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2023 तक दर्शनार्थियों के लिए खुल जाएगा राम मंदिर, निर्माण के लिए मिला ₹3000 करोड़ का दान

राम मंदिर परिसर के निर्माण पर लगभग 1000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। लेकिन, राम मंदिर ट्रस्ट को दान के रूप में अभी तक लगभग 3000 करोड़ रुपए प्राप्त हो चुके हैं।

राम मंदिर के पूरे परिसर का निर्माण भले ही 2025 तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए खुशी की बात ये है कि वो दिसंबर 2023 से ही राम मंदिर में पूजा शुरू कर सकेंगे। मंदिर परिसर में ही म्यूजियम, डिजिटल आर्काइव और एक रिसर्च सेंटर भी स्थापित किया जाएगा। म्यूजियम और आर्काइव के माध्य से लोग अयोध्या और राम मंदिर के इतिहास के बारे में जान सकेंगे। इसके अलावा हिंदू संस्कृति के बारे में भी बताया जाएगा। 

2025 तक भव्य राम मंदिर बनकर पूरा तैयार हो जाएगा। गर्भ गृह में भगवान राम अपने बाल रूप में विराजमान होंगे लेकिन पहली मंजिल पर राम का दरबार होगा। जिसमें श्रीराम के साथ माता सीता भी विराजमान रहेंगी। 15 सितम्बर तक राम मंदिर के प्लिंथ से पहले तक का काम पूरा हो जाएगा। पूरा परिसर 110 एकड़ का होगा। राम मंदिर परिसर का मुख्य मंदिर पूरी तरह से स्टोन का बनेगा।

राम मंदिर परिसर के निर्माण पर लगभग 1000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। राम मंदिर ट्रस्ट को दान के रूप में अभी तक लगभग 3000 करोड़ रुपए प्राप्त हो चुके हैं। राम मंदिर निर्माण में स्टील का इस्तेमाल नहीं होगा। मंदिर में स्टील की जगह कॉपर का इस्तेमाल किया जाएगा। कार सेवक पुरम में तराशे गए पत्थरों में से 70 फीसदी का इस्तेमाल होगा। बाकी पत्थर राजस्थान के बंशी पहाड़पुर से मँगाए जाएँगे।

CM योगी आदित्यनाथ जाएँगे अयोध्या, PM मोदी कर सकते हैं संबोधित

बता दें कि गुरुवार (5 अगस्त, 2021) को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शुरुआत हुए एक साल पूरा हो रहा है। इस मौके पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या का दौरा करेंगे। बताया जा रहा है कि इस इवेंट को पीएम नरेंद्र मोदी भी वर्चुअली संबोधित कर सकते हैं।

5 अगस्त, 2020 को पीएम मोदी ने किया था भूमि पूजन

बीते साल कोरोना पाबंदियों के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया था। अयोध्या में आयोजित सरकारी कार्यक्रम के तहत 100 से अधिक लोगों को पीएम गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना का लाभ दिया जाएगा। इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में योजना के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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