Thursday, June 13, 2024
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सड़क पर खून से लथपथ तड़प रहा था फिल्ममेकर, लोग बनाते रहे Video, चुरा लिया सामान: 2 घंटे बाद मिला इलाज, अस्पताल में मौत

मृतक पाल के दोस्त स्वर्णेंदु बोस दिल्ली वालों की बेरहमी पर गुस्सा है। वो कहते हैं कि हादसे के बाद कोई भी देर तक उनके दोस्त की मदद को आगे नहीं आया। वो आगे कहते हैं कि इससे भी शर्म की बात है कि उसका मोबाइल फोन और लैपटॉप लोग ले गए।

दिलवालों की दिल्ली की बेदर्दी का नमूना शनिवार (28 अक्टूबर,2023) को देखने को मिला। यहाँ सड़क पर हादसे का शिकार हुए एक युवा फिल्म मेकर पीयूष पाल बाइक हादसे में घायल होकर काफी देर सड़क पर तड़पते रहे, लेकिन कोई उन्हें अस्पताल नहीं लेकर गया।

दो घंटे बाद जाकर उन्हें ट्रीटमेंट मिला। मगर, तब तक देर हो गई थी। गंभीर चोटों की वजह से वो दुनिया को अलविदा कह गए। अगर घटना के वक्त वहाँ खड़े लोग थोड़ी इंसानियत दिखाकर वीडियो- फोटो छोड़ उनकी मदद करने आगे आते तो शायद आज वो जिंदा होते।

कुछ लोग तो इस कदर बेदर्द निकले कि वो हादसे के शिकार युवक को खून से लथपथ देखकर भी उनका सारा सामान लूट कर ले गए।

पोस्टमार्टम के बाद कल बुधवार (1 नवंबर, 2023) देर शाम निगमबोध घाट पर पीयूष का अंतिम संस्कार हुआ, लेकिन पीयूष का इस तरह जाना हमारे इंसान होने पर कई सवाल छोड़ गया।

ये वाकया साउथ दिल्ली की बिजी रोड का है। शनिवार की रात 9.45 बजे 30 साल के फिल्म मेकर पीयूष पाल अपनी नई बाइक पर कालका जी जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक,उनकी बाइक की पंचशील एनक्लेव के पास एक दूसरी बाइक से टक्कर हो गई।

पाल इस हादसे के बाद आधे घंटे तक खून से लथपथ सड़क पर पड़े रहे, मगर दिल्ली वालों को दिल नहीं पसीजा। पीयूष की साँसे पल-पल उखड़ रही थीं, पर वहाँ से गुजरने और वहाँ खड़े लोग इंसानियत को दरकिनार कर इस हादसे का वीडियो बनाने और सेल्फी लेने में मशगूल रहे।

इस युवा फिल्म मेकर के चेहरे और सिर में गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें तुरंत मदद की जरूरत थी, लेकिन लोगों को इससे क्या लेना-देना था। उन्हें तो बस हादसे को सोशल मीडिया पर पोस्ट करके व्यूज और लाइक बढ़ाने की जल्दी थी। जब-तक पीयूष को मदद पहुँचती बहुत देर हो चुकी थी। सड़क हादसे के दो घंटे बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। जहाँ उसने दम तोड़ दिया।

जानकारी के मुताबिक, ये हादसा आउटर रिंग रोड पर आईआईटी क्रॉसिंग से नेहरू प्लेस को जाने वाले रास्ते पर रात करीबन 9.45 बजे हुआ। ये खुलासा पंचशील एंक्लेव के पेट्रोल पंप पर लगे एक सीसीटीवी की फुटेज से हुआ। इस सड़क पर सारा दिन वाहनों का ताँता लगा रहता है।

इस हादसे के 30 मिनट बाद वहाँ से गुजर रहे पंकज जैन और कुछ लोग वहाँ हंगामा होता देख रुके। जैन ने टीओआई को बताया कि लोग वहाँ खड़े थे जिन्होंने बताया कि पीयूष लगभग आधे घंटे से यहाँ पड़ा है और इसका बहुत खून बह चुका है।

जैन ने बताया,”मैंने दो-तीन लोगों से उसको उठाने में मदद माँगी। हम उसे ऑटोरिक्शा में नजदीक के क्लीनिक में ले गए थे, लेकिन वो इस केस को हैंडल नहीं कर पाया।” उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद घायल पीयूष को वहाँ से हेवी ट्रैफिक के बीच चार किलोमीटर दूर प्रेस एंक्लेव मार्ग के PSRI म्यूनिसिपलिटी अस्पताल ले गए। रात के करीब 11 बजे पीयूष को मेडिकल ट्रीटमेंट मिल पाया।

उधर पुलिस के मुताबिक उन्हें इस हादसे की सूचना पीसीआर कॉल पर रात के 10.11 बजे मिली। कॉल करने वाले ने कहा कि दो लोग घायल हैं। लेकिन पुलिस जब तक मौके पर पहुँची तब तक उन्हें अस्पताल ले जाया जा चुका था।

हादसे को लेकर डीसीपी साउथ चंदन चौधरी का कहना है कि मौका-ए-वारदात पर कोई भी आई विटनेस नहीं मिला। घायलों में से एक को PSRI अस्पताल तो दूसरे को AIIMS के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।

उन्होंने आगे कहा की सीसीटीवी फुटेज में मृतक पाल की बाइक 26 साल के बंटी की बाइक को हिट करते दिखी। हालाँकि इसे लेकर पाल के दोस्तों ने ऐतराज जताया है। जहाँ हादसे में मारे गए पाल गुरुग्राम में फ्रीलांसर फोटोग्राफर का काम करते थे तो बंटी ड्राईवर हैं और गुरुग्राम रहते हैं।

मृतक पाल के दोस्त स्वर्णेंदु बोस दिल्ली वालों की बेरहमी पर गुस्सा है। वो कहते हैं कि हादसे के बाद कोई भी देर तक उनके दोस्त की मदद को आगे नहीं आया। वो आगे कहते हैं कि इससे भी शर्म की बात है कि उसका मोबाइल फोन और लैपटॉप लोग ले गए।

उसके पेरेंट्स मोबाइल फोन करते रहे, लेकिन पाल का मोबाइल लेकर गया शख्स फोन काटता रहा और बाद में उसने फोन स्विच ऑफ कर दिया। बोस आगे कहते हैं कि किसी ने उसके पेरेंट्स की कॉल उठा ली होती शायद जो हुआ वो नहीं होता।

बोस ने बताया कि उनके दोस्त पाल ने नई हीरो एक्स पल्स बाइक खरीदी थी और शायद वो आरके पुरम के फिटनेस सेंटर से लौट रहे थे। सड़क हादसे में घायल होने से पहले पाल अपने घर से कुछ ही किलोमीटर दूर थे। मृतक के परिवार की चितरंजन पार्क में पूजा सामग्री की दुकान है।

PSRI अस्पताल के न्यूरो इंटरवेंशन चीफ और न्यूरो सर्जरी के सीनियर कंसल्टेंट्स डॉ सुमित गोयल के मुताबिक, लगभग रात 11 बजे पीयूष को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें थीं। उसे तुंरत वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन गंभीर चोटों की वजह से उनकी जान नहीं बचाई जा सकी और मंगलवार (31,अक्टूबर,2023) सुबह उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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