बंगाल में पेड़ से लटका मिला शव, ओडिशा में खून से लथपथ… कब थमेगा BJP कार्यकर्ताओं की हत्याओं का सिलसिला?

बीजेपी नेता बिजयंत पांडा ने ट्वीट करके ECI से ओडिशा की स्थिति का संज्ञान लेने और अतिरिक्त बलों की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। जबकि बंगाल में...

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया ज़िले में एक भाजपा कार्यकर्ता का शव पेड़ से लटका मिला। मृतक शिशु पाल 22 वर्षीय युवक था और स्थानीय ग्राम पंचायत के भाजपा सदस्य का बेटा था। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया ज़िले में यह तीसरी ऐसी घटना है। इससे पहले दो भाजपा कार्यकर्ता – त्रिलोचन महतो और दुलाल कुमार भी बलरामपुर क्षेत्र से लापता हो गए थे और बाद में पता चला कि उनकी हत्या कर दी गई थी। बाद में महतो का शव एक पेड़ से लटका मिला था, जबकि कुमार एक हाई टेंशन इलेक्ट्रिक पोल से लटके पाए गए थे।

ख़बर लिखे जाने के बीच ही, ऐसी खबरें भी आई हैं कि रायगंज पीसी के गोलपोखर में एक चैनल के रिपोर्टर और फोटोग्राफर की भी पिटाई की गई है। इस मामले में सहकर्मियों ने उन्हें बचाया और उन्हें अस्पताल ले गए। मारपीट के कारण रिपोर्टर को काफी चोटें आईं और काफी खून भी बहा। उन पर यह हमला तब हुआ जब डराने-धमकाने की ख़बर पाकर वो एक बूथ पर उसकी रिपोर्टिंग करने गए थे, यहीं पर उन्हें लहूलुहान कर दिया गया।

पश्चिम बंगाल में TMC का राजनीतिक दुश्मनी भरा व्यवहार आम हो गया है। 11 अप्रैल को सम्पन्न हुए लोकसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान भी पश्चिम बंगाल में हिंसा की कई घटनाएँ दर्ज की गईं थी।

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इसी तरह की हिंसात्मक ख़बर का ख़ुलासा ओडिशा में भी हुआ। यहाँ लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण की पूर्व संध्या पर गंजम जिले के अगाझोला गाँव में एक भाजपा कार्यकर्ता का शव मिला। स्थानीय ख़बरों के अनुसार, 26 वर्षीय बीजेपी कार्यकर्ता सदानंद बेहरा का शव खून से लथपथ था।

ख़बर के अनुसार, गाँव के स्थानीय लोगों ने सदानंद के शव की खोज की और पुलिस को सूचित किया। उसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भंजनगर अस्पताल भेज दिया।

बीजेपी नेता बिजयंत पांडा ने ट्वीट करके ECI से ओडिशा की स्थिति का संज्ञान लेने और अतिरिक्त बलों की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।

सरोदा पुलिस स्टेशन के प्रभात कुमार साहू ने कहा है कि फिलहाल मामले की जाँच चल रही है और क्षेत्र में सुचारू मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पुलिस दल तैनात किए गए हैं।

राज्य के कई इलाकों में आज चुनाव होने के कारण इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए यहाँ भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।

ओडिशा में पिछले एक सप्ताह में राजनीतिक हिंसा की कई घटनाएँ सामने आई हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में, खुर्दा शहर में एक भाजपा मंडल अध्यक्ष की पार्टी कार्यालय के पास अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि विधायक उम्मीदवार बच गए थे।

यहाँ यह उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह पहले, उसी भंजनगर क्षेत्र में भाजपा विधायक उम्मीदवार के भतीजे पर हिंसक उपद्रवियों द्वारा हमला किया गया था और उन्हें भी गंभीर चोटें लगी थीं। भाजपा विधायक उम्मीदवार प्रद्युम्न नायक के भतीजे अजीत प्रधान पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की एक सार्वजनिक बैठक के बाद हिंसक हमला किया गया था। नायक ने आरोप लगाया था कि टूटू प्रधान नामक एक स्थानीय सरपंच ने हमले का आदेश दिया था।

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