुई हैं।

उच्चायोग में नौसेना के सलाहकार का भी आक्रामक तरीके से 8, 9, 10 और 11 मार्च को पाकिस्तान के सुरक्षाकर्मियों ने पीछा किया। भारतीय उच्चायोग ने पाकिस्तान से इस मामले की तत्काल जाँच की करने की माँग की है और कहा है कि इस तरह की उत्पीड़न की घटनाएँ 1961 के विएना समझौता का स्पष्ट उल्लंघन है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

गौरतलब है कि पाकिस्तान द्वारा भारतीय राजनयिकों के साथ दुर्व्यवहार की खबरें पहले भी कई बार आती रही है। इससे पहले पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया और महावाणिज्य दूतावास के अधिकारियों को गुरुद्वारा पंजा साहिब में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की अनुमति होने के बाद भी जाने से रोका गया था। इसके अलावा एक घटना में एक भारतीय राजनयिक का पीछा किया गया और गाड़ी रोक कर बदसलूकी की गई थी।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

इनकी सावरकर से दुश्मनी केवल इसलिए है क्योंकि वह हिंदूवादी थे, और कॉन्ग्रेस की राजनीति मुस्लिम तुष्टिकरण की है। हिन्दूफ़ोबिया इनकी वैचारिक नसों में है, तो इसलिए हिन्दू हितों की बात करने वाले को खलनायक या कमज़ोर दिखाना तो हिन्दूफ़ोबिया की तार्किक परिणति होगा ही।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

पति ने TIK-TOK चलाने से किया मना, पत्नी ने की आत्महत्या, रिकॉर्ड किया मौत का वीडियो

24 वर्षीय अनीता की शादी 29 साल के पलानीवेल के साथ हुई थी। उनके चार साल की एक बेटी और दो साल का एक बेटा भी है।
दीदी, सुरक्षा दो या इस्तीफा

सईद की मौत पर 200 दंगाईयों को बुलाकर डॉक्टरों पर हमला करने वालों को ममता क्यों बचा रही है?

पथराव शुरू हुआ, डॉक्टरों पर जानलेवा हमले हुए तो पुलिस ने क्यों नहीं रोका? क्यों डॉक्टरों की जान बचाने के लिए दंगाईयों पर नियंत्रण के लिए कड़ी कार्रवाई नहीं की गई? जवाब हम सब को पता है। क्योंकि हमलावर मुसलमान थे- अगर उन्हें कुछ हो जाता तो ममता के वोट बैंक को खतरा था।
दि प्रिंट और दीपक कल्लाल

सेक्स ही सेक्स… भाई साहब आप देखते किधर हैं, दि प्रिंट का सेक्सी आर्टिकल इधर है

बढ़ते कम्पटीशन के दौर में सर्वाइवल और नाम का भार ढोते इन पोर्टलों के पास नग्नता और वैचारिक नकारात्मकता के अलावा फर्जीवाड़ा और सेक्स ही बचता है जिसे हर तरह की जनता पढ़ती है। लल्लनपॉट यूनिवर्सिटी से समाज शास्त्र में पीएचडी करने वाले ही ऐसा लिख सकते हैं।
कमांडो निराला (फाइल फोटो)

देश के लिए बलिदान हुए थे कॉर्पोरल निराला, गरुड़ कमांडो ने पैसे जुटाकर कराई बहन की शादी

कमांडो निराला की बहन की शादी के लिए गरुड़ कमांडो यूनिट ने आपस में चंदा कर ₹5 लाख इकठ्ठा किए थे। यही नहीं, शादी की रस्म पूरी करने के लिए कमांडोज़ ने शादी में शिरकत भी की।

NDTV के प्रणय रॉय और राधिका रॉय को झटका, SEBI ने 2 साल के लिए किया बैन

NDTV पिछले कई सालों से वित्तीय अनियमितताओं और टैक्स फ्रॉड के कारण जाँच एजेंसियों के रडार पर थी। सेबी ने सिक्योरिटी एक्सचेंज मार्केट में लेन-देन और NDTV मैनेजमेंट में किसी भी पोस्ट से 2 साल के लिए बाहर कर दिया है।
सावरकर (साभार: इंडियन एक्सप्रेस)

सावरकर ‘वीर’ तब तक नहीं होंगे जब तक हिन्दू अपनी कहानियाँ खुद सुनाना नहीं सीखते

इनकी सावरकर से दुश्मनी केवल इसलिए है क्योंकि वह हिंदूवादी थे, और कॉन्ग्रेस की राजनीति मुस्लिम तुष्टिकरण की है। हिन्दूफ़ोबिया इनकी वैचारिक नसों में है, तो इसलिए हिन्दू हितों की बात करने वाले को खलनायक या कमज़ोर दिखाना तो हिन्दूफ़ोबिया की तार्किक परिणति होगा ही।

सरकारी डॉक्टर की जान बनाम मुस्लिम वोटबैंक को निहारती निर्मम ममता जो दंगे पीती, खाती और सोती है

ये भीड़ इतनी जल्दी कैसे आती है, कहाँ हमला करती है और किधर गायब हो जाती है? क्या पुलिस ने नहीं देखा इन्हें? क्या हॉस्पिटल में सुरक्षा के लिए पुलिस आदि नहीं होती या फिर इस पहचानहीन भीड़ का सामूहिक चेहरा ममता की पुलिस ने पहचान लिया और उन्हें वो करने दिया जो वो कर गए?
ममता बनर्जी

घमंडी, फासीवादी, सांप्रदायिक, स्वेच्छाचारी, हिंसक, असंवैधानिक, तानाशाह, भ्रष्ट, अलगाववादी: यही हैं ममता

यह इकोसिस्टम कुतर्क में उस्ताद है। बंगाल की हर हिंसा में तृणमूल के साथ बराबर का भागीदार भाजपा को बना देता है। सांप्रदायिकता में भी यही रवैया अपनाता है।
अमित शाह, जदयू प्रवक्ता

अमित शाह और BSF को कोसने के बाद JDU प्रवक्ता ने खुद दिया इस्तीफ़ा

11 तारीख़ को आलोक ने ट्विटर पर एक पोस्ट किया था। इस पोस्ट में उन्होंने बांग्लादेशी शरणार्थियों के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसा था। साथ ही एक ट्वीट में उन्होंने बीएसएफ अधिकारियों पर भी निशाना साधा था।
सौम्या पुष्पाकरन की हत्या

पुलिसकर्मी एजाज़ ने सिविल पुलिस अधिकारी सौम्या पर तलवार से हमला कर जलाया

आग लगने से सौम्या की मौक़े पर ही मौत हो गई जबकि एज़ाज 40 फ़ीसदी तक जल गया। फ़िलहाल, उसे अलाप्पुझा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

50,219फैंसलाइक करें
8,766फॉलोवर्सफॉलो करें
69,736सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: