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जिस राम मंदिर झाँकी को किसान दंगाइयों ने तोड़ डाला, उसे प्रथम पुरस्कार: 17 राज्यों ने लिया था हिस्सा

पहली बार राजपथ पर भगवान श्रीराम की झाँकी निकली। पहली बार भव्य राम मंदिर के मॉडल को झाँकी में दर्शाया गया। और पहली बार में ही राम मंदिर के मॉडल वाली झाँकी को पहला स्थान भी मिला।

26 जनवरी को राजपथ पर झाँकी निकलती है। इस साल भी निकली। कई मायनों में झाँकियों की यह परेड अपने आप में पहली थी। पहली बार राजपथ पर भगवान श्रीराम की झाँकी निकली। पहली बार भव्य राम मंदिर के मॉडल को झाँकी में दर्शाया गया। और पहली बार में ही राम मंदिर के मॉडल वाली झाँकी को पहला स्थान भी मिला।

कुल 17 राज्यों और केंद्र शाषित प्रदेशों की अलग-अलग थीम वाली झाँकियों ने 26 जनवरी को राजपथ की परेड में हिस्सा लिया था। इनमें से उत्तर प्रदेश की ओर से आए भव्य राम मंदिर के मॉडल को प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार (28 जनवरी 2021) को राजपथ पर शामिल हुए विभिन्न राज्यों की झाँकियों को पुरस्कृत करेंगे। भव्य राम मंदिर के मॉडल थीम पर उत्तर प्रदेश की जो झाँकी थी, उसमें सबसे आगे महर्षि वाल्मिकी को रामायण की रचना करते दिखाया गया था। उनके पीछे राम मंदिर का मॉडल था।

राम मंदिर झाँकी का सम्मान

गणतंत्र दिवस परेड के दौरान जब भव्‍य राम मंदिर वाली झाँकी राजपथ से गुजरी तो मंत्रियों सहित वहाँ मौजूद सभी लोग सम्मान में खड़े हो गए थे। तालियाँ बजा रहे थे, इसका स्‍वागत श्रद्धा से कर रहे थे। इस पूरे थीम में रामायण और दीपोत्‍सव की झलक थी।

राम मंदिर झाँकी का अपमान

गणतंत्र दिवस के मौके पर ‘किसान’ दंगाइयों ने तिरंगा के अपमान के साथ ही राम मंदिर और केदारनाथ मंदिर को निशाना बनाते हुए राम मंदिर की झाँकी के कुछ हिस्सों को तोड़ दिया। दंगाइयों ने अयोध्या श्रीराम मंदिर की झाँकी के लिए बनाए गए राम मंदिर के गुम्बद को निशाना बनाकर उसे तोड़ डाला। दंगाइयों ने सुरक्षाकर्मियों के सामने ही केदारनाथ मंदिर की झाँकी को निशाना बनाया और राम मंदिर की प्रतिमा के ऊपर के गुम्बद को तोड़ दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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