Sunday, October 17, 2021
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बेटों ने अपनाया ईसाई धर्म तो पिता ने संपत्ति से बेदखल कर थाने में दर्ज कराया मुकदमा, कहा- नहीं देंगे फूटी कौड़ी

धर्म परिवर्तन करने वाले बेटों के पिता ने एक स्वर में धर्म परिवर्तन करने पर उन्हें संपत्ति से बेदखल करने की चेतावनी दे थी। साथ ही विवाद बढ़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों को शांत करा दिया, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ और इसके बाद ही 23 सदस्यों के साथ हिदू से ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया।

झारखंड मे लगातार बढ़ रही धर्म परिवर्तन की घटनाओं के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद, झारखंड ने अभियान चलाया हुआ है। एक बार फिर झारखंड में लातेहार के एक गाँव से धर्म परिवर्तन की खबर सामने आई है, जहाँ के पाँच युवकों ने 23 सदस्यों के साथ अपने पिता के विरोध के बाद भी धर्म परिवर्तन कर लिया। इसकी जानकारी मिलते ही पिता ने अब अपने बेटों को संपत्ति से बेदखल करते हुए थाने में धर्म परिरवर्तन कराने वाले के खिलाफ में मुकदमा दर्ज कराया है।

इससे पहले धर्म परिवर्तन करने वाले बेटों के पिता ने एक स्वर में धर्म परिवर्तन करने पर उन्हें संपत्ति से बेदखल करने की चेतावनी दे थी। साथ ही विवाद बढ़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों को शांत करा दिया, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ और इसके बाद ही 23 सदस्यों के साथ हिदू से ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया।

जागरण की खबर के मुताबिर 5 जुलाई को झारखंड के लातेहार जिले के कुलगड़ा गाँव में अनुसूचित जा‍ति के 5 लोग, रंजीत भुइयां पुत्र शंकर भुइयां, लल्लू भुइयां पुत्र करीमन भुइयां, जोगिंद्र भुइयां पुत्र लंगरू भुइयां, राजेंद्र भुइयां व सीटू भुइयां अपने परिवार के साथ धर्म परिवर्तन करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन आखिर समय में जब इसकी जानकारी इन लोगों के पिता को हुई तो उन्होंने धर्मांतरण नहीं करने और अपने पूर्वजों को नहीं छोड़ने की अपील की, लेकिन इसके बाद भी वे नहीं माने तो उन्होंने अपने बच्चों से धर्म बदलने पर अपनी संपत्ती से बेदखल करने की चेतावनी दे डाली।

इसके बाद बाप-बेटों के बीच विवाद गहरा गया और मामले को सुलझाने पहले गाँव में 5 जुलाई को पंचायत बुलाई गई। जब बैठक में कोई हल नहीं निकला तो मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी, लेकिन इसके बाद भी लोग अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करने की बात पर अड़े रहे।

वहीं धर्म परिवर्तन की तैयारी करने वाले लोगों के पिता का आरोप है कि भूसुर गाँव के एक व्यक्ति द्वारा हमारे बटों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। इसलिए हमने निर्णय लिया है कि यदि हमारे बेटे ने धर्म परिवर्तन किया तो उन्हें पैतृक संपत्ति से बेदखल कर दिया जाएगा।

सूचना पर गाँव पहुँची पुलिस ने दोनों ओर से पूरा मामला सुनने के बाद सभी से कानून को हाथ में नहीं लेने की बात करते हुए कहा कि अगर किसी को कोई तकलीफ है तो न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लें। इसके बाद पुलिस दोनों पक्षों को समझाकर वापस लौट गई।

अब विश्व हिंदू परिषद पलामू, गुमला विभाग के संगठन मंत्री कन्हैयालाल के मुताबिक कुल मिलाकर पाँच युवकों के साथ उनकी पत्नी और उनके बच्चे सहित कुल 23 हिंदू सदस्यों ने अपने पिता के विरोध के बाद भी क्रिश्चियन धर्म अपना लिया है। इसके बाद पिता शंकर भुईयां ने लातिहार सदर थाने में धर्म परिवर्तन कराने वाले आर्सेल तिर्की के खिलाफ में जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है और साथ ही पूर्व में दी गई चेतावनी के अनुसार बेटों को संपत्ति से बेदखल करने की तैयारी में लग गए हैं।

पिता शंकर भुईयां द्वारा थाने में दर्ज कराई शिकायत की कॉपी

इससे पहले झारखंड धनबाद झरिया पुनर्वास के नाम पर दो दर्जन परिवारों का धर्म परिवर्तन कर उन्हें ईसाई बना दिया गया। ये मामला सामने आने के बाद हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने इसका जमकर विरोध किया और प्रशासन को शिकायत दर्ज कराई थी।

दरअसल, 22 जून को झरिया के विस्थापितों के लिए झरिया विहार के नाम से बसाए गए बेलगड़िया टाउनशिप में धर्म परिवर्तन को लेकर जमकर बवाल हुआ था। स्थानीय लोगों ने यहाँ नवनिर्मित चर्च को घेर घंटों हंगामा किया। चर्च के ऊपर लगे धार्मिक चिन्ह (क्रॉस) को भी लोगों ने तोड़ दिया था।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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