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ASI मोहम्मद इकबाल की आत्महत्या के बाद ‘लड़ना होगा’ जैसे राजनीतिक बयान, भ्रष्टाचार के मामले में होनी थी पेशी: फंदे से लटका मिला शव

एक वीडियो में गाँव के सरपंच और इकबाल के कुछ रिश्तेदार एक अन्य पुलिस अधिकारी को गंदी-गंदी गालियों के साथ इकबाल की मौत का दोषी ठहराने लगे। इसी के साथ इस पूरे प्रकरण को जाँच पूर्व ही नया मोड़ दिया जाने लगा।

हरियाणा के पलवल जिले में पुलिस विभाग के ASI मोहम्मद इकबाल की मौत चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस पक्ष ने प्रथम दृष्टया इसको आत्महत्या माना है। पुलिस ने पूरे मामले की जाँच भी शुरू कर दी है। लेकिन कुछ राजनीतिक लोगों ने इस पूरे मामले को जाँच से पहले ही हत्या कहना शुरू कर दिया है। ये मामला थाना बहीन का है। घटना सोमवार (13 दिसंबर) सुबह की है।

थोड़ी ही देर में इस मामले में CBI जाँच आदि की माँग उठाई जाने लगी।

ककुछ अन्य तत्वों ने इस मामले में “लड़ना होगा” जैसे शब्द प्रयोग करने शुरू कर दिए।

साजिद अहमद

इस मामले में SP पलवल ने ASI इकबाल की मौत के वजह की जाँच DSP को सौंपी। जाँच किसी भी निष्कर्ष तक पहुँचने से पहले ही सियासी बयानबाजी शुरू हो गई। कुछ ही समय में इस बयानबाजी में इकबाल के गाँव वाले भी शामिल हो गए। एक वीडियो में उस गाँव के सरपंच और इकबाल के कुछ रिश्तेदार एक अन्य पुलिस अधिकारी को गंदी-गंदी गालियों के साथ इकबाल की मौत का दोषी ठहराने लगे। इसी के साथ इस पूरे प्रकरण को जाँच पूर्व ही नया मोड़ दिया जाने लगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर इकबाल खान ने कथित तौर पर थाने के पास एक जर्जर इमारत में आत्महत्या की है। रविवार की शाम थाने में बने पुलिस आवास में उनके साथ एक अन्य सब इंस्पेक्टर भी सोया था। सोमवार सुबह वो साथी पुलिसकर्मी बाहर घूमने जाने के लिए कह कर गए। जब बहुत देर तक उनका पता नहीं चला तब उनकी तलाश शुरू हुई। इसी दौरान थाने के पास बनी कॉपरेटिव सोसाइटी की एक पुरानी बिल्डिंग में उनका शव लटकता पाया गया। एक बयान में इस बात की पुष्टि डीएसपी रत्नदीप बाली ने भी की है।

फाँसी के लिए बिजली का तार प्रयोग होना बताया जा रहा है। मृत ASI इकबाल एएसआई जिला नूंह के रीगड़ गाँव के निवासी थे। मोहम्मद इकबाल साल 1995 में हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे। बहीन थाने में वो बस 2 दिन पहले आए थे। उस से पहले वो किठवाड़ी पुलिस चौकी व किठवाड़ी से पहले उटावड़ थाने में पोस्टेड थे। उनका शव पोस्टमार्टम व अन्य प्रक्रियाओं के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। उनका अंतिम संस्कार भी पुलिस द्वारा पूरे विभागीय सम्मान के साथ किया गया। इस अवसर पर पलवल जिले के पुलिस अधीक्षक दुग्गल ने इकबाल के परिजनों के प्रति सहानुभूति दिखाई। साथ ही सभी सहयोग देने की बात कही।

मृत ASI मोहम्मद इकबाल

एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ASI इकबाल पर भ्रष्टाचार का केस चल रहा है। यह केस उन पर सितंबर में दर्ज हुआ था। इसमें उनके ऊपर पैसे के लेन देन का आरोप लगा था। कुछ समय बाद उनकी आवाज का सैम्पल भी लिया जाना था। इसी मुकदमे में उन्हें घटना के दिन (सोमवार) को विजिलेंस टीम के आगे पेश होना था। बताया जा रहा है कि इसी के चलते वो काफी तनाव में थे और ठीक से सो भी नहीं पा रहे थे।

बयानबाजी के बीच में स्थानीय DSP का भी बयान सामने आया है। उन्होंने प्रथम दृष्टया इस मामले को आत्महत्या का बताया। परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कहा कि हम जाँच करेंगे। अगर कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसे देख लेंगे। लेकिन फिलहाल मामला सुसाइड का है।

ऑपइंडिया ने इस मामले में SP पलवल को सम्पर्क किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। SHO बहीन से बात हुई तो उन्होंने DSP की ही कही बातों को दोहराया। ASI मोहम्मद इकबाल पर चल रहे करप्शन के केस की उन्होंने पुष्टि की और कहा कि इसी केस में उन्हें पेशी पर जाना था। उनका वॉइस सैम्पल भी विजिलेंस विभाग को लेना था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि मृत्यु का कारण हैंगिंग (फंदे पर लटकना) ही आया है। SHO बहीन ने भी इस मामले को प्रथम दृष्टया आत्महत्या ही बताया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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