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दो से अधिक बच्चे होने पर मताधिकार व सरकारी नौकरी नहीं दी जानी चाहिए: योग गुरु रामदेव

"हिंदू हों या मुस्लिम सभी लोगों के लिए ऐसे नियम बनाने की ज़रूरत है कि दो से अधिक बच्चे होने पर लोगों को सरकारी मेडिकल के साथ ही साथ मताधिकार व सरकारी नौकरी की सुविधाएँ नहीं दी जानी चाहिए।"

देश की बढ़ती जनसंख्या पर योग गुरु रामदेव स्वामी ने एक बड़ा बयान दिया है। रामदेव स्वामी ने बढ़ती जनसंख्या पर चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा कि जिनके दो या दो से अधिक बच्चे हों, उन सभी लोगों को मताधिकार और सरकारी नौकरी नहीं दी जानी चाहिए।

देश की बढ़ती जनसंख्या पर अपने विचार रखते हुए एक कार्यक्रम में योग गुरु रामदेव ने यह बयान दिया। योग गुरु रामदेव ने वर्तमान समय में जनसंख्या को देश की बड़ी चुनौती बताते हुए कहा, “हिंदू हों या मुस्लिम सभी लोगों के लिए ऐसे नियम बनाने की ज़रूरत है कि दो से अधिक बच्चे होने पर लोगों को सरकारी मेडिकल के साथ ही साथ मताधिकार व सरकारी नौकरी की सुविधाएँ नहीं दी जानी चाहिए।” योग गुरु रामदेव ने यह भी कहा कि ऐसे लोगों से चुनाव लड़ने के अधिकार भी छिन लिया जाना चाहिए।

इससे पहले भी इस मुद्दे पर बोल चुके हैं रामदेव

यह पहली बार नहीं है जब किसी कार्यक्रम में जनसंख्या के मुद्दे पर योग गुरु ने इस तरह का बयान दिया है। इससे पहले भी जनसंख्या के मामले में योग गुरु बयान देते रहे हैं। पिछले साल नवंबर में योग गुरु ने जनसंख्या पर बयान दिया था कि जिन्होंने शादी नहीं की है, ऐसे लोगों के सम्मानित किया जाना चाहिए। इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि मेरे जैसे लोग जिन्होंने शादी नहीं की है, ऐसे लोगों को सरकार द्वारा सम्मानित किया जाना चाहिए। जबकि जिनके दो से अधिक बच्चे हैं, उनको मताधिकार से वंचित कर देना चाहिए।    

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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