राजस्थान: पूर्व प्रधान ने धोखे से हस्ताक्षर करा कर हड़प ली आदिवासियों की 286 बीघा ज़मीन

ग़रीब आदिवासियों को इसका पता तब चला जब वे प्रधानमंत्री किसान निधि योजना का लाभ लेने पटवार मंडल गए। उन्हें पता चला कि अब वो ज़मीनें उनकी नहीं रहीं। मामले में उचित कार्रवाई न करने पर आदिवासियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

राजस्थान के डूंगरपुर से एक पूर्व प्रधान द्वारा जालसाजी और धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। यह घटना सीमलवाडा उपखंड के जोरावरपुरा गाँव की है, जहाँ पूर्व प्रधान नानुराम परमार ने 32 आदिवासियों की 286 बीघा ज़मीन हड़प ली। पीड़ितों ने सोमवार (अगस्त 19, 2019) को कलेक्ट्रेट पहुँच कर डीएम व एसपी को इस सम्बन्ध में ज्ञापन सौंपा। पीड़ितों ने पूर्व प्रधान परमार के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज कर उनके ख़िलाफ़ उच्च-स्तरीय जाँच बिठाने की माँग की।

पूर्व प्रधान ने 8 वर्ष पहले ही आदिवासियों से ज़मीन सम्बन्धी कागजात पर हस्ताक्षर करा लिए थे। चूँकि, आदिवासी केवल हस्ताक्षर करना जानते थे और वे यह देखने में सक्षम नहीं थे कि कागजात पर क्या लिखा हुआ है, पूर्व प्रधान ने इसका ग़लत फायदा उठाया। न्यूज़ 18 की ख़बर के अनुसार, पूर्व प्रधान ने ख़राब हुई फसल का मुआवजा दिलाने के बहाने आदिवासियों की ज़मीन हड़प ली।

ग़रीब आदिवासियों को इसका पता तब चला जब वे प्रधानमंत्री किसान निधि योजना का लाभ लेने पटवार मंडल गए। उन्हें पता चला कि अब वो ज़मीनें उनकी नहीं रहीं। मामले में उचित कार्रवाई न करने पर आदिवासियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

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