Homeदेश-समाजराजस्थान में 'तेरा मंदिर बनाएँगे शिवाय' गाना भी गुनाह: गायक ने बताई कोटा पुलिस...

राजस्थान में ‘तेरा मंदिर बनाएँगे शिवाय’ गाना भी गुनाह: गायक ने बताई कोटा पुलिस की करतूत, कहा- 6 धाराएँ ठोकी, नौकरी भी गई

"ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग मिलने का बाद मैंने 'तेरा मंदिर बनाएँगे शिवाय' गाना गाया और इसका प्रचार किया। इसके बाद कोटा की अनंतपुरा पुलिस ने गिरफ्तार किया। 6 धाराएँ लगाई। मोबाइल जब्त कर लिया।"

कॉन्ग्रेस शासित राजस्थान में यूट्यूबर शुभम शिकारी को कोटा पुलिस द्वारा प्रताड़ित किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक वीडियो में शिकारी ने बताया है कि ‘तेरा मंदिर बनाएँगे शिवाय’ गाने के लिए उन्हें जुलाई में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद भी पुलिस की प्रताड़ना समाप्त नहीं हुई। उन पर छह धाराएँ लगाई गई हैं। मोबाइल पुलिस ने जब्त कर रखा है।

शुभम ने ज्ञानवापी में शिवलिंग मिलने की खबर सामने आने के बाद यह गण और इसके प्रचार के लिए पोस्टर जारी किया था। आरोप है कि इसको लेकर ही उनकी गिरफ्तारी हुई। गाना 25 जुलाई 2022 को Youtube पर रिलीज किया गया था।

पत्रकार शुभी विश्वकर्मा ने सोमवार शुभम का एक वीडियो शेयर किया था। इसमें शुभम को कहते सुना जा सकता है कि ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग मिलने का बाद उन्होंने ‘तेरा मंदिर बनाएँगे शिवाय’ गाना गाया और इसका प्रचार किया। इसके बाद कोटा की अनंतपुरा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। उन पर 6 धाराएँ लगाई। मोबाइल जब्त कर लिया। शुभम का कहना है कि उनके आने वाले गाने, भजन सभी उसी फोन में हैं।

शुभम ने वीडियो में कहा कि कोर्ट से उन्हें तारीख पे तारीख मिलती जा रही है। उनका चालान कोर्ट में पेश नहीं हुआ और वह छह महीने से बेरोजगार हैं। वे जिस कंपनी में काम करते थे, पुलिस केस होने की वजह से उन्हें काम से मना कर दिया है।

शुभम का पूरा गाना आप नीचे सुन सकते हैं।

पत्रकार सुमित स्वामी ने इस मामले पैट ट्वीट कर कहा है, “कोटा में जुलाई 2022 में कलाकार शुभम शिकारी पर इस पोस्टर, वीडियो के प्रचार करने पर कोटा पुलिस ने आईपीसी की धारा 425,505,295-A समेत 3 अन्य धाराओं के मुकदमा दर्ज़ किया था। कल शुभम से बात हुई, उसे कोई रोजगार नहीं दे रहा अब। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता शायद राजस्थान में नहीं है।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Antifa के आतंक पर BBC का पर्दा: हमलावरों को बताया ‘प्रदर्शनकारी’, अमेरिकी कोर्ट ने ICE सेंटर पर हमले और पुलिसकर्मी को गोली मारने को...

अमेरिका के टेक्सास ICE सेंटर हमले और पुलिस अधिकारी पर गोलीबारी में दोषी 8 Antifa सदस्यों को BBC ने अपनी रिपोर्ट में बताया प्रदर्शनकारी।

बऊबाजार ब्लास्ट के ‘मास्टरमाइंड’ की रिहाई पर SC की रोक, कोलकाता में ‘हिंदुओं को मारना’ चाहता था राशिद खान: पढ़ें- कैसे ममता सरकार ने...

बऊबाजार विस्फोट के दोषी राशिद खान की रिहाई फिलहाल रुकी, सुप्रीम कोर्ट अब दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश की समीक्षा करेगा।
- विज्ञापन -