Monday, June 17, 2024
Homeदेश-समाजपंजाब में पराली जलाने वाले किसान के खेत पर पुलिस की रेड, FIR के...

पंजाब में पराली जलाने वाले किसान के खेत पर पुलिस की रेड, FIR के डर से 35 साल के गुरदीप ने कर ली आत्महत्या: रिपोर्ट्स

पंजाब के बठिंडा में 35 साल के एक किसान के आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान गुरदीप सिंह के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि का गुरदीप अपने खेत में पराली जला रहा था। पुलिस के दबिश देते ही वह घबरा गया। FIR के डर से सुसाइड कर ली।

मुकदमे के भय से पंजाब में 35 साल के एक किसान के आत्महत्या कर लेने की खबर है। मामला बठिंडा का है। मृतक की पहचान गुरदीप सिंह के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि कोठा गुरुनगर गाँव का गुरदीप अपने खेत में पराली जला रहा था। पुलिस के दबिश देते ही वह घबरा गया। FIR के डर से सुसाइड कर ली। घटना 21 नवंबर 2023 की है।

गुरदीप के परिवार में माँ, पत्नी और एक साल की बेटी है। हालाँकि उसके आत्महत्या करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरदीप सिंह के पास 6 एकड़ जमीन थी। वह खेती से ही अपने परिवार का गुजारा करता था। उसके परिजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले धान की कटाई हुई थी। गुरदीप पराली को हटाकर जल्द से जल्द अपने खेतों को गेहूँ की बुवाई के लिए तैयार करना चाहता था। सोमवार (20 नवंबर 2023) को उसने पराली में आग लगा दी।

बताया जा रहा है कि जब गुरदीप पराली में आग लगा रहा था तभी वहाँ बठिंडा के प्रशासनिक अधिकारियों ने पुलिस के साथ दबिश दी। पुलिस को खेतों की तरफ आता देख गुरदीप डर के मारे वहाँ से भाग गया। परिजनों का आरोप है कि फरार होने के बाद गुरदीप को अपने खिलाफ FIR का डर था। इसी डर की वजह से उसने आत्महत्या कर ली। ग्रामीणों ने इस घटना के बाद गुरदीप के आश्रितों के लिए सरकार से मुआवजे की माँग की है।

बताते चलें कि पंजाब सरकार ने किसानों को पराली न जलाने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश का पालन करने वालों के खिलाफ न सिर्फ FIR दर्ज की जा रही है, बल्कि उन पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। अभी तक कई किसानों पर पराली जलाने के आरोप में केस दर्ज हो चुका है। पंजाब पुलिस के मुताबिक यह सख्ती पर्यावरण की सुरक्षा के लिए की जा रही है। खुद पुलिस के आला अधिकारी भी इस अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पावागढ़ की पहाड़ी पर ध्वस्त हुईं तीर्थंकरों की जो प्रतिमाएँ, उन्हें फिर से करेंगे स्थापित: गुजरात के गृह मंत्री का आश्वासन, महाकाली मंदिर ने...

गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि किसी भी ट्रस्ट, संस्था या व्यक्ति को अधिकार नहीं है कि इस पवित्र स्थल पर जैन तीर्थंकरों की ऐतिहासिक प्रतिमाओं को ध्वस्त करे।

रेड सिग्नल पार करने वाली ट्रेनों को भी रोक देता है कवच, फिर क्यों कंचनजंगा एक्सप्रेस से भिड़ गई मालगाड़ी: जानिए सब कुछ

न्यू जलपाई गुड़ी में हुए रेल हादसे के बाद कवच पर चर्चा चालू हो गई है। जिस रूट पर हादसा हुआ है, वहाँ अभी कवच सिस्टम नहीं लगा था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -