Wednesday, August 4, 2021
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पीएम केयर्स से 1 लाख पोर्टेबल ऑक्सीजन कॅान्संट्रेटर के लिए PM मोदी ने जारी किया फंड, नाइट्रोजन टैंकर बदले जाएँगे ऑक्सीजन टैंकर में

ऑक्सीजन की इन समस्याओं से निपटने के लिए दो प्रमुख फैसले लिए गए हैं। पहला फैसला पीएम केयर्स फंड से 1 लाख पोर्टेबल ऑक्सीजन कॅान्संट्रेटर की खरीद और ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना का है और दूसरा फैसला यह है कि लिक्विड नाइट्रोजन गैस के टैंकरों को लिक्विड ऑक्सीजन टैंकरों में बदलने की अनुमति दे दी गई है।

देश में कोरोनावायरस संक्रमण की दूसरी लहर के बीच कई राज्यों से ऑक्सीजन की आपूर्ति और उसके परिवहन से संबंधित टैंकरों की कमी सामने आ रही है। ऐसे में ऑक्सीजन की इन समस्याओं से निपटने के लिए दो प्रमुख फैसले लिए गए हैं। पहला फैसला पीएम केयर्स फंड से 1 लाख पोर्टेबल ऑक्सीजन कॅान्संट्रेटर की खरीद और ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना का है और दूसरा फैसला यह है कि लिक्विड नाइट्रोजन गैस के टैंकरों को लिक्विड ऑक्सीजन टैंकरों में बदलने की अनुमति दे दी गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (28 अप्रैल) को पीएम केयर्स फंड से 1 लाख पोर्टेबल ऑक्सीजन कॅान्संट्रेटर की खरीद को अनुमति दे दी है। पीएम मोदी ने यह भी कहा है कि यह पोर्टेबल ऑक्सीजन कॅान्संट्रेटर शीघ्रता से खरीदे जाएँ और जिन राज्यों में संक्रमित मरीजों की संख्या अधिक है उन्हें उपलब्ध कराया जाए।

इससे पहले पीएम केयर्स फंड से 713 प्रेशर स्विंग एडसॉरप्शन (PSA) ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए फंड जारी किया गया था लेकिन आज 500 ऐसे ही PSA ऑक्सीजन प्लांट्स के लिए फिर से फंड जारी किया गया है।

ऑक्सीजन के संयंत्रों की स्थापना के साथ ही उनके त्वरित परिवहन के लिए भी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। ऑक्सीजन के परिवहन में उपयोगी टैंकरों की कमी को दूर करने के लिए निर्णय लिया गया है कि लिक्विड नाइट्रोजन गैस (LNG) टैंकरों को लिक्विड ऑक्सीजन टैंकरों में बदल दिया जाएगा।

हालाँकि, यह प्रक्रिया संवेदनशील और खतरनाक है, ऐसे में भारत सरकार ने LNG टैंकरों को ऑक्सीजन टैंकर में परिवर्तित करने की प्रक्रिया के लिए कुछ विशेष स्टैन्डर्ड प्रोसीजर ऑपरेशन (SOP) जारी किए हैं। पेट्रोलियम एण्ड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) ने जानकारी देते हुए बताया है कि LNG टैंकरों को ऑक्सीजन टैंकर में बदलने की प्रक्रिया खतरनाक तो है लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया गया है। PESO के अनुसार वर्तमान में देश में 138 ऐसे टैंकर हैं। LNG टैंकरों को ऑक्सीजन सेवा के लिए सहज बनाने के लिए PESO द्वारा जारी किए गए SOP की संक्षिप्त जानकारी यहाँ दी जा रही है :

  • SOP में कहा गया है कि सबसे पहले टैंकरों को गरम करके हइड्रोकार्बन फ्री नाइट्रोजन से शुद्ध किया जाएगा।
  • इसके बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि टैंकर का एक छोटा से छोटा हिस्सा भी हइड्रोकार्बन रहित हो जाए।
  • इस पूरी प्रक्रिया में दक्ष एवं अनुभवी व्यक्तियों को ही जिम्मेदारी दी जाएगी।
  • टैंकर के वॉल्व, पाइप और अन्य भागों को ऑक्सीजन के अनुकूल बनाया जाएगा अथवा ऐसे उपकरणों का उपयोग किया जाएगा जो ऑक्सीजन के अनुकूल हैं।
  • SOP में यह भी कहा गया है कि LNG टैंकरों को ऑक्सीजन टैंकर में बदलने की प्रक्रिया की जानकारी PESO को उपलब्ध करानी होगी। आवेदक को PESO के द्वारा जारी की गई SOP के अनुसार ही प्रक्रिया को अंजाम देना होगा।

PESO के द्वारा जारी की गई SOP की जानकारी विस्तृत रूप से PESO की अधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।

भारत में 27 अप्रैल को 3,62,913 नए संक्रमित मरीज मिले जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,79,88,793 हो गई है। देश में वर्तमान में 29,71,959 सक्रिय मरीज हैं। हालाँकि 27 अप्रैल को ही देश भर में 2,62,539 मरीज स्वस्थ हुए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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