Wednesday, July 24, 2024
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ये रहे कमलेश तिवारी के हत्यारे अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन, पुलिस ने फोटो जारी कर रखा ₹5 लाख का इनाम

हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष रहे कमलेश तिवारी की हत्या के बाद पूरे देश में आक्रोश का माहौल बन गया है। दोनों हत्यारों का नाम पठान मोईनुद्दीन अहमद और शेख अशफ़ाक़ हुसैन है।

कमलेश तिवारी की हत्या करने वाले दोनों आरोपितों की तस्वीर पुलिस ने जारी कर दी है। इन दोनों पर ढाई-ढाई लाख रुपए का इनाम भी रखा गया है। ये दोनों वही हत्यारे हैं, जो सीसीटीवी फुटेज में भगवा वस्त्र पहने दिख रहे हैं। इन दोनों ने ही कमलेश तिवारी के घर पर पहले तो चाय पी और फिर उनकी हत्या कर दी। उनके शरीर पर चाकू से 15 वार किए गए थे। हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष रहे कमलेश तिवारी की हत्या के बाद पूरे देश में आक्रोश का माहौल बन गया है। दोनों हत्यारों का नाम पठान मोईनुद्दीन अहमद और शेख अशफ़ाक़ हुसैन है।

शुक्रवार (अक्टूबर 18, 2019) को दिनदहाड़े हुए इस हत्याकांड के बाद यूपी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ़्तार किया है। सूरत से 3 साज़िशकर्ताओं को गिरफ़्तार किया गया है। वहीं के एक होटल से इन लोगों ने मिठाई ख़रीदी थी और फिर इसी मिठाई के डब्बे में हथियार रख कर कमलेश तिवारी के घर के भीतर ले जाया गया था। उत्तर प्रदेश के बिजनौर से दो मौलानाओं को गिरफ़्तार किया गया है, जिन्होंने 2015 में कमलेश तिवारी की हत्या की धमकी दी थी। दोनों की भूमिकाओं की जाँच की जा रही है।

वहीं ये भी पता चला है कि अशफ़ाक़ ने कमलेश तिवारी से परिचय बनाने के लिए पहले उनसे दोस्ती की। अशफ़ाक़ ने कमलेश तिवारी से दोस्ती बनाने के लिए एक फ़र्ज़ी फेसबुक अकाउंट बनाया था। ख़ास बात यह है कि उसने ये फेसबुक अकाउंट अपने नाम से नहीं बल्कि एक रोहित सोलंकी के नाम से बनाया था। जब हमने उस संभावित फेसबुक प्रोफाइल को खंगाला तो पाया कि उसके प्रोफाइल पिक्चर में ‘हिन्दू राज’ और भगवा ध्वज लगा हुआ था।

पुलिस ने इन हत्यारों की तलाश के लिए शाहजहाँपुर के कई मदरसों व मुसाफ़िरख़ानों में भी छापेमारी की है। ये हत्यारे लखीमपुर जिले के पलिया से एक इनोवा गाड़ी बुक कर के शाहजहाँपुर पहुँचे थे। पुलिस ने ड्राइवर से भी पूछताछ की है, जिसने बताया कि उसके मालिक का एक दोस्त गुजरात में रहता है, जिसके कहने पर उसने 5000 रुपए में बुकिंग की। एसटीएफ अभी भी शाहजहाँपुर में डेरा जमाए हुए है। पुलिस को इस बात की भी आशंका है कि ये दोनों सीमा पार कर के पाकिस्तान भागने की फ़िराक़ में लगे हुए हैं।

हत्यारोपितों ने कानपुर के रेलवे मार्किट से सिम कार्ड ख़रीदा था। पुलिस ने उस मोबाइल स्टोर को भी ढूँढ निकाला है। इस सूचना के बाद कानपुर एसटीएफ भी सक्रिय हो गई है। उधर नागपुर से भी सैयद आसिम अली नामक आरोपित को गिरफ़्तार किया गया है। अभी तक तीन राज्यों से इस हत्याकांड के तार जुड़ रहे हैं। बिजनौर, सूरत और नागपुर से गिरफ्तारियाँ हुई हैं। सैयद ने एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उसने कमलेश तिवारी की हत्या को जायज ठहराया था क्योंकि ‘उन्होंने पैगम्बर मुहम्मद का अपमान किया है।’ सैयद हत्यारों से लगातार संपर्क में था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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