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पटना के पटेल हॉस्टल से मिला बम, लेकर कोर्ट आ गई बिहार पुलिस: पेशी से पहले ही हुआ धमाका, बताया- सबूत के तौर पर लाया था

बताया जाता है कि अभियोजन पक्ष द्वारा बम का सत्यापन कराने के लिए पुलिस अधिकारी उसे कोर्ट लेकर लाए थे। इससे पहले कि सत्यापन का कार्य पूरा हो पाता, दफ्तर में टेबल पर रखा बम ब्लास्ट हो गया।

बिहार की राजधानी पटना स्थित एक सिविल अदालत में शुक्रवार (1 जुलाई 2022) को बम ब्लास्ट (Patna Civil Court Blast) हो गया। इस धमाके में एक दारोगा समेत 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। ब्लास्ट किसी असामाजिक तत्व ने नहीं किया, बल्कि बम को आगमकुआँ थाने की पुलिस एक केस के सिलसिले में बतौर सबूत पेश करने के लिए कोर्ट लाई थी। इसी दौरान उस बम में ब्लास्ट हो गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, बम ब्लास्ट की चपेट में आने के कारण दारोगा गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनके साथ ही बाकी के घायल अन्य पुलिसकर्मियों को भी पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। हालाँकि, पटना के SSP ने सिर्फ दारोगा के घायल होने की बात कही है।

कोर्ट में ब्लास्ट की घटना की खबर मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुँच गए। शुरुआत में लगा कि ये हमला किया गया था। हालाँकि, बाद में पता चला कि बम को अदालत में सबूत के तौर पर पेश करने के लिए लाया गया था, जो कि अचानक फट गया।

बहरहाल, लापरवाही को देखते हुए अब इस मामले में जाँच शुरू कर दी गई है। इस मामले की जाँच का जिम्मा पीरबहोर थाने की पुलिस को दिया गया है। जाँच के दौरान पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि बम को सही तरीके से डिफ्यूज किया गया था या नहीं।

अभियोजन दफ्तर में घटी ये घटना

बताया जाता है कि अभियोजन पक्ष द्वारा बम का सत्यापन कराने के लिए पुलिस अधिकारी उसे कोर्ट लेकर लाए थे। इससे पहले कि सत्यापन का कार्य पूरा हो पाता, दफ्तर में टेबल पर रखा बम ब्लास्ट हो गया।

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पटना के एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लन ने घटना की पुष्टि की है कि इस धमाके में कदमकुआँ थाने के एएसआई मदन सिंह का दाहिना हाथ जख्मी हो गया है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले पटना विश्वविद्यालय के पटेल छात्रावास से इसे बरामद किया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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