Thursday, October 1, 2020
Home देश-समाज पीपीई किट मॉंगा तो दिल्ली के हमदर्द अस्पताल ने 84 नर्सों को नौकरी से...

पीपीई किट मॉंगा तो दिल्ली के हमदर्द अस्पताल ने 84 नर्सों को नौकरी से निकाला, हाई कोर्ट पहुँचा मामला

हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (HIMSR) के COVID-19 समर्पित HAH सेंटेनरी अस्पताल के इन कर्मचारियों को तब हटा दिया गया था जब उन्होंने स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए COVID-19 ड्यूटी के दौरान एन -95 मास्क, निजी सुरक्षा उपकरण (पीपीई), बेहतर काम के घंटे, पीने के पानी, मुफ्त COVID-19 टेस्ट जैसी बुनियादी सुविधाओं की माँग की थी।

कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में तैनात एचएएच सेंटेनरी अस्पताल की एक नर्स ने उसे और अस्पताल के अन्य 83 कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने के फैसले को चुनौती देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

वकील सुभाष चंद्रन द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (HIMSR) के COVID-19 समर्पित HAH सेंटेनरी अस्पताल के इन कर्मचारियों को तब हटा दिया गया था जब उन्होंने स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए COVID-19 ड्यूटी के दौरान एन -95 मास्क, निजी सुरक्षा उपकरण (पीपीई), बेहतर काम के घंटे, पीने के पानी, मुफ्त COVID-19 टेस्ट जैसी बुनियादी सुविधाओं की माँग की थी। 

याचिका के अनुसार, सरकारी आदेश के बावजूद हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (HIMSR) के HAH सेंटेनरी अस्पताल ने COVID-19 के संदर्भ में वैध चिंताओं की तरफ ध्यान दिलाने पर बड़ी तादाद में स्वास्थ्य कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया।

याचिका में कहा गया है कि कोरोना काल में 84 नर्सिंग अधिकारियों को बर्खास्त करने के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा उठाया गया कदम सरकार के निर्देशों का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया है कि 84 नर्सों को नौकरी से हटाने का निर्णय स्पष्ट रूप से COVID-19 के संदर्भ में वैध चिंताओं को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ एक जवाबी कदम है।

वकील सुभाष चंद्रन द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (HIMSR) के COVID-19 समर्पित HAH सेंटेनरी अस्पताल की एक नर्स 3 जुलाई को कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थीं और उनमें कोरोना के लक्षण दिखाने के बावजूद उनका मुफ्त टेस्ट नहीं किया गया था।

याचिका में अस्पताल प्रशासन के 11 जुलाई के उस आदेश को भी चुनौती दी गई है जिसमें कहा गया है कि नर्सों को इसलिए नौकरी से निकाल दिया गया है क्योंकि वे छुट्टी के बिना काम से अनुपस्थित थीं, जबकि इनमें से अधिकांश 11 जुलाई तक ड्यूटी पर थीं और कई क्वारंटाइन में थीं।

इसके साथ ही याचिका में कहा गया है कि इसमें कोई दो राय नहीं कि हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था ख़तरनाक ढंग से दबाव में है, इसमें कर्मचारियों और संसाधनों की कमी है। यह महामारी नागरिकों की ज़िंदगी लील रही है और देश में भारी संख्या में लोग मर रहे हैं। इसे देखते हुए महामारी के बीच नर्सों को नौकरी से निकाल दिया, जबकि अभी स्वास्थ्यकर्मियों की भारी ज़रूरत है। अस्पताल ने दोनों ही आधार पर गलत कदम उठाया है – उसने सरकार के निर्देशों को नहीं माना है और नर्सों और एचआईएमएसआर के बीच करार को तोड़ा है।

याचिकाकर्ता ने राजधानी दिल्ली में स्वास्थ्य कर्मियों की स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए अधिक जोखिम से संबंधित गंभीर चिंताओं को दूर करने के लिए एक COVID-19 प्रबंधन प्रोटोकॉल तैयार करने और कोरोना आइसोलेशन वार्डों में काम करने वाले प्रत्येक स्वास्थ्य कर्मी के लिए COVID-19 सुरक्षा किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी माँग की है। 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

इंडिया टुडे के राहुल कँवल, हिन्दी नहीं आती कि दिमाग में अजेंडा का कीचड़ भरा हुआ है?

हाथरस के जिलाधिकारी और मृतका के पिता के बीच बातचीत के वीडियो को राहुल कँवल ने शब्दों का हेरफेर कर इस तरह पेश किया है, जैसे उन्हें धमकाया जा रहा हो।

कठुआ कांड की तरह ही मीडिया लिंचिंग की साजिश तो नहीं? 31 साल पहले भी 4 नौजवानों ने इसे भोगा था

जब शोषित समाज के वंचित कहे जाने वाले तबकों से हो और आरोपित तथाकथित ऊँची मानी जाने वाली जातियों से, तो मीडिया लिंचिंग के लिए एक बढ़िया मौका तैयार हो जाता है।

‘हर कोई डिम्पलधारी को गिरने से रोकता रहा, लेकिन बाबा ने डिसाइड कर लिया था कि घास में तैरना है तो कूद गया’

हा​थरस केस पर पॉलिटिक्स करने गए राहुल गाँधी का एक वीडियो के सामने आने के बाद ट्विटर पर 'एक्ट लाइक पप्पू' ट्रेंड करने लगा।

दिल्ली दंगों की चार्जशीट में कपिल मिश्रा ‘व्हिसल ब्लोअर’ नहीं: साजिश से ध्यान हटाने के लिए मीडिया ने गढ़ा झूठा नैरेटिव

दंगों पर दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में कपिल मिश्रा को 'व्हिसल ब्लोअर' नहीं बताया गया है। जानिए, मीडिया ने कैसे आपसे सच छिपाया।

‘द वायर’ की परमादरणीया पत्रकार रोहिणी सिंह ने बताया कि रेप पर वैचारिक दोगलापन कैसे दिखाया जाता है

हाथरस में आरोपित की जाति पर जोर देने वाली रोहिणी सिंह जैसी लिबरल, बलरामपुर में दलित से रेप पर चुप हो जाती हैं? क्या जाति की तरह मजहब अहम पहलू नहीं होता?

रात 3 बजे रिया को घर छोड़ने गए थे सुशांत, सुबह फँदे से लटके मिले: डेथ मिस्ट्री में एक और चौंकाने वाला दावा

रिया चकवर्ती का दावा रहा है कि 8 जून के बाद उनका सुशांत से कोई कॉन्टेक्ट नहीं था। लेकिन, अब 13 जून की रात दोनों को साथ देखे जाने की बात कही जा रही है।

प्रचलित ख़बरें

ईशनिंदा में अखिलेश पांडे को 15 साल की सजा, कुरान की ‘झूठी कसम’ खाकर 2 भारतीय मजदूरों ने फँसाया

UAE के कानून के हिसाब से अगर 3 या 3 से अधिक लोग कुरान की कसम खाकर गवाही देते हैं तो आरोप सिद्ध माना जा सकता है। इसी आधार पर...

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

"अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!" - दीपिका के साथ चोली-प्लाज्जो पहन कर आए रणवीर ने...

‘हिन्दू राष्ट्र में आपका स्वागत है, बाबरी मस्जिद खुद ही गिर गया था’: कोर्ट के फैसले के बाद लिबरलों का जलना जारी

अयोध्या बाबरी विध्वंस मामले में कोर्ट का फैसला आने के बाद यहाँ हम आपके समक्ष लिबरल गैंग के क्रंदन भरे शब्द पेश कर रहे हैं, आनंद लीजिए।

शाम तक कोई पोस्ट न आए तो समझना गेम ओवर: सुशांत सिंह पर वीडियो बनाने वाले यूट्यूबर को मुंबई पुलिस ने ‘उठाया’

"साहिल चौधरी को कहीं और ले जाया गया। वह बांद्रा के कुर्ला कॉम्प्लेक्स में अपने पिता के साथ थे। अभी उनकी लोकेशन किसी परिजन को नहीं मालूम। मदद कीजिए।"

लड़कियों को भी चाहिए सेक्स, फिर ‘काटजू’ की जगह हर बार ‘कमला’ का ही क्यों होता है रेप?

बलात्कार आरोपित कटघरे में खड़ा और लोग तरस खा रहे... सबके मन में बस यही चल रहा है कि काश इसके पास नौकरी होती तो यह आराम से सेक्स कर पाता!

एंबुलेंस से सप्लाई, गोवा में दीपिका की बॉडी डिटॉक्स: इनसाइडर ने खोल दिए बॉलीवुड ड्रग्स पार्टियों के सारे राज

दीपिका की फिल्म की शूटिंग के वक्त हुई पार्टी में क्या हुआ था? कौन सा बड़ा निर्माता-निर्देशक ड्रग्स पार्टी के लिए अपनी विला देता है? कौन सा स्टार पत्नी के साथ मिल ड्रग्स का धंधा करता है? जानें सब कुछ।

UP: भदोही में 14 साल की दलित बच्ची की सिर कुचलकर हत्या, बिना कपड़ों के शव खेत में मिला

भदोही में दलित नाबालिग की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। शव खेत से बरामद किया गया। परिजनों ने बलात्कार की आशंका जताई है।

इंडिया टुडे के राहुल कँवल, हिन्दी नहीं आती कि दिमाग में अजेंडा का कीचड़ भरा हुआ है?

हाथरस के जिलाधिकारी और मृतका के पिता के बीच बातचीत के वीडियो को राहुल कँवल ने शब्दों का हेरफेर कर इस तरह पेश किया है, जैसे उन्हें धमकाया जा रहा हो।

कठुआ कांड की तरह ही मीडिया लिंचिंग की साजिश तो नहीं? 31 साल पहले भी 4 नौजवानों ने इसे भोगा था

जब शोषित समाज के वंचित कहे जाने वाले तबकों से हो और आरोपित तथाकथित ऊँची मानी जाने वाली जातियों से, तो मीडिया लिंचिंग के लिए एक बढ़िया मौका तैयार हो जाता है।

1000 साल लगे, बाबरी मस्जिद वहीं बनेगी: SDPI नेता तस्लीम रहमानी ने कहा- अयोध्या पर गलत था SC का फैसला

SDPI के सचिव तस्लीम रहमानी ने अयोध्या में फिर से बाबरी मस्जिद बनाने की धमकी दी है। उसने कहा कि बाबरी मस्जिद फिर से बनाई जाएगी, भले ही 1000 साल लगें।

मिलिए, छत्तीसगढ़ के 12वीं पास ‘डॉक्टर’ निहार मलिक से; दवाखाना की आड़ में नर्सिंग होम चला करता था इलाज

मामला छत्तीसगढ़ के बलरामपुर का है। दवा दुकान के पीछे चार बेड का नर्सिंग होम और मरीज देख स्वास्थ्य विभाग की टीम अवाक रह गई।

‘हर कोई डिम्पलधारी को गिरने से रोकता रहा, लेकिन बाबा ने डिसाइड कर लिया था कि घास में तैरना है तो कूद गया’

हा​थरस केस पर पॉलिटिक्स करने गए राहुल गाँधी का एक वीडियो के सामने आने के बाद ट्विटर पर 'एक्ट लाइक पप्पू' ट्रेंड करने लगा।

दिल्ली दंगों की चार्जशीट में कपिल मिश्रा ‘व्हिसल ब्लोअर’ नहीं: साजिश से ध्यान हटाने के लिए मीडिया ने गढ़ा झूठा नैरेटिव

दंगों पर दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में कपिल मिश्रा को 'व्हिसल ब्लोअर' नहीं बताया गया है। जानिए, मीडिया ने कैसे आपसे सच छिपाया।

फोरेंसिक रिपोर्ट से रेप की पुष्टि नहीं, जान-बूझकर जातीय हिंसा भड़काने की कोशिश हुई: हाथरस मामले में ADG

एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया है कि हाथरस केस में फोरेंसिक रिपोर्ट आ गई है। इससे यौन शोषण की पुष्टि नहीं होती है।

‘द वायर’ की परमादरणीया पत्रकार रोहिणी सिंह ने बताया कि रेप पर वैचारिक दोगलापन कैसे दिखाया जाता है

हाथरस में आरोपित की जाति पर जोर देने वाली रोहिणी सिंह जैसी लिबरल, बलरामपुर में दलित से रेप पर चुप हो जाती हैं? क्या जाति की तरह मजहब अहम पहलू नहीं होता?

रात 3 बजे रिया को घर छोड़ने गए थे सुशांत, सुबह फँदे से लटके मिले: डेथ मिस्ट्री में एक और चौंकाने वाला दावा

रिया चकवर्ती का दावा रहा है कि 8 जून के बाद उनका सुशांत से कोई कॉन्टेक्ट नहीं था। लेकिन, अब 13 जून की रात दोनों को साथ देखे जाने की बात कही जा रही है।

हमसे जुड़ें

267,758FansLike
78,089FollowersFollow
326,000SubscribersSubscribe