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सलीम पर गौहत्या का केस, HC ने 1 माह तक गायों की सेवा करने और ₹1 लाख गौशाला में दान देने की शर्त पर दिया बेल

कोर्ट ने कहा, "आवेदक रिहा होने के एक माह के भीतर जिला बरेली के किसी रजिस्टर्ड गौशाला के पक्ष में एक लाख रुपए जमा करवाएगा। जेल से तुरंत छूटने के बाद आवेदक स्वयं गौशाला जाएगा और 1 माह तक गायों की सेवा करेगा।"

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गौकशी के एक आरोपित को जमानत देने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा दिलचस्प फैसला आया। कोर्ट ने सलीम उर्फ कालिया नाम के आरोपित को बेल देने से पहले शर्त रखी कि उसे 1 लाख रुपए गौशाला को देने होंगे। साथ ही एक महीने गायों की सेवा करने के निर्देश सलीम को दिए गए।

जानकारी के मुताबिक आरोपित सलीम ने गौकशी के आरोप में बंद होने के बाद पहले भी जमानत याचिका दी थी लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया था। हालाँकि इलाहाबाद कोर्ट की जस्टिस शेखर कुमार यादव की एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा कि सलीम ने जमानत पर छूटने के बाद शर्तों का पालन नहीं किया तो उसकी जमानत को निरस्त कर दी जाएगी। कोर्ट ने कई शर्तों पर सलीम को जमानत दी है। सलीम ने भी बेल लेने के लिए कोर्ट को कहा कि वह हर प्रकार से कोर्ट का सहयोग करेगा और अपनी जमानत का दुरुपयोग हीं करेगा।

बता दें कि गौवध निरोधक कानून के तहत बरेली के भोजीपुरा इलाके से सलीम को पिछले साल 3 अगस्त 2021 को गिरफ्तार किया गया था। उसके ऊपर गौहत्या अधिनियम, 1955 की धारा 3/8 के तहत मामला दर्ज किया गया था। अपनी बेल याचिका में उसने खुद को निर्दोष बताया और दावा किया कि उसके पास से किसी गौमाँस की बरामदगी नहीं हुई। जो बरामदगी दिखाई गई है उसके स्वतंत्र गवाब नहीं है।

हालाँकि पुलिस ने सलीम के पास से मिले गौमाँस की बरामदगी दिखाई है। केस का ट्रायल जल्द पूरा होने की संभावना है। सलीम ने कोर्ट से कहा है कि वो इस केस में हर प्रकार का सहयोग देगा। वहीं कोर्ट ने उसकी जमानत दो शर्तों पर मंजूर की है। कोर्ट ने कहा, “आवेदक रिहा होने के एक माह के भीतर जिला बरेली के किसी रजिस्टर्ड गौशाला के पक्ष में एक लाख रुपए जमा करवाएगा। जेल से तुरंत छूटने के बाद आवेदक स्वयं गौशाला जाएगा और 1 माह तक गायों की सेवा करेगा।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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