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मनचले युवक बुलवाने गए थे ‘जय श्री राम’, ‘ताऊ’ ने सुना दी रामायण की पूरी चौपाई

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुँच गई और मामले की जाँच शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि कार सवार युवकों की तलाश की जा रही है।

जय श्री राम का नारा सुनकर जबसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी असहज महसूस होनी शुरू हुई हैं, कुछ मनचले युवकों ने इसका बहाना बना लिया है। लेकिन ये शरारत उस वक़्त महँगी पड़ गई जब एक बुजुर्ग ने जय श्री राम तो नहीं कहा लेकिन पूरी चौपाई ही युवकों को सुनाकर ‘ट्रोल’ कर दिया। ये सुनकर युवक वहाँ से चुपचाप खिसक लिए।

सोमवार (जुलाई 01, 2019) को झारखंड के जामताड़ा से एक ऐसा मामला सामने आया है। आज तक की एक रिपोर्ट के अनुसार, कुछ युवकों ने एक बुजुर्ग फल विक्रेता से जबरन जय श्री राम का नारा लगाने के लिए दबाव डाला। लेकिन दबाव डालने वाले उस समय हैरान रह गए जब उसने रामायण की चौपाई ही सुना दी। इसके बाद जबरन जय श्री राम का नारा लगवाने वाले युवकों के होश उड़ गए।

फल विक्रेता का ठेला हटवाना चाहते थे युवक

बुजुर्ग का नाम मोहनलाल है। रिपोर्ट्स के अनुसार युवकों ने मोहनलाल को दूसरे समुदाय का समझकर उनसे नारे लगाने को कहा। बुजुर्ग का कहना है कि युवकों ने कार से उतरकर पहले ठेले को हटाने के लिए कहा इसके बाद ‘जय श्री राम’ बोलने को कहा।

युवकों की इस फरमाइश पर मोहनलाल ने उन युवकों को रामायण की चौपाई सुना दी। बुजुर्ग ने कहा- “बैर न कर काहू सन कोई, राम प्रताप विषमता खोई।” चौपाई सुनते ही युवकों के होश उड़ गए और इसके बाद जब वहाँ भीड़ जुटने लगी, तो युवक वहाँ से भाग खड़े हुए। देखा जाए तो ‘जय श्री राम’ बुलवाने वालों के लिए फल विक्रेता मोहनलाल एक अच्छा सबक हैं।

इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुँच गई और मामले की जाँच शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि कार सवार युवकों की तलाश की जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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